अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद NCP मर्जर की अटकलों पर पियूष गोयल ने कहा – “कोई प्रस्ताव नहीं आया, मर्जर मुमकिन नहीं।” सुनेत्रा पवार डिप्टी CM, शरद पवार का 12 फरवरी प्लान, 2023 स्प्लिट बैकग्राउंड, महाराष्ट्र पॉलिटिक्स पर असर विस्तार से
NCP दो फाड़ के बाद अब एक हो जाएगी? पियूष गोयल का चौंकाने वाला बयान
NCP मर्जर पर पियूष गोयल का साफ़ इंकार – “कोई प्रस्ताव नहीं, मुमकिन नहीं लगता”
महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से सबसे ज़्यादा चर्चा NCP के दो धड़ों के मर्जर की हो रही है। अजित पवार की अचानक विमान दुर्घटना में मौत के बाद ये अटकलें और तेज़ हो गईं। शरद पवार ने 12 फरवरी को मर्जर का ऐलान करने की बात कही, लेकिन BJP के केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने साफ़ कह दिया – “हमें कोई प्रस्ताव नहीं मिला। सुनेत्रा पवार या प्रफुल पटेल से कोई बात नहीं हुई। मेरी राय में मर्जर मुमकिन नहीं।”
यह बयान CNN-News18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में आया। अजित पवार की मौत (28 जनवरी 2026) के सिर्फ़ तीन दिन बाद सुनेत्रा पावर को NCP विधायकीय दल का नेता चुना गया। वो आज डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेंगी।
अजित की मौत ने महायुति सरकार को झटका दिया, लेकिन साथ ही NCP के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए। क्या दो फाड़ पार्टी एक हो जाएगी? आइए पूरा मामला स्टेप बाय स्टेप समझें।
अजित पवार की मौत: विमान हादसे का ड्रामा
28 जनवरी 2026 को सुबह 8:46 बजे मुंबई से बारामती जा रहे लर्नजेट 45XR विमान ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश कर लिया। फॉग और कम विजिबिलिटी की वजह से दूसरी कोशिश में विमान रनवे से फिसल गया, पलट गया और आग लग गई।
बोर्ड पर अजित पावर, पायलट और तीन क्रू मेंबर थे। सबकी मौके पर मौत। अजित बारामती में ज़िला परिषद चुनाव के प्रचार के लिए जा रहे थे। CCTV फुटेज में विमान का पलटना और धमाका साफ़ दिखा।
यह हादसा महाराष्ट्र पॉलिटिक्स को हिला गया। अजित महायुति सरकार में डिप्टी सीएम थे। उनकी मौत से NCP का जोरदार धड़ा बिना चेहरे के रह गया।
NCP का 2023 स्प्लिट: पृष्ठभूमि क्या थी?
NCP शरद पावर ने 1999 में बनाई। 2023 जुलाई में अजित पावर ने चाचा शरद से बगावत की। 40 विधायकों के साथ BJP-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए। अजित डिप्टी सीएम बने।
शरद पावर गुट NCP (SP) बना, सुप्रिया सुले लीड। अजित गुट को पार्टी नाम-चिन्ह मिला। वजहें: अजित को CM बनने की महत्वाकांक्षा, फंडिंग केसों से राहत, BJP के साथ गठबंधन।
2024 लोकसभा में सुनेत्रा पावर (अजित की पत्नी) बारामती से सुप्रिया से हार गईं। फिर भी अजित गुट मजबूत रहा।
अजित की मौत के बाद सुनेत्रा पावर का उदय
अजित की मौत के तीन दिन बाद 31 जनवरी को मुंबई विधान भवन में NCP विधायकीय दल की मीटिंग हुई। सुनेत्रा को एकमत से नेता चुना गया। छगन भुजबल ने प्रस्ताव रखा।
आज शाम 5 बजे वो डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ लेंगीं। अजित के सभी मंत्रालय (फाइनेंस को छोड़कर) संभालेंगी। फाइनेंस CM देवेंद्र फडणवीस रखेंगे।
शरद पावर को इस फैसले में कंसल्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि प्रफुल पटेल और सुनील टटकरे ने लिया।
मर्जर अफवाहें: शरद पावर का 12 फरवरी क्लेम
अजित-शरद की जनवरी 17 मीटिंग के बाद मर्जर की चर्चा तेज़ हुई। शरद ने कहा कि चार महीने से सीक्रेट टॉक्स हो रहे थे। अजित ने जयंत पाटिल, शशिकांत शिंदे से बात की। 12 फरवरी को मर्जर तय था।
एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें सीनियर लीडर्स की ‘फाइनल’ मीटिंग दिखी। लेकिन अजित गुट ने डिनाय किया। सुनील टटकरे बोले – मीटिंग नगर निगम चुनाव और कृषि प्रोग्राम पर थी, मर्जर पर नहीं।
पियूष गोयल का इंटरव्यू: BJP की आधिकारिक लाइन
पियूष गोयल ने कहा – सुनेत्रा या प्रफुल पटेल से कोई जानकारी नहीं। BJP को कोई प्रपोजल नहीं मिला। “मर्जर मुमकिन नहीं लगता।”
यह BJP के लिए स्ट्रेटेजिक है। महायुति में NCP का धड़ा उनके साथ है। मर्जर से शरद पावर मजबूत हो जाते, जो MVA (कांग्रेस-NCP-SP) को फायदा देता।
महाराष्ट्र असेंबली में असर: सीटें कैसे बंटीं?
