Home देश क्या गोवा में 16 साल से कम बच्चों पर सोशल मीडिया बैन लगेगा?
देशगोवा

क्या गोवा में 16 साल से कम बच्चों पर सोशल मीडिया बैन लगेगा?

Share
Goa social media ban under 16
Share

गोवा IT मंत्री रोहन खांटे ने कहा सरकार 16 साल से कम बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक की संभावना देख रही। डिजिटल एडिक्शन, साइबर बुलिंग से चिंता। टास्क फोर्स बनेगी।

डिजिटल एडिक्शन खत्म होगा? गोवा सरकार बच्चों के लिए नया नियम सोच रही

गोवा सरकार बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध की संभावना देख रही: IT मंत्री

गोवा के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रोहन खांटे ने 16 फरवरी को कहा कि राज्य सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की संभावना का अध्ययन कर रही है। डिजिटल एडिक्शन, साइबर बुलिंग, उम्र के अनुपयुक्त कंटेंट, चिंता, डिप्रेशन और पर्सनल डेटा दुरुपयोग जैसे खतरे बढ़ रहे हैं। खांटे ने कहा 16 साल बहुत कोमल उम्र है जब बच्चे पढ़ाई और विकास पर फोकस करें। पैरेंट्स से शिकायतें आ रही हैं। सरकार जल्द एक टास्क फोर्स बनाएगी। इसमें एकेडेमिया, PTA, इंडस्ट्री और सरकारी प्रतिनिधि होंगे।

टास्क फोर्स बनेगी: पॉलिसी फ्रेमवर्क की सिफारिश करेगी

टास्क फोर्स मुद्दे का गहराई से अध्ययन करेगी और पॉलिसी फ्रेमवर्क सुझाएगी। खांटे ने कहा कोई जल्दबाजी नहीं, सेंट्रल कानूनों जैसे IT एक्ट के साथ तालमेल रखना होगा। उद्देश्य बच्चों को खतरे से बचाना लेकिन एजुकेशनल डिजिटल टूल्स पर रोक नहीं। ऑस्ट्रेलिया के मॉडल का हवाला दिया जहां 16 साल से कम के लिए बैन है। वहां प्लेटफॉर्म्स पर भारी फाइन लग सकता है। भारत में भी स्ट्रक्चर्ड तरीके से विचार हो। खांटे ने कहा पैरेंट्स, एकेडेमिया से इनपुट लेंगे।

ऑस्ट्रेलिया का मॉडल: 16 साल से कम बैन, गोवा क्या करेगा?

ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया में पहली बार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन कर दिया। प्लेटफॉर्म्स को अकाउंट डिएक्टिवेट करने होंगे। उम्र वेरिफिकेशन जरूरी। फाइन 50 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर तक। गोवा IT मंत्री ने इसे उदाहरण बताया। गोवा में भी इसी तरह की पॉलिसी बन सकती है लेकिन सेंट्रल फ्रेमवर्क के साथ। खांटे ने कहा कंसल्टेटिव अप्रोच जरूरी। एजुकेशनल टूल्स प्रभावित नहीं होंगे।

भारत में बच्चों के लिए सोशल मीडिया नियम क्या हैं?

भारत में अभी सोशल मीडिया के लिए फिक्स्ड मिनिमम उम्र नहीं लेकिन डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP) 2023 के तहत 18 साल से कम के बच्चों का पर्सनल डेटा प्रोसेस करने के लिए वेरिफायबल पैरेंटल कंसेंट जरूरी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स डेटा फिड्यूशरी हैं इसलिए यह अप्रत्यक्ष रूप से उम्र बैरियर बनाता है। COPPA (US) की तरह 13 साल से कम पर पैरेंट कंसेंट। EU GDPR में 16 साल डिफॉल्ट लेकिन 13 तक कम कर सकते हैं। भारत में माइनर्स को पैरेंट कंसेंट के बिना एक्सेस मुश्किल लेकिन फ्रॉड से हो सकता है।

डिजिटल एडिक्शन और खतरे: क्यों जरूरी कदम?

