लोकसभा में राहुल गांधी ने भारत-US ट्रेड डील को सरेंडर बताया, कहा मोदी ने ट्रंप के आगे भारत माता बेच दी। किसान, टेक्सटाइल, एनर्जी, डेटा सब खतरे में। ट्रंप ने टैरिफ 50% से 18% किया लेकिन भारत ने क्या दिया?
भारत-US डील में किसान-टेक्सटाइल बर्बाद? राहुल ने क्यों कहा ‘पूर्ण सरेंडर’?
लोकसभा में राहुल गांधी का धमाकेदार हमला: ट्रेड डील पर क्या बोले?
10 फरवरी 2026 को लोकसभा में बजट डिबेट के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने भारत-अमेरिका इंटरिम ट्रेड डील को “पूर्ण सरेंडर” करार दिया और कहा कि सरकार ने “भारत माता बेच दी”। राहुल ने पीएम मोदी से सीधे पूछा कि क्या तुम्हें शर्म नहीं आती भारत बेचने पर। उन्होंने दावा किया कि ये डील किसानों के हित बर्बाद करेगी, टेक्सटाइल सेक्टर मिट जाएगा और एनर्जी सिक्योरिटी अमेरिका के हाथ में चली जाएगी। ट्रेजरी बेंच से नारेबाजी हुई लेकिन राहुल ने जारी रखा। ये स्पीच बजट सेशन का हाइलाइट बनी।
भारत-US ट्रेड डील का बैकग्राउंड क्या है?
ट्रंप और मोदी के बीच फोन कॉल के बाद 3 फरवरी 2026 को इंटरिम डील की घोषणा हुई। ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से तेल बंद करेगा, बदले में US ने भारत पर 50% टैरिफ 18% कर दिया। व्हाइट हाउस ने कहा भारत US से $500 बिलियन एनर्जी, टेक, एग्री, कोल खरीदेगा। मोदी ने सिर्फ टैरिफ कम होने का स्वागत किया, तेल या खरीदारी का जिक्र नहीं। भारत ने कुछ एग्री प्रोडक्ट्स में मार्केट एक्सेस दिया लेकिन डेयरी-अग फुल प्रोटेक्टेड। ये डील फुल BTA की तरफ कदम मानी जा रही। लेकिन डिटेल्स सीक्रेट हैं।
राहुल ने डील को सरेंडर क्यों कहा?
राहुल बोले कि पहले एवरेज टैरिफ 3% था, अब 18% हो गया – 6 गुना बढ़ा। US इम्पोर्ट्स $46 बिलियन से $146 बिलियन हो जाएंगे। हम $500 बिलियन खरीदने को कमिटेड लेकिन US ने कोई रिसिप्रोसिटी नहीं। US टैरिफ 16% से जीरो हो गया। उन्होंने कहा अब US तय करेगा कि भारत किससे तेल ले – रूस या ईरान से नहीं। PM नहीं, ट्रंप डिसाइड करेगा। ये एनर्जी सिक्योरिटी सरेंडर है। किसानों को US एग्री कंपनियों से मार पड़ेगी। ट्रंप हमें सर्वेंट समझता है।
किसान और टेक्सटाइल पर क्या खतरा?
राहुल ने चेतावनी दी कि डील से किसानों के हित दांव पर हैं। US बड़ी एग्री कंपनियां मार्केट में घुसेंगी, डेयरी-अग ओपन हो सकता है। टेक्सटाइल सेक्टर वाइप आउट हो जाएगा क्योंकि US गुड्स सस्ते आएंगे। उन्होंने कहा ये PM का सरेंडर है क्योंकि BJP का फाइनेंशियल आर्किटेक्चर US में केस फेस कर रहा। 1.5 बिलियन इंडियंस का फ्यूचर दांव पर। अगर INDIA ब्लॉक होता तो ट्रंप को कहा होता – हम इक्वल हैं, डेटा एक्सेस दो तो बात करो। डेटा हमारा सबसे बड़ा एसेट है।
डेटा और डिजिटल ट्रेड में क्या दिया गया?
राहुल ने डिजिटल ट्रेड पर फोकस किया। कहा डेटा 21वीं सदी में हमारा सुपरपावर एसेट है। डील में डेटा लोकलाइजेशन नहीं, फ्री फ्लो US को, डिजिटल टैक्स लिमिट, सोर्स कोड डिस्क्लोज न करना, 20 साल टैक्स हॉलिडे। ये सब भारत के डिजिटल कंट्रोल छीन लेगा। हम फूल स्टैंडिंग लाइक फूल्स। US को कोई कमिटमेंट नहीं लेकिन हम बंधे। ट्रंप ने फोन पर दबाव डाला, मोदी झुके। ये अनइक्वल डील है।
मोदी सरकार का क्या जवाब था?
