गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हस्साबिस ने नई दिल्ली के AI इम्पैक्ट समिट में कहा कि AI भारत के युवाओं के लिए भारी अवसर लाएगा। स्टूडेंट्स AI टूल्स में प्रवीण बनें। AGI अभी दूर, लेकिन बायो–साइबर रिस्क्स के लिए गार्डरेल्स जरूरी।
डीपमाइंड CEO: भारत के युवाओं के लिए AI में ‘भारी अवसर’, स्टूडेंट्स AI टूल्स में प्रोफिशिएंट बनें
गूगल डीपमाइंड CEO का भारत के युवाओं को AI का सुनहरा संदेश
18 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट के तीसरे दिन गूगल डीपमाइंड के CEO डेमिस हस्साबिस ने भारत के युवाओं को सीधा संदेश दिया – AI तेजी से बढ़ता उद्योग भारत के लिए “भारी अवसर” ला रहा है और आपके पास “दुनिया के सारे टूल्स” उपलब्ध हैं। उन्होंने स्टूडेंट्स को सलाह दी कि AI टूल्स में प्रवीणता हासिल करें।
हस्साबिस ने भारत की ऊर्जा से प्रभावित होकर कहा कि पिछले एक दशक में AI में जो प्रगति हुई है, वह कमाल की है और यह समिट “क्रूशियल टाइम” पर आया है। समिट 16 फरवरी से 20 फरवरी तक चल रहा है।
AGI अभी दूर: चुनौतियां बरकरार
हस्साबिस ने साफ किया कि आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) अभी “वहां नहीं पहुंचा” है। कई चीजें अभी भी AI सिस्टम्स नहीं कर पाते। मुख्य चुनौतियां:
– कंटीन्यूड लर्निंग (लगातार सीखना)।
– लॉन्ग-टर्म प्लानिंग में कठिनाई।
– कंसिस्टेंसी की कमी – सिस्टम्स इंटरनेशनल मैथ ओलंपियाड मेडल जीत लेते हैं लेकिन एलीमेंट्री मैथ में गलती कर बैठते हैं।
उन्होंने इसे “jagged” (अनियमित) प्रोग्रेस कहा।
भारत का AI रोल: एनर्जी और टूल्स का फायदा
हस्साबिस ने भारत की “इनक्रेडिबली इम्प्रेसिव एनर्जी” की तारीफ की। उनका मानना है कि भारत के युवा AI टूल्स का भरपूर इस्तेमाल कर दुनिया में लीड कर सकते हैं। स्टूडेंट्स को “lean in” यानी पूरी ताकत लगाकर AI में महारत हासिल करने की सलाह।
AI इतिहास की सबसे ट्रांसफॉर्मेटिव टेक्नोलॉजी
हस्साबिस ने कहा कि AI मानव इतिहास की सबसे बदलावकारी तकनीक होगी। इसके रिस्क मिटिगेट करने के लिए इंटरनेशनल कोऑपरेशन जरूरी। ऐसे ग्लोबल समिट महत्वपूर्ण हैं।
ब्रेन से इंस्पायर्ड AI: हस्साबिस का सफर
डीपमाइंड के को-फाउंडर ने बताया कि AI डेवलपमेंट की शुरुआत उन्होंने “ब्रेन से इंस्पिरेशन” लेकर की। ब्रेन के वर्किंग को समझकर AI मॉडल्स बनाए गए।
बैड एक्टर्स और रिस्क्स: गार्डरेल्स जरूरी
हस्साबिस ने चेतावनी दी कि AI का दुरुपयोग “बैड एक्टर्स” कर सकते हैं। एजेंटिक एरा (AI एजेंट्स का दौर) में गार्डरेल्स (सुरक्षा रेलिंग्स) लगाना जरूरी। खास चिंता:
– बायो रिस्क्स (जैविक खतरे)।
– साइबर रिस्क्स (साइबर हमले)।
ऐसे में ग्लोबल समिट्स और कोऑपरेशन जरूरी।
AI इम्पैक्ट समिट का महत्व
5-दिन का यह समिट AI के फ्यूचर पर चर्चा के लिए आयोजित। हस्साबिस ने इसे समयानुकूल बताया। भारत जैसे देशों में AI एडॉप्शन तेज।
भारत के लिए अवसर: युवा पावर
भारत के पास युवा आबादी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर (UPI, Aadhaar) और टैलेंट पूल है। हस्साबिस का मैसेज साफ – AI टूल्स (ChatGPT, Gemini, AlphaFold जैसे) फ्री/कम लागत में उपलब्ध, अब स्किलिंग पर फोकस।
| चुनौती | हस्साबिस का कमेंट |
|---|---|
| AGI | “Not there yet” |
| लर्निंग | Continued learning needed |
| प्लानिंग | Long-term planning difficulty |
| कंसिस्टेंसी | Olympiad medal but elementary math errors |
5 FAQs
- डीपमाइंड CEO ने भारत के युवाओं को क्या सलाह दी?
AI टूल्स में प्रवीण बनें, क्योंकि आपके पास दुनिया के सारे टूल्स हैं और AI भारत के लिए भारी अवसर ला रहा है। - AGI क्या स्थिति में है?
हस्साबिस के अनुसार, AGI अभी नहीं पहुंचा; कंटीन्यूड लर्निंग, लॉन्ग-टर्म प्लानिंग और कंसिस्टेंसी में चुनौतियां बाकी। - AI के रिस्क्स क्या बताए?
बैड एक्टर्स का दुरुपयोग, बायो और साइबर रिस्क्स; इसके लिए गार्डरेल्स और इंटरनेशनल कोऑपरेशन जरूरी। - AI इम्पैक्ट समिट कब और कहां?
16-20 फरवरी 2026, नई दिल्ली। - हस्साबिस का AI डेवलपमेंट इंस्पिरेशन क्या?
मानव ब्रेन से।
- AGI not yet continued learning challenges
- AI brain inspiration DeepMind
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