असम कांग्रेस को 2026 विधानसभा चुनाव से पहले झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोराह ने इस्तीफा दिया। हाईकमान ने स्वीकार नहीं किया, लेकिन वापसी की बात। BJP ने दरवाजे खुले रखे।
भूपेन बोराह का इस्तीफा: क्या असम कांग्रेस का अंतिम हिंदू नेता चला गया?
असम कांग्रेस को बड़ा झटका: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोराह ने दिया इस्तीफा
असम में 2026 विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा जब पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोराह ने 16 फरवरी 2026 को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा पत्र भेजा, जिसमें लिखा कि पार्टी नेतृत्व उन्हें अनदेखा कर रहा है और राज्य इकाई में उनकी उचित भूमिका नहीं मिल रही। बोराह 2021 से 2025 तक APCC के अध्यक्ष रहे और बिहपुरिया से दो बार विधायक चुने गए। इस्तीफे के कुछ घंटों बाद ही हाईकमान ने इसे स्वीकार नहीं किया और बोराह ने वापसी का संकेत दिया। यह घटना प्रियंका गांधी के 18 फरवरी के असम दौरे से ठीक पहले घटी।
बोराह की नाराज़गी: गौरव गोगोई के आने से साइडलाइन?
बोराह को मई 2025 में गौरव गोगोई ने APCC अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था। इसके बाद वे संगठनात्मक भूमिकाओं से बाहर हो गए। उन्होंने इस्तीफे के पत्र में कहा कि 32 साल की निष्ठा के बावजूद हाल के दिनों में ऐसी परिस्थितियां बनीं कि इस्तीफा देना पड़ा। असम कांग्रेस इनचार्ज जितेंद्र सिंह ने कहा कि हाईकमान के हस्तक्षेप से बोराह ने इस्तीफा वापस ले लिया। गौरव गोगोई, भनवर जितेंद्र सिंह, प्रद्युत बोर्डोलोई और रायजोर दल के अखिल गोगोई ने बोराह से मुलाकात कर उन्हें मनाया।
BJP का स्वागत: हिमंत ने कहा दरवाजे खुले
असम CM हिमंत बिस्वा सरमा ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और कहा कि बोराह को साइडलाइन किया गया था, BJP के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने कहा अगर बोराह चाहें तो सुरक्षित सीट से चुनाव लड़वा देंगे। सरमा ने कांग्रेस को BJP का फिक्स्ड डिपॉजिट बताया, जहां से नेता निकालते रहते हैं। बोराह ने अभी BJP जॉइन करने का फैसला नहीं लिया, कहा भविष्य पर सोच रहे हैं।
असम कांग्रेस का हाल: अलायंस बनाना मुश्किल
असम कांग्रेस 2026 चुनावों के लिए विपक्षी गठबंधन बनाने की कोशिश में लगी है। बोराह को रायजोर दल जैसे छोटे दलों से बातचीत की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन पार्टी में आंतरिक कलह बढ़ रही है। प्रियंका गांधी का दौरा अलायंस को मजबूत करने के लिए है। हाईकमान तीन ऑब्जर्वर भेज चुका है। लेकिन बोराह जैसा स्थानीय चेहरा खोना पार्टी के लिए नुकसान है।
बोराह का राजनीतिक सफर: बिहपुरिया से APCC चेयरमैन तक
भूपेन बोराह 2006 और 2011 में बिहपुरिया से विधायक बने। 2021 में APCC अध्यक्ष बने। राहुल गांधी के करीबी गौरव गोगोई के आने से साइडलाइन महसूस किया। इस्तीफे के बाद X पर कांग्रेस का पदनाम हटा लिया। हाईकमान ने फौरन हस्तक्षेप किया। असम में BJP मजबूत, कांग्रेस अलायंस पर निर्भर।
2026 असम चुनाव: तारीखें मार्च–अप्रैल में
असम विधानसभा चुनाव मार्च–अप्रैल 2026 में होंगे। 126 सीटें। BJP ने तैयारी तेज कर दी। कांग्रेस अलायंस से BJP को चुनौती देने की कोशिश में। बोराह का मामला विपक्षी एकता पर सवाल खड़ा करता है। सरमा ने कहा कांग्रेस तेजी से बदल रही। प्रियंका का दौरा महत्वपूर्ण।
कांग्रेस हाईकमान का स्टैंड: इस्तीफा वापस लिया
AICC ने इस्तीफे को स्वीकार नहीं किया। जितेंद्र सिंह ने कहा बोराह वापस आ गए। लेकिन बोराह ने कहा भविष्य पर फैसला बाद में लेंगे। अलायंस टॉक्स जारी। BJP लुभाने की कोशिश में। असम पॉलिटिक्स में ड्रामा जारी।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: भूपेन बोराह ने इस्तीफा क्यों दिया?
उत्तर: पार्टी नेतृत्व द्वारा अनदेखा करने और राज्य इकाई में उचित भूमिका न मिलने की शिकायत की। - प्रश्न: क्या इस्तीफा स्वीकार हुआ?
उत्तर: हाईकमान ने स्वीकार नहीं किया, हस्तक्षेप से कुछ घंटों में वापस ले लिया। - प्रश्न: BJP ने क्या कहा?
उत्तर: CM हिमंत सरमा ने दरवाजे खुले रखे, सुरक्षित सीट ऑफर की। - प्रश्न: असम चुनाव कब?
उत्तर: मार्च–अप्रैल 2026 में 126 सीटों के लिए। - प्रश्न: बोराह कौन हैं?
उत्तर: पूर्व APCC अध्यक्ष (2021–2025), बिहपुरिया से दो बार विधायक।
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