सरकार ने डील को हिस्टोरिक बताया। कहा ये रेसिप्रोकल है, भारत ने रेडलाइन्स रखीं – एग्री डेयरी प्रोटेक्टेड। $500 बिलियन खरीदारी वैकल्पिक, तेल बंद का ऑफिशियल कन्फर्मेशन नहीं। ट्रंप के स्टेटमेंट पर सफाई दी कि ये फ्रेमवर्क है। लोकसभा में ट्रेजरी बेंच ने नारेबाजी की। FM निर्मला सीतारामन ने बाद में कहा डील भारत के फायदे में, एक्सपोर्ट बढ़ेगा। लेकिन राहुल के आरोपों पर डायरेक्ट जवाब नहीं। विपक्ष लगातार ट्रंप टैरिफ और सरेंडर पर अटैक कर रहा।
ट्रेड डील से भारत को फायदा या नुकसान?
प्रो-गवर्नमेंट सोर्स कहते हैं टैरिफ 50% से 18% कम होना बड़ा रिलीफ, इंडियन गुड्स US में सस्ते। $500 बिलियन खरीदारी से टेक-एनर्जी में पार्टनरशिप। लेकिन क्रिटिक्स मानते हैं असममित – भारत ज्यादा खोलेगा, US कम। किसान संगठन MSP और एग इम्पोर्ट पर चिंतित। टेक्सटाइल यूनियन सस्ते US गुड्स से जॉब लॉस फियर। एनर्जी में रूस पर निर्भरता खत्म रिस्की। फुल डील डिटेल्स आने पर साफ होगा।
राहुल का ट्रंप को मैसेज क्या था?
राहुल बोले अगर INDIA गठबंधन होता तो ट्रंप को कहा – तुम्हारा डॉलर प्रोटेक्ट करना है तो इंडियन पीपल तुम्हारे फ्रेंड। हमारा डेटा एक्सेस दो तो इक्वल बात करो, सर्वेंट की तरह नहीं। ट्रंप को समझाओ कि भारत सुपरपावर बनेगा। मोदी ने ये मौका गंवा दिया। ये स्पीच वायरल हो गई। सोशल मीडिया पर डिबेट छिड़ गया।
राजनीतिक प्रभाव क्या पड़ेगा?
ये स्पीच विपक्ष को मजबूत करेगी। बजट सेशन में हंगामा बढ़ेगा। BJP कह रही ट्रेड डील इकोनॉमी बूस्ट करेगी। राहुल का अटैक पर्सनल था – PM सरेंडरर। आने वाले चुनावों में ट्रेड, किसान इश्यू बनेगा। ट्रंप का री-इलेक्शन और डोनाल्ड ट्रंप 2.0 पॉलिसी पर असर। भारत-US रिलेशन स्ट्रॉन्ग लेकिन डोमेस्टिक पॉलिटिक्स में विवाद।
कुल मिलाकर डील की सच्चाई क्या?
डील इंटरिम है, फुल BTA बाकी। भारत ने स्ट्रैटेजिक गेंस लिए लेकिन कॉन्सेशन भी दिए। राहुल ने हाइलाइट किया जो छिपा था। गवर्नमेंट को डिटेल्स क्लियर करने चाहिए। किसान-वर्कर सतर्क रहें। ट्रेड पॉलिसी में बैलेंस ज़रूरी। ये बहस डेमोक्रेसी की ताकत दिखाती है।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: राहुल गांधी ने लोकसभा में ट्रेड डील पर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने इसे “भारत माता बेचना” और “पूर्ण सरेंडर” बताया, कहा किसान हित, टेक्सटाइल, एनर्जी सब खतरे में। - प्रश्न: ट्रेड डील में US ने क्या दिया?
उत्तर: भारत पर टैरिफ 50% से 18% कम किया, बदले में भारत रूस तेल बंद करेगा और $500 बिलियन US गुड्स खरीदेगा। - प्रश्न: राहुल ने किसानों पर क्या चेतावनी दी?
उत्तर: US एग्री कंपनियां मार्केट में घुसेंगी, डेयरी-अग ओपन से किसान बर्बाद हो जाएंगे। - प्रश्न: डेटा ट्रेड में क्या हुआ?
उत्तर: डेटा लोकलाइजेशन नहीं, फ्री फ्लो US को, डिजिटल टैक्स लिमिट, 20 साल टैक्स हॉलिडे – भारत कंट्रोल खोएगा। - प्रश्न: मोदी सरकार का जवाब क्या था?
उत्तर: डील रेसिप्रोकल और फायदेमंद, एक्सपोर्ट बढ़ेगा, एग्री-डेयरी प्रोटेक्टेड रखा।
- Bharat Mata sold Rahul
- digital trade rules India US
- energy security Russian oil
- India data localisation US deal
- India farmers US dairy agriculture
- India US trade deal 2026
- interim trade deal Modi Trump
- Modi Trump trade agreement
- Rahul Gandhi Lok Sabha speech
- Rahul Gandhi wholesale surrender
- textile sector impact US FTA
- US tariffs India 18%
Leave a comment