महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के कार्यकर्ता एकीकरण चाहते हैं और पवार परिवार के सारे तनाव खत्म हो चुके हैं। Pimpri-Chinchwad निकाय चुनाव में दोनों एनसीपी साथ लड़ेंगी।
महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले एनसीपी का सुलह: अजित बोले- वर्कर्स की मांग पर दोनों फैक्शन साथ लड़ेंगे
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी प्रमुख अजित पवार ने कहा कि एनसीपी के दोनों गुटों के कार्यकर्ता एकजुट होना चाहते हैं और पवार परिवार के सारे तनाव खत्म हो चुके हैं। उन्होंने एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट शब्दों में कहा, “दोनों पार्टियों के वर्कर्स एक हो जाना चाहते हैं। दोनों एनसीपी अब साथ हैं। परिवार में सारे तनाव समाप्त हो गए।”
यह बयान Pimpri-Chinchwad म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (PCMC) और पुणे निकाय चुनावों से ठीक पहले आया है, जहां दोनों एनसीपी गुट एक साथ लड़ने का फैसला कर चुके हैं। अजित पवार ने कहा कि यह फैसला स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग पर लिया गया है और महाराष्ट्र के विकास के हित में है।
एनसीपी विभाजन की पृष्ठभूमि
एनसीपी की स्थापना 1999 में शरद पवार ने की थी। जुलाई 2023 में पार्टी में बड़ा संकट आया जब डिप्टी सीएम अजित पवार ने 41 विधायकों समेत विद्रोह किया और एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए। इससे पार्टी दो गुटों में बंट गई – एक अजित पवार के नेतृत्व में (एनसीपी) और दूसरा शरद पावर के नेतृत्व में (एनसीपी एसपी)।
चुनाव आयोग ने फरवरी 2024 में अजित गुट को मूल एनसीपी नाम और ‘क्लॉक’ सिंबल आवंटित कर दिया। शरद गुट को ‘तुटारी’ सिंबल मिला। विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने भी मार्च 2024 में अजित गुट को आधिकारिक एनसीपी घोषित किया। इस विभाजन ने महाराष्ट्र की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया।
Pimpri-Chinchwad चुनाव में एनसीपी गठबंधन
Pimpri-Chinchwad म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों के लिए अजित पवार ने दिसंबर 2025 में घोषणा की कि दोनों गुट एक साथ लड़ेंगे। उन्होंने रैली में कहा, “परिवार एक हो गया। क्लॉक और तुटारी साथ आ गईं।” यह फैसला कार्यकर्ताओं की मांग पर लिया गया।
शरद पवार की बेटी और सुप्रिया सुले ने भी पुष्टि की कि Pimpri-Chinchwad में दोनों एनसीपी साथ लड़ेंगी, लेकिन गठबंधन का भविष्य स्पष्ट नहीं। उन्होंने कहा, “कार्यकर्ताओं की मांग पर यह फैसला हुआ। आगे चर्चा नहीं हुई।” पुणे एमसी में भी बातें चल रही हैं।
पवार परिवार का तनाव समाप्त?
अजित पवार ने कहा कि परिवार के तनाव खत्म हो गए हैं। शरद पवार के भतीजे अजित ने पुणे और Pimpri-Chinchwad पर फोकस किया, जो उनके होम डिस्ट्रिक्ट हैं। सुप्रिया सुले ने भी सहमति जताई। लेकिन कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि यह स्थानीय स्तर का गठबंधन है, पूर्ण विलय नहीं।
एनसीपी विभाजन के बाद अजित गुट महायुति (बीजेपी-शिवसेना) में है, जबकि शरद गुट महाविकास अघाड़ी (एमवीए) का हिस्सा। यह गठबंधन बीजेपी को चुनौती दे सकता है।
एनसीपी विभाजन का टाइमलाइन
- जुलाई 2023: अजित पवार ने विद्रोह किया, 41 विधायक सरकार में शामिल।
- सितंबर 2023: चुनाव आयोग ने अस्थायी सिंबल दिए।
- फरवरी 2024: ईसी ने अजित गुट को एनसीपी नाम व सिंबल दिया।
- मार्च 2024: स्पीकर ने अजित गुट को आधिकारिक माना।
- दिसंबर 2025: Pimpri-Chinchwad में गठबंधन घोषणा।
- जनवरी 2026: अजित का ‘एकता’ बयान।
Pimpri-Chinchwad चुनाव का महत्व
PCMC महाराष्ट्र का अमीर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन है। 1992–2017 तक एनसीपी का गढ़ रहा। अजित पवार ने कहा कि एनसीपी के समय प्लान्ड डेवलपमेंट हुआ। अब दोनों गुट मिलकर लड़ेंगे, जो वर्कर्स का मनोबल बढ़ाएगा।
पुणे एमसी में भी चर्चा चल रही। यह गठबंधन महायुति को झटका दे सकता है।
एनसीपी के दोनों गुटों का तुलनात्मक नक्शा
| पैरामीटर | अजित पवार एनसीपी | शरद पवार एनसीपी (एसपी) |
|---|---|---|
| सिंबल | क्लॉक | तुटारी |
| सरकार | महायुति (एनडीए) | एमवीए (ओपोजिशन) |
| विधायक संख्या | बहुमत (2023 में 41) | अल्पमत |
| लोकसभा चुनाव 2024 | अच्छा प्रदर्शन | सीमित सफलता |
| Pimpri-Chinchwad | संयुक्त लड़ाई | संयुक्त लड़ाई |
राजनीतिक प्रभाव
यह गठबंधन महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। अजित ने बीजेपी पर ‘आइडियोलॉजी एरोजन’ का तंज भी कसा। कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा है। लेकिन पूर्ण विलय पर सवाल बाकी।
5 (FAQs)
- सवाल: अजित पवार ने एनसीपी एकीकरण पर क्या कहा?
जवाब: अजित ने कहा कि दोनों गुटों के वर्कर्स एकता चाहते हैं, परिवार के तनाव खत्म हो गए और Pimpri-Chinchwad में दोनों एनसीपी साथ लड़ेंगी। - सवाल: एनसीपी का विभाजन कब और कैसे हुआ?
जवाब: जुलाई 2023 में अजित पवार ने 41 विधायकों समेत विद्रोह किया और महायुति सरकार में शामिल हो गए। ईसी ने फरवरी 2024 में अजित गुट को नाम-सिंबल दिया। - सवाल: Pimpri-Chinchwad चुनाव में क्या होगा?
जवाब: दोनों एनसीपी गुट संयुक्त रूप से लड़ेंगे। अजित ने कहा कि यह कार्यकर्ताओं की मांग पर फैसला महाराष्ट्र के विकास के हित में है। - सवाल: सुप्रिया सुले का क्या स्टैंड है?
जवाब: सुप्रिया ने पुष्टि की कि Pimpri-Chinchwad में गठबंधन होगा, लेकिन आगे के लिए कोई चर्चा नहीं हुई। - सवाल: क्या दोनों एनसीपी का पूर्ण विलय होगा?
जवाब: अजित ने एकता का संकेत दिया लेकिन पूर्ण मर्जर पर स्पष्ट नहीं कहा। फिलहाल यह स्थानीय चुनावों तक सीमित लगता है।
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