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काशी से तमिलनाडु का गहरा रिश्ता: पीएम ने संगमम को सराहा, युवाओं की भागीदारी ने जीता दिल

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Kashi Tamil Sangamam, PM Modi Pongal blog
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पीएम मोदी ने पोंगल पर काशी तमिल संगमम को भारत की जीवंत एकता का प्रतीक बताया। तमिल भाषा सीखने का थीम, युवाओं की भागीदारी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान की सराहना। एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश। 

पोंगल पर पीएम का संदेश: काशी तमिल संगमम ने जोड़ा एक भारत श्रेष्ठ भारत का सूत्र!

काशी तमिल संगमम: भारत की जीवंत एकता का प्रतीक, पीएम मोदी का पोंगल पर खास संदेश

पोंगल का त्योहार आते ही देश भर में खुशियों का माहौल छा जाता है। तमिलनाडु में ये फसल और समृद्धि का प्रतीक है, जबकि उत्तर भारत में मकर संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। इसी मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में काशी तमिल संगमम की सराहना की। उन्होंने लिखा कि ये पहल भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करती है और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के भाव को गहरा बनाती है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान लोगों से मिले फीडबैक ने उन्हें खुशी दी।

काशी और तमिल संस्कृति का रिश्ता सदियों पुराना है। काशी में बाबा विश्वनाथ विराजमान हैं तो तमिलनाडु में रामेश्वरम। तमिलनाडु का तेनकासी दक्षिण काशी कहलाता है। संत कुमारगुरुपरार स्वामिगल ने अपनी विद्वता से दोनों के बीच मजबूत सेतु बनाया। महाकवि सुब्रमणिया भारती ने काशी में राष्ट्रवाद को मजबूती दी। उनकी कविताएं यहां प्रेरित हुईं। पीएम ने ऐसे कई उदाहरण दिए जो इस गहरे बंधन को दर्शाते हैं।

पहला काशी तमिल संगमम 2022 में हुआ। पीएम ने उद्घाटन किया। तमिलनाडु से विद्वान, कारीगर, किसान, लेखक पहुंचे। काशी, प्रयागराज और अयोध्या घूमे। सरकार ने तमिल संस्कृति को पूरे भारत में फैलाने का प्रयास किया। दूसरी संस्करण 2023 में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ा। भाषा बाधा न बने इसलिए। तीसरी में भारतीय ज्ञान पर फोकस। हजारों ने हिस्सा लिया।​

चौथा संस्करण 2 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ। थीम ‘तमिल कर्कलम – तमिल सीखें’। काशी के लोग तमिल सीखने का मौका मिला। तमिलनाडु से शिक्षक आए। तोल्काप्पियम का 4 भारतीय और 6 विदेशी भाषाओं में अनुवाद। सेज अगस्त्य व्हीकल एक्सपेडिशन (SAVE) तेनकासी से काशी पहुंचा। रास्ते में आई कैम्प, स्वास्थ्य जागरूकता, डिजिटल साक्षरता। राजा अदी वीर पांडियन को श्रद्धांजलि। नामो घाट पर प्रदर्शनी, बीएचयू पर सत्र।​

युवाओं की भागीदारी ने पीएम को सबसे ज्यादा खुशी दी। हजारों नौजवान शामिल हुए। उन्होंने अपनी प्रतिभा दिखाई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में निखर। ये प्लेटफॉर्म जड़ों से जुड़ने का मौका देता है। तमिलनाडु से विशेष ट्रेनें चलीं। रास्ते में गीत, बातें। उत्तर प्रदेश वालों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। घर खोले, मेहमाननवाजी की। पीएम ने वाराणसी सांसद के नाते गर्व जताया।

रामेश्वरम में समापन समारोह उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने संबोधित किया। तमिलनाडु के बेटे ने भारत की आध्यात्मिक महानता पर जोर दिया। ये प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करता। संगमम ने सांस्कृतिक समझ बढ़ाई, आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया। आने वाले समय में और जीवंत बनाना है।​

काशी तमिल संगमम के संस्करण

संस्करणसालथीम/विशेषताप्रतिभागी
पहला2022उद्घाटन1000+
दूसरा2023टेक्नोलॉजी फोकस2000+
तीसरा2024भारतीय ज्ञान प्रणाली3000+
चौथा2025तमिल कर्कलम (तमिल सीखें)1400+

सेज अगस्त्य एक्सपेडिशन के हाइलाइट्स

  • तेनकासी से काशी तक यात्रा।
  • स्वास्थ्य, डिजिटल कैंप।
  • पांडियन राजा को श्रद्धांजलि।
  • बीएचयू सत्र, नामो घाट प्रदर्शनी।
    ये सांस्कृतिक एकता का प्रतीक।

एक भारत श्रेष्ठ भारत का भाव
संगमम ने साबित किया कि भारत की विविधता एकता में बसी। त्योहार, साहित्य, संगीत, खानपान सब जोड़ते। संक्रांति, पोंगल, उत्तरायण, माघ बिहू सब प्रकृति से जुड़े। किसानों का सम्मान। पीएम ने शुभकामनाएं दीं।

तमिल संस्कृति के योगदान

  • तोल्काप्पियम: प्राचीनतम व्याकरण।
  • भारती: राष्ट्रकवि, काशी से प्रेरित।
  • अगस्त्य: दक्षिण की संस्कृति लाए।
    ये उत्तर-दक्षिण सेतु।

यात्रा का विशेष प्रबंध

  • विशेष ट्रेनें तमिलनाडु से।
  • स्थानीय प्रशासन की मेहनत।
  • काशी वासियों की आतिथ्य सत्कार।
    प्रतिभागियों को यादगार अनुभव।

भविष्य की योजनाएं

  • नए थीम, फॉर्मेट।
  • युवा भागीदारी बढ़ाएं।
  • और क्षेत्र जोड़ें।
    सौराष्ट्र तमिल संगमम भी सफल।

पोंगल का महत्व
तमिलों का धन्यवाद त्योहार। पोंगल पकवान, गाय-भैंस पूजा। सूर्य को अर्घ्य। फसल कटाई का जश्न। उत्तर भारत से समानता। एकता का संदेश।

काशी तमिल संगमम ने दिखाया कि भारत की आत्मा एक है। विविधता में एकता। पीएम का ब्लॉग प्रेरणा देता। पोंगल की बधाई!

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. काशी तमिल संगमम क्या है?
    तमिलनाडु और काशी के सांस्कृतिक आदान-प्रदान का कार्यक्रम। एक भारत श्रेष्ठ भारत को मजबूत करता।
  2. चौथा संस्करण कब हुआ?
    2 से 15 दिसंबर 2025। थीम तमिल सीखें। रामेश्वरम में समापन।
  3. पीएम ने क्या सराहा?
    युवाओं की भागीदारी, तमिल संस्कृति प्रचार, काशी वासियों की मेहमाननवाजी।
  4. SAVE एक्सपेडिशन क्या था?
    तेनकासी से काशी वाहन यात्रा। कैंप, प्रदर्शनियां।
  5. पोंगल पर पीएम का संदेश?
    संक्रांति, पोंगल जैसे त्योहार एकता बढ़ाते। शुभकामनाएं।

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