PM मोदी ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता ने निवेशकों का भरोसा बहाल किया, 38 देशों के साथ FTA साइन किए। UPA दौर में नेगोशिएशन कमजोर थे, अब मैन्युफैक्चरिंग-MSMEs की ताकत से सौदे मजबूत।
MSMEs के लिए बाजार खुलेंगे, निवेशक भरोसा बढ़ा: राजनीतिक स्थिरता का कमाल बताए मोदी
PM मोदी का इंटरव्यू: राजनीतिक स्थिरता ने निवेशकों का भरोसा जीता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 फरवरी को दिए विशेष इंटरव्यू में कहा कि राजनीतिक स्थिरता और भविष्यवाणी ने भारत में निवेशकों का भरोसा पूरी तरह बहाल कर दिया है। उन्होंने बताया कि इसी की वजह से देश ने हाल ही में कई बड़े व्यापार समझौते साइन किए हैं। मोदी ने जोर दिया कि मजबूत मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज सेक्टर और MSMEs ने भारत को ट्रेड पैक्ट्स नेगोशिएट करने की मजबूत स्थिति में ला दिया। अब भारत 38 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) कन्क्लूड कर चुका है। यह संख्या पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। इंटरव्यू में उन्होंने NDA सरकार की आर्थिक विश्वसनीयता पर भरोसा जताया।
UPA दौर की आलोचना: बातें शुरू होतीं तो टूट जातीं, कोई परिणाम नहीं
मोदी ने पिछली UPA सरकार की आर्थिक मैनेजमेंट पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि UPA काल में आर्थिक लापरवाही ने भारत को वैश्विक नेगोशिएशन में कमजोर बना दिया था। ट्रेड टॉक्स शुरू तो होतीं लेकिन बिना किसी ठोस परिणाम के टूट जातीं। लंबी चर्चाओं के बावजूद बहुत कम कुछ हासिल होता था। NDA ने इसे बदला और अब स्ट्रेंथ की पोजीशन से सौदे कर रहे हैं। मोदी ने इसे निवेशकों के भरोसे से जोड़ा।
38 देशों के FTA: ऑस्ट्रेलिया, UAE, UK, EU, US जैसे बड़े नाम
इंटरव्यू में मोदी ने भारत के हालिया FTA की लिस्ट गिनाई। 2014 के बाद ऑस्ट्रेलिया (2022), UAE (2022), मॉरीशस (2021), UK (2025), न्यूजीलैंड (2025), EFTA (स्विट्जरलैंड आदि, 2025), ओमान (2025), EU (2025–26) और US के साथ डील्स साइन हुईं। कुल 38 देश कवर। इससे टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, हैंडीक्राफ्ट्स, जेम्स जैसे सेक्टर्स को नया बाजार मिला। MSMEs के लिए खास डिजाइन किया गया ताकि छोटे उद्योग निर्यात बढ़ा सकें। मोदी ने इसे NDA की स्ट्रेटेजिक उपलब्धि बताया।
MSMEs को फायदा: नए बाजार, निर्यात के अवसर बढ़े
मोदी ने कहा कि ये FTA खास तौर पर MSMEs के लिए डिजाइन किए गए हैं। टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, हैंडीक्राफ्ट्स, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे सेक्टर्स को ग्लोबल मार्केट एक्सेस मिलेगा। छोटे उद्योग अब बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। इससे रोजगार बढ़ेगा, निर्यात मजबूत होगा। NDA की मैन्युफैक्चरिंग बूस्टिंग पॉलिसी ने ये संभव बनाया। निवेशक अब भारत को स्टेबल पार्टनर मानते हैं।
