तेलंगाना फोन टैपिंग केस में SIT ने पूर्व CM KCR को तीसरा नोटिस जारी किया। मुश्किल चुनाव ड्यूटी का बहाना ठुकराया, अब 1 फरवरी को हैदराबाद हाउस पर पूछताछ। KTR, हरीश राव पूछे गए, SIB अफसरों का कबूलनामा, 350+ पीड़ित, इलेक्टोरल बॉन्ड लिंक और BRS सरकार के राज़ – पूरी जांच, समयरेखा और राजनीतिक मायने सरल हिंदी में।
KCR पर SIT का तीसरा नोटिस: फोन टैपिंग घोटाले का राज़ खुलेगा या राजनीतिक ड्रामा चलेगा?
फोन टैपिंग केस में KCR को SIT का तीसरा नोटिस: हैदराबाद हाउस पर पूछताछ तय
तेलंगाना की राजनीति में फोन टैपिंग का मामला फिर गरम हो गया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने पूर्व मुख्यमंत्री और बीआरएस चीफ के चंद्रशेखर राव (KCR) को तीसरा नोटिस जारी किया है। KCR ने म्युनिसिपल इलेक्शन ड्यूटी का हवाला देकर पूछताछ टालने की गुजारिश की थी, लेकिन SIT ने इसे ठुकरा दिया। अब 1 फरवरी दोपहर को KCR के हैदराबाद निवास पर ही पूछताछ होगी।
यह केस बीआरएस सरकार (2014–2023) के दौरान स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (SIB) के अफसरों द्वारा अवैध फोन टैपिंग का है। पॉलिटिशियन, जज, पत्रकार, बिजनेसमैन – सैकड़ों लोगों के फोन टैप किए गए। SIT का दावा है कि KCR के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर निगरानी रखी गई।
KCR के बेटे KTR और भतीजे हरीश राव पहले ही पूछताछ में बैठ चुके हैं। पूर्व SIB चीफ प्रभाकर राव जैसे मुख्य आरोपी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सरेंडर कर चुके। आइए इस पूरे घोटाले को स्टेप बाय स्टेप समझें।
केस की शुरुआत: मार्च 2024 का बड़ा खुलासा
दिसंबर 2023 में कांग्रेस सरकार बनी। जनवरी–मार्च 2024 में खुलासा हुआ कि बीआरएस राज में SIB ने बड़े स्तर पर फोन टैपिंग की। पूर्व DCP पी. राधाकृष्ण राव ने आरोप लगाया कि यह KCR के राजनीतिक दुश्मनों पर नजर रखने के लिए किया गया।
SIT ने पंजगुट्टा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया। मुख्य आरोपी:
- टी. प्रभाकर राव (पूर्व SIB चीफ, रिटायर्ड IGP)
- DSP प्रणीत राव और अन्य SIB अफसर
SIT का कहना: SIB के दो कमरों में 17 कंप्यूटर्स से ‘स्पेशल ऑपरेशंस टीम’ (SOT) चल रही थी। झूठे बहाने बनाकर टैपिंग की मंजूरी ली गई – जैसे “टेररिस्ट या माओइस्ट नंबर” बताकर।
दिसंबर 2023 में चुनाव नतीजों के एक दिन बाद CCTV बंद कर हार्ड डिस्क डिलीट की गईं। SIT ने 350+ पीड़ितों से बात की।
पूछताछ का सिलसिला: KCR फैमिली पर फोकस
SIT ने अब तक कई बीआरएस लीडर्स को बुलाया:
- जनवरी 2026: KTR (पूर्व मंत्री, बीआरएस वर्किंग प्रेसिडेंट) को 8 घंटे पूछताछ। इलेक्टोरल बॉन्ड्स से फंडिंग पर फोकस।
- जनवरी 2026: टी. हरीश राव (पूर्व मंत्री, सिद्दीपेट MLA, KCR भतीजा) को पूछताछ। SIT ने उनके फोन टैपिंग के सबूत दिखाए। हरीश खुद विक्टिम भी थे, लेकिन आरोपी अफसरों से जुड़े थे।
- जनवरी 2026: जे. संतोष राव (पूर्व MP, KCR दूसरा भतीजा) को भी बुलाया।
KCR को पहला नोटिस जनवरी 2026 में मिला। उन्होंने कहा – “समय दो, सहयोग करूँगा।” दूसरा नोटिस 29 जनवरी को – 30 जनवरी दोपहर 3 बजे पेश हो। KCR ने एर्रावल्ली फार्महाउस पर पूछताछ का सुझाव दिया, म्युनिसिपल इलेक्शन ड्यूटी का बहाना बनाया। SIT ने मना कर दिया।
तीसरा नोटिस: 1 फरवरी दोपहर को हैदराबाद हाउस पर ही पूछताछ। KCR ने अभी जवाब नहीं दिया।
मुख्य आरोपी प्रभाकर राव: सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2026 तक प्रोटेक्शन दिया।
टैपिंग का पैटर्न: किस–किस पर नजर?
SIT के मुताबिक 600+ फोन टैप हुए:
- राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी (कांग्रेस, BJP लीडर्स जैसे रेवंत रेड्डी)
- जज (हाई कोर्ट जस्टिस सरथ कजा का मूवमेंट ट्रैक)
- पत्रकार, टॉलीवुड एक्टर्स, बिजनेसमैन
- इलेक्टोरल बॉन्ड्स लिंक: एक बिजनेसमैन पर दबाव डालकर बीआरएस को 13 करोड़ के बॉन्ड्स दिलवाए।
SIB ने रिव्यू कमिटी को गुमराह किया। 4 अफसरों ने कबूल किया कि आधिकारिक आदेश पर टैपिंग हुई।
KCR सरकार पर आरोप: SIB को KCR के प्रॉक्सी की तरह यूज़ किया। हरीश राव पर भी कबूलनामा – उनके फोन टैप हुए, लेकिन वो मुख्य लोगों से जुड़े थे। प्रोफेसर कुर्पाटी वेंकट नारायण जैसे एनालिस्ट कहते हैं – KCR ने KTR को ऊपर चढ़ाने के लिए कविता और हरीश के फोन भी टैप करवाए।
राजनीतिक रिएक्शन: बीआरएस vs कांग्रेस
बीआरएस इसे “राजनीतिक बदला” बता रही। KTR–हरीश ने डायवर्जन की कोशिश की। कांग्रेस नेता सामा रममोहन रेड्डी ने कहा – बीआरएस लीडर्स जांच से ध्यान भटका रहे।
कांग्रेस का आरोप: बीआरएस ने तीसरी बार जीत के लिए साजिश रची। SIT का कहना – SIB का एक गिरोह बीआरएस लीडर्स की सेवा में लगा था।
कानूनी स्टेटस: SIT ने IPDR (कॉल डिटेल्स) अवैध एक्सेस के सबूत जुटाए। इलेक्टोरल बॉन्ड्स से मनी एक्सटॉर्शन का लिंक।
KCR के लिए क्या खतरा?
पूछताछ में SIT ये सवाल पूछ सकती है:
- क्या आप टैपिंग से अवगत थे?
- SIB अफसरों से आपके संपर्क?
- इलेक्टोरल बॉन्ड्स या फंडिंग में रोल?
- प्रतिद्वंद्वियों पर निगरानी का फायदा?
अगर KCR इन पर सफाई देते हैं, तो केस कमजोर हो सकता। लेकिन अगर सबूत मजबूत निकले, तो बीआरएस पर बड़ा झटका।
म्युनिसिपल इलेक्शन कनेक्शन: KCR का बहाना क्यों?
KCR ने कहा – “म्युनिसिपल इलेक्शन ड्यूटी व्यस्त है। CrPC 160 के तहत कोई और तारीख तय करें।” SIT ने कहा – घर पर ही आते हैं।
एनालिस्ट्स का मानना – KCR बीआरएस को संभालने में लगे हैं। इलेक्शन में अच्छा प्रदर्शन कर के केस को कमजोर करने की कोशिश।
SIT की स्ट्रेटेजी: सबूतों पर फोकस
SIT ने:
- 350+ विक्टिम्स से स्टेटमेंट
- हार्ड डिस्क रिकवरी ट्राई
- कॉल रिकॉर्ड्स, चैट्स सबूत
4 अफसर बेल पर, लेकिन प्रभाकर राव प्रोटेक्शन में।
केस का भविष्य: क्या होगा KCR पर?
अभी पूछताछ स्टेज। अगर सबूत मजबूत, तो चार्जशीट। BRS इसे “वेंडेटा” बता रही। तेलंगाना पॉलिटिक्स में यह लंबा ड्रामा चलेगा।
FAQs
प्रश्न 1: फोन टैपिंग केस में KCR को SIT का तीसरा नोटिस क्यों?
उत्तर: SIT ने KCR को 1 फरवरी दोपहर को हैदराबाद निवास पर पूछताछ के लिए बुलाया। पहले नोटिस टाला, म्युनिसिपल इलेक्शन बहाना बताया। SIT ने घर पर ही पूछताछ तय की।
प्रश्न 2: केस क्या है? कितने लोग प्रभावित?
उत्तर: बीआरएस राज में SIB ने अवैध फोन टैपिंग की। 600+ फोन – पॉलिटिशियन, जज, पत्रकार, बिजनेसमैन। SIT ने 350+ पीड़ितों से बात की।
प्रश्न 3: KTR और हरीश राव को क्या पूछा गया?
उत्तर: KTR से 8 घंटे पूछताछ, इलेक्टोरल बॉन्ड्स पर फोकस। हरीश को बताया गया कि उनका फोन भी टैप हुआ। वे विक्टिम भी, आरोपी से जुड़े भी।
प्रश्न 4: मुख्य आरोपी कौन? क्या कबूलनामा हुआ?
उत्तर: पूर्व SIB चीफ प्रभाकर राव मुख्य आरोपी। 4 अफसरों ने आधिकारिक आदेश पर टैपिंग कबूल की। हार्ड डिस्क डिलीट कीं।
प्रश्न 5: इलेक्टोरल बॉन्ड्स का लिंक क्या?
उत्तर: SIT का दावा – टैपिंग से दबाव डाल बिजनेसमैन से 13 करोड़ बॉन्ड्स बीआरएस को दिलवाए। फंडिंग और मनी एक्सटॉर्शन का कनेक्शन।
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