2023 स्प्लिट के बाद:
महायुति (BJP-शिवसेना-NCP अजित): 230+ सीटें।
MVA (कांग्रेस-NCP-SP-शिवसेना UBT): 140+।
NCP अजित गुट: 40 विधायक।
अजित की मौत से गुट कमज़ोर, लेकिन सुनेत्रा लीडरशिप से स्टेबिलिटी। BJP को फायदा क्योंकि अजित गुट उनके साथ रहेगा।
सुनेत्रा पावर कौन हैं? राजनीतिक सफर
सुनेत्रा अजित की दूसरी पत्नी। 2024 लोकसभा में बारामती से लड़ीं, सुप्रिया से 1.3 लाख वोट से हारीं। फिर राज्यसभा MP बनीं। राजनीतिक नौसिखिया मानी जाती हैं।
अब डिप्टी सीएम बन रही हैं। पार्टी लीडर्स का दावा – कार्यकर्ताओं की एकमत इच्छा। लेकिन शरद पावर गुट को बाहर रखा गया।
शरद पावर गुट का रिएक्शन
शरद ने मर्जर टॉक्स की पुष्टि की, लेकिन अजित की मौत से प्लान पटरी से उतर गया। जयंत पाटिल को फैसला सौंपा।
मर्जर क्यों मुश्किल?
- BJP को फायदा नहीं – अजित गुट उनके साथ, मर्जर से विपक्ष मज़बूत।
- सुनेत्रा नई हैं, प्रफुल पटेल जैसे सीनियर्स कंट्रोल करेंगे।
- शरद-सुप्रिया का MVA अलायंस।
- 12 फरवरी से पहले ही गोयल ने डिनाय कर दिया।
महाराष्ट्र पॉलिटिक्स पर लॉन्ग टर्म असर
अजित की मौत ने महायुति को झटका दिया। फाइनेंस मिनिस्ट्री CM को मिली। NCP गुट BJP पर निर्भर। शरद पावर 84 साल के, सुप्रिया लीडरशिप में।
2027 BMC, 2029 विधानसभा चुनाव में बदलाव। BJP NCP गुट को कंट्रोल करेगी।
पियूष गोयल का बयान क्यों अहम?
गोयल BJP के सीनियर लीडर। उनका “मर्जर नहीं मुमकिन” BJP की आधिकारिक स्टैंड। इससे महायुति कैडर को संदेश – स्टेटस को न बदलें।
5 FAQs
प्रश्न 1: पियूष गोयल ने NCP मर्जर पर क्या कहा?
उत्तर: गोयल ने कहा – “हमें सुनेत्रा पावर या प्रफुल पटेल से कोई मर्जर प्रपोजल नहीं मिला। मेरी राय में मर्जर मुमकिन नहीं।”
प्रश्न 2: अजित पावर की मौत कैसे हुई?
उत्तर: 28 जनवरी 2026 को बारामती एयरपोर्ट पर लर्नजेट क्रैश। फॉग में दूसरी लैंडिंग फेल, आग लगी। अजित समेत 5 की मौत।
प्रश्न 3: सुनेत्रा पावर अब क्या पद संभालेंगी?
उत्तर: NCP विधायकीय दल नेता चुनी गईं। 31 जनवरी शाम डिप्टी सीएम शपथ। अजित के मंत्रालय (फाइनेंस छोड़कर) मिलेंगे।
प्रश्न 4: शरद पावर ने मर्जर कब कहा?
उत्तर: शरद ने बताया कि चार महीने से टॉक्स चल रहे थे। अजित 12 फरवरी को मर्जर चाहते थे। लेकिन मौत से प्लान रुका।
प्रश्न 5: NCP स्प्लिट 2023 में क्यों हुआ?
उत्तर: अजित ने 40 विधायकों के साथ BJP सरकार जॉइन की। CM महत्वाकांक्षा, फंडिंग केस राहत। शरद गुट NCP(SP) बना।
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