कॉमर्स मंत्री पियूष गोयल ने राहुल गांधी को ‘आदतन झूठा’ कहा, US ट्रेड डील पर किसानों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। गेहूं, चावल, डेयरी सुरक्षित, निर्यात बढ़ेगा।
क्या राहुल गांधी झूठ बोल रहे हैं ट्रेड डील पर? पियूष गोयल ने क्यों कहा ‘सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए’?
पियूष गोयल का राहुल पर जोरदार हमला: ‘झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए’
12 फरवरी 2026 को यूनियन मिनिस्टर पियूष गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने X पर वीडियो पोस्ट कर राहुल को “आदतन झूठा” कहा और आरोप लगाया कि इंडिया–यूएस इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर उन्होंने किसानों को गुमराह करने के लिए झूठ का ऐसा पुलिंदा बांधा जो झूठ बोलने के सभी रिकॉर्ड तोड़ देता है। गोयल ने कहा कि राहुल फेक नैरेटिव चला रहे हैं और किसानों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने PM मोदी की किसान हितैषिता की तारीफ की और कहा कि सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है। यह हमला लोकसभा में बजट डिबेट के दौरान राहुल के बयानों के बाद आया। गोयल ने हिंदी में ट्वीट भी किया कि राहुल संसद में झूठ बोल रहे हैं।
राहुल गांधी ने ट्रेड डील पर क्या आरोप लगाए?
राहुल ने लोकसभा में कहा कि यह डील “भारत माता को बेचने” जैसी है और ट्रंप ने PM मोदी को गले पकड़ लिया है। उन्होंने दावा किया कि डेटा को “पेट्रोल” बताते हुए सरकार ने डिजिटल ट्रेड बैरियर्स हटाने के बहाने देश का डेटा US को सौंप दिया। राहुल ने किसानों को चेतावनी दी कि सस्ते US आयात से MSP से नीचे बिक्री बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि गेहूं, मक्का, सोयाबीन, GM प्रोडक्ट्स का बाढ़ आएगा। विपक्ष ने इसे “पूर्ण समर्पण” कहा और प्रिविलेज मोशन लाने की चुनौती दी। राहुल ने कहा कि वो किसानों की आवाज़ उठाते रहेंगे। यह बयान बजट डिबेट के दौरान आया जब संसद में हंगामा मचा।
गोयल का जवाब: किसान हित सुरक्षित, निर्यात को बढ़ावा
गोयल ने साफ किया कि डील में किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि गेहूं, चावल, बाजरा, सोया मील, मक्का, डेयरी, पोल्ट्री, GM फूड, मसाले, आलू सबकी पूरी सुरक्षा की गई है। US को केवल वे प्रोडक्ट्स जहां भारत पहले से इंपोर्ट करता है, जैसे DDGS, रेड सोरघम (एनिमल फीड), सॉयाबीन ऑयल, वाइन पर छूट दी गई। गोयल ने जोर दिया कि बाजार खोला नहीं गया, बल्कि इंपोर्ट डिमांड पूरी करने को कहा। उन्होंने कहा कि बासमती चावल, फल, मसाले, चाय, मरीन प्रोडक्ट्स का US निर्यात बढ़ेगा, जिससे किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे। कॉटन किसानों को भी टेक्सटाइल डिमांड से फायदा होगा।
इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट की मुख्य बातें क्या हैं?
यह इंटरिम डील 7 फरवरी 2026 को घोषित हुई, जो व्यापक ट्रेड पैक्ट का पहला कदम है। भारत ने US इंडस्ट्रियल गुड्स और कुछ एग्री प्रोडक्ट्स – DDGS, रेड सोरघम, ट्री नट्स, फ्रेश/प्रोसेस्ड फ्रूट, सोयाबीन ऑयल, वाइन–स्पिरिट्स पर टैरिफ कम/शून्य किया। बदले में US ने भारतीय टेक्सटाइल, अपैरल, लेदर, फुटवियर, प्लास्टिक, रबर, केमिकल्स, होम डेकोर, मशीनरी पर 18% टैरिफ लगाया। US जेनेरिक फार्मा, जेम्स, एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर टैरिफ हटाएगा। गोयल ने कहा कि यह किसानों के लिए निर्यात अवसर बढ़ाएगा। डील में NTBs (नॉन–टैरिफ बैरियर्स) भी हटाए गए।
किसान संगठनों की चिंताएँ: सस्ते आयात का खतरा?
