सबरीमाला मंदिर से सोना गायब होने के केस में SIT ने चीफ प्रीस्ट (तांत्री) कंदरारु राजीवरु को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी उनिकृष्णन पोट्टी और पूर्व TDB चेयरमैन के बयानों पर एक्शन। द्वारपालक और श्रीकोविल प्लेट्स की गोल्ड प्लेटिंग में गड़बड़ी।
श्रीकोविल दरवाजे का सोना गायब: सबरीमाला तांत्री गिरफ्तार, 2019 गोल्ड प्लेटिंग में धांधली
सबरीमाला तांत्री कंदरारु राजीवरु की गिरफ्तारी
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला अयप्पा मंदिर से सोना गायब होने के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ा खुलासा करते हुए मंदिर के प्रमुख पुजारी (तांत्री) कंदरारु राजीवरु को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 11वीं है और केरल हाईकोर्ट की निगरानी वाली जांच का महत्वपूर्ण मोड़ है।
राजीवरु, जो मंदिर के सर्वोच्च धार्मिक अधिकारी (थांत्री) हैं, सुबह एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ के बाद दोपहर SIT कार्यालय ले जाए गए, जहां औपचारिक गिरफ्तारी दर्ज की गई। गिरफ्तारी मुख्य आरोपी उनिकृष्णन पोट्टी और पूर्व ट्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (TDB) अध्यक्ष ए पद्मकुमार के बयानों पर आधारित है।
स्वर्ण चोरी का पूरा मामला
2019 में सबरीमाला मंदिर के द्वारपालक (गार्डियन डीटी) प्लेट्स और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजे के फ्रेम पर गोल्ड प्लेटिंग का काम हुआ। काम के लिए ये आइटम हटाए गए, लेकिन लौटने पर सोने की मात्रा कम पाई गई। केरल हाईकोर्ट ने SIT गठित की, जो वीगिलेंस रिपोर्ट पर जांच कर रही।
SIT ने पाया कि राजीवरु ने गोल्ड प्लेटिंग की सिफारिश की और TDB की परमिशन पर अनुमति दी। वे पोट्टी के करीबी थे, जिन्होंने काम किया। पोट्टी ने स्पॉन्सर्ड काम का दावा किया, लेकिन फंडिंग दूसरे बिजनेसमैन से थी। सोना चेन्नई ले जाकर गायब कर दिया गया।
गिरफ्तारी के मुख्य कारण
राजीवरु की गिरफ्तारी के पीछे ये तथ्य प्रमुख हैं:
- मुख्य आरोपी पोट्टी और पद्मकुमार के बयान: राजीवरु ने पोट्टी को मंदिर सर्कल से जोड़ा।
- गोल्ड प्लेटिंग सिफारिश: द्वारपालक प्लेट्स और श्रीकोविल फ्रेम के लिए अनुमति दी।
- पूर्व पूछताछ: पहले भी SIT ने उनसे सवाल किए थे।
- इन्वेंटरी गड़बड़ी: 2019 में सोना हटाया, लेकिन रिकॉर्ड में उल्लेख नहीं।
SIT जांच की प्रगति
केरल हाईकोर्ट ने वीगिलेंस की सिफारिश पर SIT बनाई। अब तक 11 गिरफ्तारियां: राजीवरु 11वें। अन्य में TDB अधिकारी, ज्वेलरी हैंडलर, पद्मकुमार।
SIT फाइनेंशियल ट्रेल, कम्युनिकेशन रिकॉर्ड्स, चेन्नई वर्क्स चेक कर रही। राजीवरु को विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सबरीमाला मंदिर और तांत्री की भूमिका
सबरीमाला भगवान अयप्पा का प्रमुख तीर्थ है, लाखों भक्त आते। तांत्री (राजीवरु) मलयाली परिवार से होते, मंदिर रीति-रिवाज तय करते। मेलशांति सालाना ड्रॉ से आता। यह पहली बार तांत्री कबीले से गिरफ्तारी।
मंदिर प्रबंधन TDB के पास। 1998 में विजय माल्या का वीरान सोना भी जांच में।
आरोपी और जांच एंगल
| आरोपी/भूमिका | विवरण |
|---|---|
| कंदरारु राजीवरु | तांत्री, प्लेटिंग अनुमति |
| उनिकृष्णन पोट्टी | मुख्य आरोपी, कॉन्ट्रैक्टर |
| ए पद्मकुमार | पूर्व TDB चेयरमैन, रिकॉर्ड चेंज |
| अन्य | TDB सदस्य 2019, ज्वेलरी हैंडलर |
सामाजिक और धार्मिक प्रभाव
यह गिरफ्तारी मकर संक्रांति पीक सीजन में हुई, भक्तों में आक्रोश। भक्ति स्थल पर भ्रष्टाचार आरोप से श्रद्धा को ठेस। TDB ने सफाई दी, लेकिन SIT कोर्ट को रिपोर्ट देगी।
आगे की जांच
SIT चेन्नई वर्क्स, फंडिंग (गोवर्धनन, अजिकुमार), गोल्ड डायवर्जन पर फोकस। फाइनेंशियल ट्रेल, रिमांड मांगेगी। कोर्ट मॉनिटरिंग जारी।
5 (FAQs)
- सवाल: सबरीमाला तांत्री कंदरारु राजीवरु कब गिरफ्तार हुए?
जवाब: 9 जनवरी 2026 को SIT ने गिरफ्तार किया। सुबह पूछताछ, दोपहर औपचारिक अरेस्ट। - सवाल: गिरफ्तारी का कारण क्या?
जवाब: पोट्टी, पद्मकुमार के बयान। गोल्ड प्लेटिंग सिफारिश, पोट्टी से संबंध। - सवाल: स्वर्ण चोरी कैसे हुई?
जवाब: 2019 में द्वारपालक प्लेट्स, श्रीकोविल फ्रेम हटाए, चेन्नई ले जाकर सोना गायब। - सवाल: कितने आरोपी अब तक?
जवाब: 11, राजीवरु 11वें। TDB अधिकारी, कॉन्ट्रैक्टर शामिल। - सवाल: जांच कौन कर रही?
जवाब: केरल हाईकोर्ट निगरानी में SIT। विजिलेंस रिपोर्ट पर।
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