रिफॉर्म्स का कमिटमेंट: NDA सरकार की आर्थिक दिशा
इंटरव्यू में मोदी ने दोहराया कि रिफॉर्म्स सरकार का कोर कमिटमेंट है। इसे लेटर एंड स्पिरिट में लागू किया जा रहा। आर्थिक फंडामेंटल्स मजबूत होने से नेगोशिएशन में स्ट्रेंथ मिली। राजनीतिक स्थिरता ने ग्लोबल क्रेडिबिलिटी बढ़ाई। UPA के मुकाबले NDA ने ट्रेड डेफिसिट मैनेजमेंट बेहतर किया। निवेशक कॉन्फिडेंस रिस्टोर हो गया। विकसित भारत का सफर तेज।
UPA vs NDA: व्यापार घाटा बढ़ा लेकिन NDA में पेस धीमा
आंकड़ों से देखें तो UPA (2004–14) में ट्रेड डेफिसिट तेजी से बढ़ा क्योंकि एक्सपोर्ट–इम्पोर्ट दोनों तेज बूम हुए लेकिन इम्पोर्ट ज्यादा। NDA (2014–26) में एब्सोल्यूट घाटा बढ़ा लेकिन ग्रोथ रेट धीमा पड़ा। इम्पोर्ट कंट्रोल बेहतर। आर्थिक सर्वे 2026 ने इसे हाइलाइट किया। मोदी ने इसे मैनेजमेंट का कमाल बताया।
निवेशकों का भरोसा: राजनीतिक स्थिरता का जादू
मोदी ने कहा राजनीतिक स्थिरता ने भारत को आकर्षक डेस्टिनेशन बनाया। निवेशक अब प्रेडिक्टेबल पॉलिसी पर भरोसा करते हैं। चाइना+1 स्ट्रेटेजी में भारत टॉप चॉइस। ट्रेड डील्स ने सप्लाई चेन डाइवर्सिफाई किया। MSMEs को ग्लोबल चेन में जगह मिली। ग्लोबल पार्टनर्स भारत पर दांव लगा रहे।
FTA की लिस्ट: हालिया बड़े समझौते कौन–से?
NDA के दौर में मॉरीशस CECPA (2021), UAE CEPA (2022), ऑस्ट्रेलिया ECTA (2022), EFTA (2025), UK (2025), न्यूजीलैंड (2025), ओमान (2025), EU (2025–26)। US डील फाइनल स्टेज। कुल 38 देश। इससे निर्यात बाजार फैले। MSMEs को ड्यूटी फ्री एक्सेस।
आने वाले डील्स: चिली, पेरू, कनाडा पर नजर
कॉमर्स मंत्री पीयूष गोयल ने कहा चिली, पेरू, कनाडा के साथ टॉक्स प्रोग्रेस में। मर्कोसुर PTA को FTA में अपग्रेड। GCC इंटरेस्टेड। भारत अब नेगोशिएटर के तौर पर स्ट्रॉन्ग। राजनीतिक स्टेबिलिटी का फायदा।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: PM मोदी ने राजनीतिक स्थिरता का क्या श्रेय दिया?
उत्तर: निवेशकों का भरोसा बहाल करने और बड़े ट्रेड डील्स साइन करने में, जिससे भारत स्ट्रेंथ से नेगोशिएट कर सका। - प्रश्न: भारत ने कितने देशों के साथ FTA साइन किए?
उत्तर: 38 देशों के साथ, जिसमें हालिया UAE, ऑस्ट्रेलिया, UK, EU, US जैसे बड़े नाम शामिल। - प्रश्न: UPA दौर में ट्रेड टॉक्स का क्या हाल था?
उत्तर: बातें शुरू होतीं और बिना परिणाम के टूट जातीं, आर्थिक कमजोरी से नेगोशिएशन प्रभावित। - प्रश्न: MSMEs को FTA से क्या फायदा?
उत्तर: टेक्सटाइल, लेदर, केमिकल्स, हैंडीक्राफ्ट्स में ग्लोबल मार्केट एक्सेस बढ़ेगा। - प्रश्न: मोदी ने रिफॉर्म्स पर क्या कहा?
उत्तर: सरकार का कोर कमिटमेंट, लेटर एंड स्पिरिट में लागू, आर्थिक क्रेडिबिलिटी बढ़ाई।
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