सम्युक्त किसान मोर्चा और अन्य ग्रुप्स ने चेतावनी दी कि US सब्सिडाइज्ड प्रोडक्ट्स – मक्का, सोरघम, सोयाबीन ऑयल, DDGS – सस्ते आयात से किसान प्रभावित होंगे। अक्टूबर 2025 में सोयाबीन MSP से 26% नीचे बिका था। GM DDGS से GM फीड का खतरा। फ्रूट ग्रोअर्स (J&K, HP, NE) को नुकसान। लेकिन गोयल ने कहा कि DDGS कैप्ड है, एनवायरनमेंट मिनिस्ट्री GM चेक करेगी। भारत पहले से DDGS इंपोर्ट करता है पोल्ट्री के लिए। निर्यात बढ़ने से MSP बेहतर होगा। किसान संगठन डील को “असमान” बता रहे हैं।
प्रिविलेज मोशन का ड्रामा: क्या होगा आगे?
लोकसभा में राहुल के बयानों पर BJP ने प्रिविलेज मोशन का ऐलान किया। किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल ने हाउस को गुमराह किया। BJP MP निशिकांत दुबे मोशन लाएंगे। राहुल ने चुनौती दी कि लाओ मोशन। लेकिन सोर्स बताते हैं कि सेंट्रल सरकार मोशन नहीं लाएगी, सिर्फ स्पीच के कुछ पार्ट्स एक्सपंज करेगी। संसद में हंगामा जारी है। यह विवाद बजट सेशन को और गर्म कर रहा है।
ट्रेड डील किसानों के लिए फायदेमंद क्यों?
गोयल ने तर्क दिया कि डील से भारत के चाय, मसाले, कॉफी, नारियल तेल, सब्जी वैक्स का US निर्यात बढ़ेगा, टैरिफ जीरो। कॉटन टेक्सटाइल्स डिमांड से किसान फायदे में। MSME को नई मार्केट्स मिलेंगी। डील “फेयर, इक्विटेबल, बैलेंस्ड” है। ट्रंप–मोदी मीटिंग से निकला फ्रेमवर्क। किसानों को सस्ता फीड मिलेगा, पोल्ट्री कॉस्ट कम। कुल मिलाकर निर्यात बूस्ट से आय बढ़ेगी।
राजनीतिक संदर्भ: संसद में हंगामा क्यों?
बजट सेशन में राहुल को जनरल MM नरवाने की किताब के हवाले से चीन स्टैंडऑफ पर बोलने से रोका गया। फिर US डील पर हमला। विपक्ष ने संसद परिसर में “देश बेचा” प्लेकार्ड्स के साथ प्रदर्शन किया। BJP ने इसे नेशनल इंटरेस्ट के खिलाफ बताया। यह विवाद ट्रेड डील की राजनीतिक गर्मी दिखाता है। किसान वोट बैंक दोनों पक्षों के लिए अहम।
कुल मिलाकर विवाद का सार
यह झड़प दिखाती है कि US ट्रेड डील किसानों के बीच कितना संवेदनशील मुद्दा बन गया। गोयल का हमला राहुल की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है। डील से निर्यात बढ़ेगा लेकिन इंपोर्ट कंट्रोल ज़रूरी। किसान संगठनों को डिटेल्ड कंसल्टेशन चाहिए। संसद में बहस जारी रहेगी।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: पियूष गोयल ने राहुल गांधी को क्या कहा?
उत्तर: गोयल ने उन्हें “आदतन झूठा” कहा जो झूठ बोलने के सभी रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं और ट्रेड डील पर किसानों को गुमराह कर रहे हैं। - प्रश्न: ट्रेड डील में कौन–से प्रोडक्ट्स सुरक्षित हैं?
उत्तर: गेहूं, चावल, बाजरा, सोया मील, मक्का, डेयरी, पोल्ट्री, GM फूड, मसाले, आलू – कोई ड्यूटी कन्सेशन नहीं। - प्रश्न: डील में US को क्या मिला?
उत्तर: DDGS, रेड सोरघम, फ्रूट, सोयाबीन ऑयल, वाइन पर टैरिफ कट; बदले में भारत को टेक्सटाइल आदि पर 18% टैरिफ। - प्रश्न: प्रिविलेज मोशन क्या है?
उत्तर: BJP ने राहुल पर हाउस गुमराह करने का आरोप लगाकर मोशन का ऐलान किया, लेकिन शायद स्पीच एक्सपंज ही होगी। - प्रश्न: किसानों को फायदा कैसे होगा?
उत्तर: बासमती, मसाले, चाय, कॉफी निर्यात बढ़ेगा, बेहतर दाम मिलेंगे; सस्ता फीड से पोल्ट्री कॉस्ट कम।
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