महाराष्ट्र में NCP के दो गुटों ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ चुनावों में गठबंधन किया। अजित पवार ने शरद पवार से मर्जर की बात नकार दी लेकिन कहा- राजनीति में स्थायी दुश्मन नहीं। BJP पर निशाना, आगे क्या?
अजित का शरद पवार को संकेत: पुणे चुनावों में गठबंधन, आगे क्या होगा महायुति का खेल?
राजनीति में स्थायी दुश्मन नहीं: अजित पवार ने शरद पवार से मर्जर की बात नकारा, लेकिन रखा दरवाजा खुला
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर NCP का ड्रामा शुरू हो गया है। जुलाई 2023 में जब अजित पवार ने पार्टी को दो फाड़ किया और BJP के साथ सरकार में शामिल हुए, तो सबको लगा शरद पवार का अंत हो गया। लेकिन 2026 के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ म्यूनिसिपल चुनावों में दोनों NCP गुट एक साथ आ गए। अजित पवार ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में साफ कहा- शरद पवार साहब से कोई मर्जर बात नहीं हुई। लेकिन उन्होंने ये भी जोड़ा, ‘राजनीति में स्थायी दुश्मन नहीं होते।’ ये बयान सुनकर सबकी भवें सिकुड़ गईं।
अजित ने ये भी कहा कि वो यशवंतराव चव्हाण के फॉलोअर हैं, जो जोड़ने की राजनीति करते थे, घटाने की नहीं। लोकसभा और विधानसभा चुनावों में दोनों गुटों के बीच खूब कीचड़ उछाला गया। लेकिन अब पुणे MC और PCMC में गठबंधन हो गया। सुप्रिया सूले के साथ अजित ने जॉइंट मेनिफेस्टो जारी किया- पानी, ट्रैफिक, साफ-सफाई, हेल्थ सर्विसेज पर वादे। अजित बोले, इस गठबंधन से कड़वाहट कम हुई। वोटरों का रिस्पॉन्स अच्छा है।
तो सवाल ये कि BJP के साथ क्यों नहीं लड़े? हिंदुस्तान टाइम्स को अजित ने जवाब दिया- कोई मैच फिक्सिंग नहीं। BJP अपनी पार्टी बढ़ाना चाहती है, मैं अपनी NCP को। फैसला CM देवेंद्र फडणवीस का था कि अलग लड़ें। अगर BJP-शिवसेना गठबंधन टूटा तो हम दोनों NCP शिवसेना के साथ होते। लेकिन पुणे के दो वार्ड्स में हम साथ लड़े। ये साफ है कि महायुति में टेंशन चल रही।
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ चुनाव महाराष्ट्र के सबसे हाईप्रोफाइल म्यूनिसिपल पोल्स हैं। BJP यहां मजबूत है, लेकिन NCP का बेस वोटर शरद पवार को मानता है। अजित का ये गठबंधन BJP को चोट पहुंचा सकता है। BMC चुनाव 2026 में भी कम्युनल एंगल आ गया। अजित ने कहा, ‘मेरा सेक्युलर माइंडसेट है। देश बड़ा है, सब इंडियन हैं।’ फडणवीस बोले, BMC मेयर महायुति का, हिंदू और मराठी होगा।
NCP स्प्लिट का बैकग्राउंड
जुलाई 2023: अजित 40 MLA संग BJP में शामिल, डिप्टी CM बने। शरद को सुप्रीम कोर्ट ने NCP नाम-सिंबल दिया।
2024: लोकसभा-विधानसभा में दोनों गुट लड़े, BJP ने अजित को सपोर्ट किया।
2026: सिविक पोल्स में रीयूनियन। सुप्रिया-अजित साथ मंच पर। मेनिफेस्टो में पोटहोल-फ्री रोड्स, टैप वॉटर, पॉल्यूशन कंट्रोल।
महायुति में तनाव के संकेत
| मुद्दा | अजित का स्टैंड | BJP का स्टैंड |
|---|---|---|
| पुणे-PCMC गठबंधन | NCP(SP) के साथ | अलग लड़ाई |
| BMC मेयर | सेक्युलर अपील | हिंदू-मराठी |
| आगे एक्सटेंशन | कोई फैसला नहीं | महायुति मजबूत रखें |
पुणे चुनावों का महत्व
- पुणे MC: 162 वार्ड्स, BJP का गढ़।
- PCMC: 81 वार्ड्स, BJP मजबूत लेकिन NCP चैलेंज।
- जॉइंट मेनिफेस्टो: ट्रैफिक कम, स्लम रिहैब, हेल्थ।
वोटिंग 15 जनवरी 2026 को। अजित बोले, लोकसभा के मुकाबले रिस्पॉन्स बेहतर।
शरद पवार का रोल
85 साल के शरद साहब अभी भी बॉस। सुप्रिया उनके दाहिने हाथ। अजित का बयान उनके लिए संकेत। लेकिन मर्जर मुश्किल- ECI ने NCP नाम अजित को दिया। शरद को NCP(SP)। कानूनी लड़ाई जारी। फिर भी, चुनावी गठजोड़ से कड़वाहट घटी।
BJP पर अजित का निशाना
फडणवीस पर अप्रत्यक्ष तंज। ‘मेट्रो फ्री ट्रैवल’ का वादा BJP ने डाउट किया। अजित बोले, BJP PMC कंट्रोल खोने से डर रही। कैंपेनिंग के आखिरी दिन दोनों तरफ प्रॉमिस की बौछार।
राजनीतिक विश्लेषण
अजित की स्ट्रैटेजी स्मार्ट। BJP से दूरी बनाई, लेकिन सरकार में बने रहेंगे। शरद गुट को वोट शेयर बढ़ाने का मौका। महायुति अगर हारी तो 2029 विधानसभा पर असर। यशवंतराव चव्हाण वाली ‘जोड़ो’ राजनीति काम कर रही।
महाराष्ट्र सियासत का भविष्य
ऐसे गठबंधनों से सीख
- चुनावी दुश्मनी स्थायी नहीं।
- लोकल इश्यूज पर फोकस।
- वोट बैंक जोड़ो।
- BJP-NCP बैलेंस जरूरी।
अजित पवार का ये बयान महाराष्ट्र पॉलिटिक्स को नया मोड़ दे रहा। मर्जर नहीं, लेकिन ऑप्शंस ओपन। पुणे चुनाव रिजल्ट सब साफ करेंगे।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- अजित पवार ने शरद पवार से मर्जर बात की?
नहीं, कोई चर्चा नहीं हुई। लेकिन बोले- राजनीति में स्थायी दुश्मन नहीं। - पुणे-PCMC में NCP गुटों का गठबंधन कब तक?
सिर्फ इन चुनावों के लिए। आगे का फैसला बाद में। - BJP के साथ क्यों नहीं लड़े अजित?
BJP का फैसला, पार्टी बढ़ानी है। कोई मैच फिक्सिंग नहीं। - जॉइंट मेनिफेस्टो में क्या वादे?
टैप वॉटर, ट्रैफिक रिलीफ, पोटहोल-फ्री रोड्स, हेल्थ सर्विसेज। - BMC चुनाव में अजित का स्टैंड?
सेक्युलर माइंडसेट, कम्युनल एंगल पसंद नहीं।
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