Home देश गेमिंग ऐडिक्शन और बेटिंग से बचो: परीक्षा पे चर्चा में मोदी का वायरल मैसेज क्यों ज़रूरी
देश

गेमिंग ऐडिक्शन और बेटिंग से बचो: परीक्षा पे चर्चा में मोदी का वायरल मैसेज क्यों ज़रूरी

Share
Pariksha Pe Charcha 2026, PM Modi exam advice students
Share

परीक्षा पे चर्चा 9 में पीएम मोदी ने चेताया – सस्ता इंटरनेट है तो समय व्यर्थ मत करो। बेटिंग ऐप्स, गेमिंग, सोशल मीडिया के खतरों पर सलाह। पढ़ाई पैटर्न पर भरोसा, सक्सेस टिप्स, इंटरैक्टिव सेशन। CBSE ICSE बोर्ड एग्ज़ाम से पहले स्टूडेंट्स के लिए खास।

अपने पढ़ाई पैटर्न पर भरोसा रखो: पीएम मोदी के परीक्षा पे चर्चा के टॉप 5 टिप्स

परीक्षा पे चर्चा 9: पीएम मोदी का छात्रों को सस्ता इंटरनेट पर तगड़ा संदेश

हर साल बोर्ड परीक्षाओं के करीब पीएम नरेंद्र मोदी का परीक्षा पे चर्चा प्रोग्राम छात्रों के लिए सबसे बड़ा इंस्पिरेशन बनता है। 9वीं एडिशन में 6 फरवरी 2026 को दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग 7 पर आयोजित इस इवेंट में पीएम ने सीधे बात की। उन्होंने CBSE ICSE और राज्य बोर्ड के लाखों परीक्षा योद्धाओं को ऑनलाइन बेटिंग गेमिंग ऐप्स और सोशल मीडिया के खतरों से सावधान किया। पीएम ने कहा सस्ता इंटरनेट उपलब्ध है इसका मतलब ये नहीं कि समय बर्बाद करो। उन्होंने बेटिंग के खिलाफ कानून बनाए जाने का ज़िक्र किया और कहा हम इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। ये संदेश आज के डिजिटल ज़माने के छात्रों के लिए बेहद प्रासंगिक है जब स्मार्टफोन हर हाथ में हैं।

सस्ता इंटरनेट समय बर्बाद करने का बहाना नहीं: पीएम का चेतावनी

पीएम मोदी ने छात्रों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि भारत में इंटरनेट सस्ता है इसका ये मतलब कतई नहीं कि तुम अपना बहुमूल्य समय व्यर्थ कर दो। उन्होंने ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग ऐप्स को निशाना बनाते हुए कहा कि गेमिंग एक स्किल हो सकती है लेकिन इसे मज़े के लिए मत करो। ये जुआ को बढ़ावा देगा जिसे हम कतई प्रोत्साहित नहीं करेंगे। पीएम ने बताया कि उन्होंने बेटिंग के खिलाफ सख्त कानून बनाया है और इसे पूरी तरह रोकेंगे। छात्रों ने सवाल पूछे कि दोस्तों का दबाव कैसे झेलें तो पीएम ने कहा दोस्ती अच्छी हो लेकिन बुरी आदतों में मत पड़ना। ये सलाह उन लाखों बच्चों के लिए है जो रील्स स्क्रॉलिंग और ऑनलाइन गेम्स में घंटों खो देते हैं। परीक्षा के समय ये आदतें सबसे बड़ा दुश्मन बन जाती हैं।

अपने पढ़ाई पैटर्न पर भरोसा रखो लेकिन सलाह लो: पीएम की टॉप टिप्स

पीएम ने परीक्षा की तैयारी पर सबसे ज़रूरी सलाह दी कि माता-पिता शिक्षक या दोस्त जो भी कहें अपने पढ़ाई के पैटर्न पर भरोसा रखो। उन्होंने कहा सुझावों को ध्यान से सुनो लेकिन जो तुम्हारे लिए सूट करता है उसे फॉलो करो। सफलता आत्मविश्वास और निरंतर सीखने के बैलेंस से आती है। एक छात्र ने पूछा कन्फ्यूज़न कैसे दूर करें तो पीएम बोले जो पैटर्न तुम्हें सूट करता है उसे पकड़ो बाकी सलाह को वेटेज दो। उन्होंने तनाव मुक्ति के लिए योग ध्यान और परिवार के साथ समय बिताने की बात कही। पीएम ने खुद के अनुभव शेयर किए कि कैसे उन्होंने मेहनत से सफलता पाई। ये टिप्स उन छात्रों के लिए गाइड हैं जो अलग-अलग सलाह से कन्फ्यूज़ हो जाते हैं। बोर्ड परीक्षाओं से ठीक पहले ये मैसेज सही दिशा दिखाता है।

परीक्षा पे चर्चा का फॉर्मेट: इंटरैक्टिव सेशन गुजरात से असम तक

इस बार 9वीं एडिशन में पीएम ने दिल्ली के अलावा गुजरात के देवमोगरा तमिलनाडु के कोयंबटूर छत्तीसगढ़ के रायपुर और असम के गुवाहाटी से छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। चयनित परीक्षा योद्धाओं ने सवाल पूछे और पीएम ने घंटों जवाब दिए। ये प्रोग्राम 2018 से चल रहा है और हर साल लाखों छात्र जुड़ते हैं। इस बार भी MyGov पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सवाल भेजे गए। पीएम ने छात्रों को एग्ज़ाम वॉरियर्स पुस्तक पढ़ने की सलाह दी। इवेंट में माता-पिता और शिक्षकों के लिए भी टिप्स थे जैसे दबाव न डालना। ये फॉर्मेट छात्रों को सीधा कनेक्ट फील कराता है। नेशनल लाइव टेलीकास्ट से करोड़ों घरों तक पहुँचा।

