Home देश विलासराव देसमुख की याद ने उल्टा पड़ा BJP के चव्हाण पर: लातूर में कांग्रेस का जबरदस्त कमबैक
देशचुनावमहाराष्ट्र

विलासराव देसमुख की याद ने उल्टा पड़ा BJP के चव्हाण पर: लातूर में कांग्रेस का जबरदस्त कमबैक

Share
Latur Municipal Corporation election 2026, Congress 43 seats Latur
Share

महाराष्ट्र के लातूर म्युनिसिपल चुनाव में कांग्रेस ने 43 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के पूर्व CM विलासराव देसमुख पर विवादित बयान ने वोट उलट दिए। BJP को 22 सीटें मिलीं।

लातूर म्युनिसिपल चुनाव 2026: चव्हाण का विवादित बयान, कांग्रेस ने 43 सीटें झटक BJP को 22 पर रोका

लातूर निकाल चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत: चव्हाण के विलासराव बयान ने पलटा मैच

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में बसे लातूर शहर की लातूर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (LMC) चुनावों में कांग्रेस ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। 70 सीटों वाले इस निकाय में पार्टी को 43 सीटें मिलीं, जो पूर्ण बहुमत है। बीजेपी को महज 22 सीटें नसीब हुईं, जबकि वंचित बहुजन अघाड़ी (VBA) को 4 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 1 सीट मिली। गुरुवार को वोटिंग हुई और शुक्रवार दोपहर तक काउंटिंग पूरी हो गई। ये नतीजे 2017 के चुनावों से उलट हैं, जब बीजेपी ने 36 सीटें जीतकर कांग्रेस को 33 पर रोका था।​

लोकल राजनीतिक जानकार मानते हैं कि महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण का पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देसमुख पर दिया विवादित बयान ही हार का सबसे बड़ा कारण बना। चव्हाण ने चुनाव से कुछ दिन पहले लातूर में रैली कर कहा था कि ‘विलासराव देसमुख की यादें उनके शहर लातूर से मिट जाएंगी।’ विलासराव दो बार CM रहे और मराठवाड़ा के लोकप्रिय नेता थे, लातूर उनके गढ़। इस बयान पर पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया। विपक्षी दलों ने हमला बोला, आम नागरिकों ने सोशल मीडिया पर निंदा की। चव्हाण को माफी मांगनी पड़ी लेकिन नुकसान हो चुका था। वोटर्स ने कांग्रेस को समर्थन देकर जवाब दिया।​

विलासराव देसमुख लातूर के हीरो थे। 1945-2012 तक सक्रिय, उन्होंने लातूर को पाटल के नाम से जाना-पहचाना बनाया। CM रहते विकास कार्य कराए- साखर फैक्ट्री, इरिगेशन प्रोजेक्ट्स, एजुकेशन हब। उनकी मौत के बाद भी यादें ताजा हैं। चव्हाण का बयान स्थानीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला लगा। कांग्रेस नेताओं ने इसे भुनाया- रैलियों में विलासराव की तारीफ, बीजेपी पर हमला। नतीजा साफ दिखा।

मेयर कैंडिडेट्स का क्या हुआ? 2011 से बने LMC के पांच पूर्व मेयरों में से चार मैदान में थे। कांग्रेस की पहली मेयर स्मिता खानापुरे वार्ड 15 से हार गईं, बीजेपी प्रवक्ता प्रेरणा हॉनराव ने हराया। पूर्व मेयर विक्रांत गोजमगुंडे ने कांग्रेस छोड़ NCP जॉइन की, वार्ड 5 से 4729 वोटों से जीते। कांग्रेस के ही दीपक सुल ने वार्ड 10 से 5451 वोटों से अपनी सीट बरकरार रखी। पूर्व बीजेपी मेयर सुरेश पवार शिवसेना टिकट पर लड़े, लेकिन बीजेपी कैंडिडेट से हार गए। ये दिखाता है कि स्थानीय प्रभाव बरकरार लेकिन पार्टी लाइन बदली।​

पार्टीवार सीट बंटवारा: 2017 बनाम 2026

पार्टी2017 सीटें2026 सीटेंबदलाव
कांग्रेस3343+10
बीजेपी3622-14
VBA4+4
NCP11बराबर

लातूर का राजनीतिक बैकग्राउंड
लातूर मराठवाड़ा का प्रमुख शहर है, चीनी और कपास उद्योग केंद्र। विलासराव के जमाने में विकास तेज हुआ। 2017 में बीजेपी ने पहली बार मजबूत पकड़ बनाई लेकिन इस बार कांग्रेस ने कमबैक किया। वोटिंग प्रतिशत सामान्य रहा। महाराष्ट्र के दूसरे निकाय चुनावों में बीजेपी-महायुति आगे दिख रही लेकिन लातूर अपवाद। VBA ने दलित-ओबीसी वोट काटे।​