मंत्री ने कहा बच्चे डिजिटल एडिक्शन में फंस रहे। उम्र के अनुपयुक्त कंटेंट, साइबर बुलिंग, एंग्जायटी, डिप्रेशन बढ़ रहे। पर्सनल डेटा मिसयूज। पैरेंट्स शिकायत कर रहे। 16 साल से कम बच्चे पढ़ाई, खेल पर फोकस करें। सोशल मीडिया डिजाइन लंबा स्क्रीन टाइम बढ़ाने के लिए होता। गोवा में PTA से शिकायतें। टास्क फोर्स इन जोखिमों का मूल्यांकन करेगी। सुरक्षित डिजिटल एनवायरनमेंट बनाना लक्ष्य।

गोवा में पैरेंट्स और PTA की मांग: सख्ती बढ़े

गोवा में पैरेंट्स सोशल मीडिया के खतरों से चिंतित। PTA ने मिनिस्टर से मिलकर शिकायत की। बच्चे डिस्ट्रैक्ट हो रहे, सोशल इम्प्लिकेशंस। गोवा IT मंत्री ने कहा हम सुन रहे। टास्क फोर्स में PTA शामिल। इंडस्ट्री, एकेडेमिया से सुझाव। केंद्रीय IT मिनिस्ट्री से तालमेल। एजुकेशनल प्लेटफॉर्म्स सुरक्षित रहेंगे। पैरेंट्स खुश लेकिन इंप्लीमेंटेशन पर सवाल।

भारत में अन्य राज्य: क्या गोवा अकेला?

गोवा पहला राज्य नहीं। आंध्र प्रदेश ने भी इसी तरह की योजना सोची। केंद्रीय स्तर पर डिबेट चल रही। DPDP एक्ट पैरेंट कंसेंट पर जोर। लेकिन गोवा जैसे बैन पर विचार। ASCI गाइडलाइंस एज-अप्रोप्रिएट ऐड्स के लिए। गेमिंग रेगुलेशंस में उम्र क्लासिफिकेशन। भारत को कॉम्प्रिहेंसिव फ्रेमवर्क चाहिए। गोवा का कदम अन्य राज्यों के लिए उदाहरण।

टास्क फोर्स क्या करेगी: सुझाव और चुनौतियाँ

टास्क फोर्स मुद्दे का अध्ययन करेगी। उम्र वेरिफिकेशन कैसे? प्लेटफॉर्म्स पर फाइन। IT एक्ट के साथ तालमेल। एजुकेशनल vs सोशल मीडिया डिफरेंशिएट। पैरेंट्स इनपुट। चुनौतियाँ – एज फेकिंग, VPN, पैरेंट कंसेंट फ्रॉड। गोवा छोटा राज्य लेकिन पायलट बन सकता। मिनिस्टर ने कहा सुरक्षित डिजिटल स्पेस। रिपोर्ट आने पर फैसला।​

FAQs (Hindi)

  1. प्रश्न: गोवा सरकार क्या सोच रही?
    उत्तर: IT मंत्री रोहन खांटे ने कहा 16 साल से कम बच्चों के सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की संभावना अध्ययन कर रही, टास्क फोर्स बनेगी।
  2. प्रश्न: क्यों यह कदम?
    उत्तर: डिजिटल एडिक्शन, साइबर बुलिंग, उम्र के अनुपयुक्त कंटेंट, डिप्रेशन, डेटा मिसयूज से पैरेंट्स शिकायत।
  3. प्रश्न: ऑस्ट्रेलिया में क्या है?
    उत्तर: 16 साल से कम बैन, प्लेटफॉर्म्स को अकाउंट डिएक्टिवेट करने होंगे, 50 मिलियन डॉलर फाइन।
  4. प्रश्न: भारत में नियम क्या?
    उत्तर: DPDP एक्ट से 18 साल से कम के लिए पैरेंट कंसेंट जरूरी, फिक्स्ड उम्र बैन नहीं।
  5. प्रश्न: टास्क फोर्स में कौन?
    उत्तर: एकेडेमिया, PTA, इंडस्ट्री, सरकारी प्रतिनिधि; पॉलिसी सुझाएगी, IT एक्ट के साथ तालमेल।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

मोदी ने मैक्रॉन को बताया AI, मिनरल्स का नया पार्टनरशिप

PM मोदी ने मुंबई में मैक्रॉन के साथ बातचीत कर कहा फ्रांस...

क्या Macron–मोदी मीटिंग से राफेल डील पक्की? मुंबई वार्ता में 20 एग्रीमेंट्स का राज

PM मोदी ने मुंबई के लोक भवन में फ्रांस प्रेसिडेंट मैक्रॉं से...

वकील AI से याचिका ड्राफ्ट कर रहे, सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कहा ‘बिल्कुल गलत’?

सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के AI से याचिकाएं ड्राफ्ट करने के चलन...

क्या राहुल गांधी के खिलाफ नया अविश्वास प्रस्ताव? BJP ने बताया सहयोगी भी भाग रहे

BJP के शहजाद पूनावाला ने कहा राहुल गांधी के न तो जनता...