केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि PM नरेंद्र मोदी जल्द देशभर के रोड एक्सीडेंट वीकिम्स के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम लॉन्च करेंगे। दुर्घटना के 7 दिन तक ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज मिलेगा। चंडीगढ़ पायलट में 5,480 लोगों को लाभ, मौतें रोकने का लक्ष्य।
दुर्घटना के बाद 7 दिन तक मुफ्त इलाज: हर साल लाखों मौतों को रोकने वाली नई कैशलेस स्कीम PM मोदी लाएंगे
रोड एक्सीडेंट वीकिम्स के लिए PM मोदी की नई कैशलेस स्कीम: ₹1.5 लाख तक मुफ्त इलाज, जल्द देशव्यापी लॉन्च
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को ऐलान किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही देशभर के रोड एक्सीडेंट वीकिम्स के लिए कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम को औपचारिक रूप से लॉन्च करेंगे। दुर्घटना के 7 दिनों तक पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
यह स्कीम हर साल लाखों होने वाली एक्सीडेंट मौतों को समय पर मेडिकल हेल्प से रोकने का लक्ष्य रखती है। गडकरी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की वार्षिक बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
कैशलेस ट्रीटमेंट स्कीम 2025: मुख्य विशेषताएं
“कैशलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट वीकिम्स स्कीम, 2025” के तहत:
– कोई भी मोटर वाहन दुर्घटना में घायल व्यक्ति (किसी भी सड़क पर) को पात्र।
– दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक अधिकतम ₹1.5 लाख का कैशलेस इलाज।
– एम्पैनल्ड हॉस्पिटल्स में तुरंत ट्रीटमेंट, कोई पेमेंट चिंता नहीं।
– फंडिंग: मोटर व्हीकल एक्सिडेंट फंड (MVAF) से।
गडकरी ने कहा कि यह स्कीम समय पर मेडिकल हस्तक्षेप सुनिश्चित कर मौतों को कम करेगी।
चंडीगढ़ पायलट: सफलता और आंकड़े
मार्च 2024 में चंडीगढ़ में पायलट शुरू हुआ, बाद में 6 राज्यों तक फैला।
– कुल रिक्वेस्ट: 6,833।
– पात्र/अप्रूव्ड: 5,480 (80%)।
– रिजेक्टेड: शेष (पुलिस वेरिफिकेशन फेल)।
– फंड डिस्बर्स्ड: ₹73.88 लाख।
| पैरामीटर | आंकड़ा |
|---|---|
| रिक्वेस्ट | 6,833 |
| अप्रूव्ड | 5,480 (80%) |
| फंड रिलीज्ड | ₹73.88 लाख |
| रिजेक्शन रेट | 20% |
अब पूरे देश में विस्तार: PM मोदी का लॉन्च
गडकरी ने बताया कि PM मोदी जल्द ही इसे राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च करेंगे। बैठक में रोड सेफ्टी, पैसेंजर सुविधा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ऑटोमोबाइल रेगुलेशन्स पर चर्चा हुई।
रोड एक्सीडेंट्स का भारतीय संकट
भारत में हर साल 1.5 लाख से ज्यादा मौतें रोड एक्सीडेंट्स में होती हैं। MoRTH डेटा:
– 2024: 1,68,491 मौतें।
– मुख्य कारण: स्पीडिंग (70%), नो हेलमेट/सीटबेल्ट (20%)।
– गोल्डन ऑवर (पहले घंटे) में इलाज न मिलने से 50%+ मौतें।
स्कीम समय पर हॉस्पिटल ले जाने और कैशलेस ट्रीटमेंट से “गोल्डन ऑवर” को बचाएगी।
कैसे काम करेगी स्कीम? स्टेप-बाय-स्टेप
- दुर्घटना के बाद नजदीकी एम्पैनल्ड हॉस्पिटल ले जाएं।
- हॉस्पिटल FIR/पुलिस रिपोर्ट मांगेगा।
- 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का इलाज कैशलेस।
- क्लेम MVAF से सेटल।
– नोट: हॉस्पिटल को पहले रजिस्टर करना होगा।
राज्य स्तर पर चुनौतियां
– एम्पैनलमेंट: सभी जिलों में पर्याप्त हॉस्पिटल्स।
– अवेयरनेस: ड्राइवरों को स्कीम की जानकारी।
– पुलिस वेरिफिकेशन: रिजेक्शन कम करने के लिए तेज प्रोसेस।
गडकरी की अन्य पहलें रोड सेफ्टी में
– हाईवे पर CCTV, स्पीड कैमरा।
– हेलमेट/सीटबेल्ट चेकिंग।
– 2026 तक 50% मौतें कम करने का लक्ष्य।
5 FAQs
- कैशलेस स्कीम में कितना इलाज मुफ्त मिलेगा?
दुर्घटना के 7 दिनों तक अधिकतम ₹1.5 लाख तक कैशलेस ट्रीटमेंट। - कौन पात्र होगा?
किसी भी मोटर वाहन दुर्घटना में घायल कोई भी व्यक्ति, किसी भी सड़क पर। - पायलट में क्या रिजल्ट रहा?
6,833 रिक्वेस्ट में 5,480 अप्रूव्ड (80%), ₹73.88 लाख फंड रिलीज्ड। - कब लॉन्च होगी देशव्यापी?
PM मोदी जल्द लॉन्च करेंगे, गडकरी का ऐलान। - फंड कहां से आएगा?
मोटर व्हीकल एक्सिडेंट फंड (MVAF) से।
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