चव्हाण बयान का पूरा विवरण
लातूर रैली में चव्हाण बोले, ‘विलासराव की यादें मिट जाएंगी, नया अध्याय शुरू होगा।’ विपक्ष ने कहा ये अपमान। सोशल मीडिया पर #JusticeForVilasrao ट्रेंड। चव्हाण ने सफाई दी कि इरादा ठेस पहुंचाने का नहीं। लेकिन वोटर्स ने जवाब दे दिया। राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं, लोकल इमोशन्स को छेड़ना महंगा पड़ गया।

महाराष्ट्र निकाल चुनावों का ओवरव्यू
2026 के महानगरपालिका चुनाव 9 साल बाद हुए। BMC, PCMC जैसे बड़े निकायों में महायुति (बीजेपी-शिंदे शिवसेना-NCP अजित) मजबूत। लेकिन लातूर जैसे छोटे शहरों में कांग्रेस-VBA ने दबदबा दिखाया। मराठा आरक्षण, किसान मुद्दे, विकास मुख्य थे। कांग्रेस को LMC मेयर चुनने का मौका।​

कांग्रेस की रणनीति क्या थी?

  • विलासराव लegacy भुनाया।
  • घर-घर कैंपेन।
  • बीजेपी के विवादों पर फोकस।
  • युवा और महिलाओं पर जोर।
    नतीजा- बहुमत। अब मेयर चुनाव में दावा मजबूत।

बीजेपी की हार के सबक

  • लोकल सेंटिमेंट्स का सम्मान।
  • विवादित बयानों से बचें।
  • 2017 वाली लीड खिसक गई।
    राज्य अध्यक्ष चव्हाण पर सवाल उठे।

महाराष्ट्र राजनीति का भविष्य
ये छोटा चुनाव लेकिन संकेत बड़ा। विधानसभा से पहले लोकल बॉडीज ट्रेंड सेट करती हैं। कांग्रेस को बूस्ट, बीजेपी को अलर्ट। मराठवाड़ा में विलासराव फैक्टर अभी जिंदा।

लातूर LMC के प्रमुख विजेता

  • दीपक सुल (कांग्रेस, वार्ड 10): 5451 वोट।
  • विक्रांत गोजमगुंडे (NCP, वार्ड 5): 4729 मार्जिन।
  • प्रेरणा हॉनराव (बीजेपी, वार्ड 15): स्मिता को हराया।

वोटिंग और काउंटिंग

  • 15 जनवरी: वोटिंग।
  • 16 जनवरी: काउंटिंग, दोपहर तक नतीजे।
    शांतिपूर्ण।

ये जीत कांग्रेस के लिए मोरल बूस्टर। बीजेपी को सोचने का मौका। लोकल इश्यूज और सम्मान सबसे बड़े वोट फैक्टर साबित हुए। लातूर ने एक बार फिर दिखा दिया कि शहर की आत्मा विलासराव से जुड़ी है।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. लातूर LMC चुनाव में कांग्रेस को कितनी सीटें मिलीं?
    43 सीटें, 70 में बहुमत। बीजेपी को 22।
  2. चव्हाण ने विलासराव पर क्या कहा था?
    ‘उनकी यादें लातूर से मिट जाएंगी।’ बयान पर बवाल, माफी मांगी।
  3. 2017 के मुकाबले नतीजे कैसे बदले?
    बीजेपी 36 से 22 पर, कांग्रेस 33 से 43 पर।
  4. कौन से पूर्व मेयर जीते?
    दीपक सुल (कांग्रेस), विक्रांत गोजमगुंडे (NCP)।
  5. महाराष्ट्र निकाल चुनावों में लातूर का महत्व?
    कांग्रेस का मजबूत गढ़, बीजेपी को झटका।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

संघ कहे तो मैं कल ही पद छोड़ दूं: मोहन भागवत के बयान का असली मतलब क्या है?

मोहन भागवत ने कहा कि संघ कहे तो वे कल ही सरसंघचालक...

RSS चीफ का तीन संतान फॉर्मूला: “तीन से कम न हो, ज़्यादा भी न हो” – पॉपुलेशन पर नया बयान क्यों?

RSS सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा – हर परिवार में तीन संतानें...

अंग्रेजी भारतीय भाषा नहीं, संघ के मूल कार्य में कभी नहीं आएगी: भागवत का बयान क्यों विवादास्पद?

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा अंग्रेजी भारतीय भाषा नहीं इसलिए संघ...

12 फरवरी को देशव्यापी किसान आंदोलन: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ़ क्यों सड़कों पर उतरेंगे किसान

12 फरवरी को किसान संगठन भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ़ देशव्यापी विरोध...