राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष के वॉकआउट पर कहा- ‘थक गए होंगे’। खड़गे की उम्र पर तंज, ‘बैठकर नारे लगाइए’। विपक्ष का हंगामा, ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे। पूरा घटनाक्रम, मोदी के भाषण के मुख्य अंश।
राज्यसभा में हंगामा, वॉकआउट और मोदी का वार: क्या विपक्ष सच सुनने से भाग रहा है?
राज्यसभा में पीएम मोदी का विपक्ष पर तंज: “थक गए होंगे… बैठकर नारे लगाइए”
संसद का बजट सत्र गरमाया हुआ है। 5 फरवरी 2026 को राज्यसभा में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने खड़े हुए, तो सदन का माहौल हंगामेदार हो गया। विपक्षी सांसद नारे लगा रहे थे, वेल में आ रहे थे, और अंत में उन्होंने वॉकआउट कर दिया।
इस दौरान पीएम मोदी ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में विपक्ष, और खासकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर चुटकी ली। जैसे ही विपक्ष सदन से बाहर जाने लगा, पीएम ने मुस्कुराते हुए कहा – “थक गए होंगे… नारे लगाते-लगाते।”
यह पूरा घटनाक्रम क्या था? विपक्ष क्यों नाराज़ था? मोदी ने अपने भाषण में क्या बड़ी बातें रखीं? आइए जानते हैं।
‘बैठकर नारे लगाइए’ – खड़गे पर पीएम का कटाक्ष
पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआत में ही देखा कि विपक्ष लगातार नारे लगा रहा है। विपक्ष की मांग थी कि लीडर ऑफ अपोज़िशन (LoP) मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने दिया जाए। नारे गूंज रहे थे – “LoP को बोलने दो” और “तानाशाही नहीं चलेगी”।
इस पर पीएम मोदी ने सभापति जगदीप धनखड़ से मुखातिब होते हुए एक व्यंग्यात्मक टिप्पणी की:
“आदरणीय सभापति जी, मेरी आपसे एक प्रार्थना है। खड़गे जी की उम्र को देखते हुए, मैं आपसे आग्रह करता हूं कि उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। पीछे युवा लोग हैं, लेकिन खड़गे जी को बैठकर ही नारे लगाने दें।”
इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष (BJP) के सांसदों ने मेजें थपथपाईं और हंस पड़े, जबकि विपक्ष का गुस्सा और बढ़ गया।
विपक्ष का वॉकआउट: क्यों छोड़ा सदन?
पीएम का भाषण शुरू होने के कुछ ही देर बाद, कांग्रेस, TMC, AAP और लेफ्ट पार्टियों समेत इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
वजहें जो विपक्ष ने बताईं:
- LoP को मौका नहीं: विपक्ष का आरोप था कि मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी बात रखने और एक किताब (पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की) से कोट करने की अनुमति नहीं दी गई।
- राहुल गांधी का मुद्दा: लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने से रोके जाने का मुद्दा भी राज्यसभा में उठाया गया।
- सरकार का रवैया: खड़गे ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज़ दबा रही है और “तानाशाही” कर रही है।
जैसे ही वे बाहर जाने लगे, पीएम मोदी ने कहा – “वे (विपक्ष) थक गए हैं, नारे लगाते-लगाते। वे सच नहीं सुन सकते, इसलिए भाग रहे हैं।”
पीएम मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें
विपक्ष के जाने के बाद पीएम ने अपना भाषण जारी रखा और सरकार की उपलब्धियों पर ज़ोर दिया। मुख्य हाइलाइट्स:
- फ्रैजाइल 5 से टॉप इकोनॉमी: मोदी ने कहा कि भारत अब ‘फ्रैजाइल फाइव’ (कमज़ोर पांच) की श्रेणी से निकलकर दुनिया की सबसे तेज़ बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।
- बैंकों का कायाकल्प: उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने NPAs (फंसे हुए कर्ज़) के पहाड़ को हटाकर उन्हें 1% से भी नीचे ला दिया है, जिससे बैंकिंग सिस्टम मज़बूत हुआ है।
- युवा शक्ति: पीएम ने कहा कि ग्लोबल ट्रेड और नए अवसरों का सबसे बड़ा फायदा भारत के युवाओं – शहर और गांव दोनों – को मिलेगा।
- काले दौर का ज़िक्र: बिना नाम लिए उन्होंने कांग्रेस के शासनकाल पर निशाना साधा और कहा कि उनकी सरकार पिछली गलतियों को सुधार रही है, जिन्होंने देश को पीछे धकेला था।
- 25 साल का विजन: उन्होंने कहा कि आज़ादी के बाद के अगले 25 साल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए निर्णायक होंगे।
राजनीतिक मायने: 2026 के तेवर
यह वॉकआउट और पीएम का तंज दिखाते हैं कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच खाई कितनी गहरी हो चुकी है।
- सरकार की रणनीति: पीएम मोदी विपक्ष को “नकारात्मक” और “भागने वाला” साबित करने की कोशिश कर रहे हैं। “थक गए होंगे” कहना यह जताना था कि विपक्ष के पास अब ऊर्जा या मुद्दे नहीं बचे हैं।
- विपक्ष की रणनीति: वॉकआउट करके इंडिया ब्लॉक यह संदेश देना चाहता है कि संसद में उनकी बात नहीं सुनी जा रही और वे सरकार के “एकाधिकार” का विरोध कर रहे हैं।
आगे क्या?
बजट सत्र अभी जारी है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों में टकराव के आसार बने रहेंगे। पीएम के भाषण के बाद अब विपक्ष बाहर अपनी प्रतिक्रिया देगा, और सोशल मीडिया पर “थक गए होंगे” vs “तानाशाही” की जंग छिड़ेगी।
5 FAQs
प्रश्न 1: पीएम मोदी ने राज्यसभा में ‘थक गए होंगे’ किसे और क्यों कहा?
उत्तर: पीएम मोदी ने विपक्षी सांसदों के वॉकआउट करते समय तंज कसा कि वे नारे लगाते-लगाते थक गए होंगे और सच सुनने की हिम्मत नहीं है, इसलिए जा रहे हैं।
प्रश्न 2: खड़गे जी पर पीएम ने क्या टिप्पणी की?
उत्तर: पीएम ने कहा कि खड़गे जी की उम्र का लिहाज़ करते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की इजाज़त दी जाए ताकि उन्हें तकलीफ न हो।
प्रश्न 3: विपक्ष ने वॉकआउट क्यों किया?
उत्तर: विपक्ष का आरोप था कि LoP मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने नहीं दिया गया और उनकी आवाज़ दबाई जा रही है। राहुल गांधी के मुद्दे पर भी वे नाराज़ थे।
प्रश्न 4: पीएम के भाषण में इकोनॉमी पर क्या कहा गया?
उत्तर: उन्होंने कहा कि भारत ‘फ्रैजाइल 5’ से निकलकर ग्लोबल ग्रोथ इंजन बन गया है और बैंकों के NPAs 1% से कम हो गए हैं।
प्रश्न 5: सदन में कौन से नारे लग रहे थे?
उत्तर: विपक्ष “LoP को बोलने दो” और “तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगा रहा था।
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