सोशल मीडिया और गेमिंग के खतरे: पीएम का आधुनिक संदेश

पीएम ने सोशल मीडिया को सावधानी से इस्तेमाल करने की सलाह दी। कहा सोशल मीडिया अच्छा टूल है लेकिन समझदारी से यूज़ करो। रील्स और शॉर्ट वीडियोज़ में खो जाना आसान है लेकिन परीक्षा के समय ये दुश्मन है। उन्होंने गेमिंग को स्किल बताया लेकिन बेटिंग ऐप्स को जुआ करार दिया। आजकल PUBG Free Fire जैसे गेम्स और Dream11 जैसे बेटिंग ऐप्स युवाओं को फँसा रहे हैं। पीएम का संदेश साफ है कि सस्ता डेटा उपलब्ध है लेकिन समय कीमती है। ये बात माता-पिता शिक्षकों के लिए भी है जो बच्चों को मोबाइल पर समय देते हैं। स्टडीज दिखाती हैं कि औसत छात्र रोज़ 2-3 घंटे सोशल मीडिया पर बिताते हैं। पीएम ने बैलेंस बनाने पर ज़ोर दिया।

परीक्षा तनाव से निपटने के लिए पीएम के व्यावहारिक उपाय

पीएम ने तनाव कम करने के कई व्यावहारिक तरीके बताए। कहा परीक्षा योद्धा बनो न कि डरने वाले। रोज़ व्यायाम करो ध्यान करो परिवार के साथ बात करो। उन्होंने कहा असफलता जीवन का अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत है। एक छात्र ने पूछा प्रेशर कैसे हैंडल करें तो पीएम बोले खुद पर भरोसा रखो। माता-पिता को भी सलाह दी कि रिज़ल्ट से ज़्यादा बच्चे की मेहनत देखो। ये सलाह उन लाखों परिवारों के लिए है जहाँ परीक्षा का प्रेशर घर में फैल जाता है। पीएम ने अपनी ज़िंदगी के संघर्ष शेयर किए जो छात्रों को मोटिवेट करते हैं। योग और मेडिटेशन को रूटीन बनाने पर ज़ोर दिया। ये टिप्स परीक्षा से पहले मानसिक तैयारी के लिए परफेक्ट हैं।

परीक्षा पे चर्चा का असर: लाखों छात्रों पर बदलाव

पिछले 8 सालों में ये प्रोग्राम करोड़ों छात्रों तक पहुँचा। कई स्टूडेंट्स ने बताया कि पीएम की सलाह से उनका कॉन्फिडेंस बढ़ा। इस बार भी MyGov पर रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन हुए। गुजरात असम जैसे राज्यों से लाइव सेशन ने लोकल टच दिया। पीएम ने कहा सफलता मेहनत और स्मार्टनेस से आती है। ये प्रोग्राम न सिर्फ़ परीक्षा टिप्स देता बल्कि जीवन दर्शन भी सिखाता। माता-पिता शिक्षक सब जुड़ते हैं। आने वाले CBSE ICSE परीक्षाओं में इसका असर दिखेगा। सरकार का ये इनिशिएटिव शिक्षा क्रांति का हिस्सा है।

5 FAQs

प्रश्न 1: पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में इंटरनेट पर क्या कहा?
उत्तर: पीएम ने कहा सस्ता इंटरनेट है तो समय व्यर्थ मत करो। ऑनलाइन बेटिंग गेमिंग ऐप्स से दूर रहो। गेमिंग स्किल है लेकिन जुआ मत बनाओ। बेटिंग के खिलाफ कानून बनाया है।

प्रश्न 2: पढ़ाई पैटर्न पर पीएम की सलाह क्या थी?
उत्तर: अपने पढ़ाई पैटर्न पर भरोसा रखो। माता-पिता शिक्षक की सलाह सुनो लेकिन जो सूट करे उसे अपनाओ। सफलता आत्मविश्वास और सीखने के बैलेंस से आती है।

प्रश्न 3: परीक्षा पे चर्चा 9 कब हुई और कहाँ?
उत्तर: 6 फरवरी 2026 को दिल्ली लोक कल्याण मार्ग पर। गुजरात तमिलनाडु छत्तीसगढ़ असम से वीडियो कॉन्फ्रेंस। चयनित छात्रों से इंटरैक्शन।

प्रश्न 4: सोशल मीडिया पर पीएम ने क्या चेताया?
उत्तर: सोशल मीडिया समझदारी से यूज़ करो। रील्स गेम्स में समय मत खोओ। परीक्षा के समय ये सबसे बड़ा दुश्मन। स्मार्ट यूज़ से फायदा लो।

प्रश्न 5: तनाव कम करने के लिए पीएम के टिप्स क्या?
उत्तर: व्यायाम योग ध्यान करो। परिवार से बात करो। असफलता अंत नहीं। मेहनत पर फोकस रखो। माता-पिता दबाव न डालें।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

“जॉब छोड़कर गुजारा भत्ता से बचना” अब आम चाल? दिल्ली हाई कोर्ट का सख्त संदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि कई पढ़े-लिखे पति स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेकर...