JNU प्रशासन ने PM मोदी और HM शाह के खिलाफ “आपत्तिजनक नारे” लगाने वाले छात्रों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। JNUSU अध्यक्ष आदिति मिश्रा समेत नामित छात्रों पर सस्पेंशन, निष्कासन या स्थायी बहिष्कार। वसंत कुंज पुलिस में FIR दर्ज, हेट स्पीच का आरोप।
2020 हिंसा की छठी बरसी पर विवाद: JNU ने हेट स्पीच बताकर वसंत कुंज पुलिस में FIR दर्ज की
JNU में मोदी-शाह के खिलाफ नारे: छात्रों पर निष्कासन की चेतावनी, FIR दर्ज
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने सोमवार रात साबरमती हॉस्टल में हुए प्रोटेस्ट के दौरान PM नरेंद्र मोदी और HM अमित शाह के खिलाफ “आपत्तिजनक नारे” लगाने वाले छात्रों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया। X पर पोस्ट कर कहा कि छात्रों पर तत्काल सस्पेंशन, निष्कासन या स्थायी बहिष्कार होगा। वसंत कुंज पुलिस में FIR दर्ज हो चुकी है।
JNUSU अध्यक्ष आदिति मिश्रा समेत कई छात्रों को नामित किया। प्रशासन ने नारों को “हेट स्पीच” और JNU कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन बताया।
प्रोटेस्ट का बैकग्राउंड
5 जनवरी को 2020 कैंपस हिंसा की छठी बरसी पर JNUSU ने “Night of Resistance with Guerrilla Dhaba” आयोजित किया। सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद (पूर्व JNU छात्र) और शरजील इमाम को दिल्ली दंगों के केस में बेल न देने के फैसले पर प्रोटेस्ट।
साबरमती धाबा पर 35 छात्रों ने भाग लिया। वीडियो वायरल, जिसमें PM, HM, मुकेश अंबानी, गौतम अडानी के खिलाफ नारे। प्रशासन ने इन्हें “जानबूझकर दोहराए गए” और “सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने वाले” बताया।
JNU प्रशासन का बयान
X पर JNU ने लिखा: “सबसे सख्त कार्रवाई होगी। छात्रों पर तत्काल सस्पेंशन, निष्कासन या स्थायी डिबारमेंट। बोलने की आजादी मौलिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, गैरकानूनी कृत्य या एंटी-नेशनल एक्टिविटी बर्दाश्त नहीं।”
“विश्वविद्यालय इनोवेशन के केंद्र हैं, हेट लैब नहीं बन सकते।” शिकायत में BNS की धाराओं का हवाला, सुप्रीम कोर्ट का “डायरेक्ट कंटेम्प्ट”।
नामित छात्र
– JNUSU अध्यक्ष आदिति मिश्रा
– अन्य पहचाने गए छात्र (विवरण जारी)
आदिति ने कहा: “नारे वैचारिक थे, किसी पर व्यक्तिगत हमला नहीं।”
2020 हिंसा का संदर्भ
5 जनवरी 2020 को मास्कधारी समूह ने कैंपस पर हमला किया। छात्र-शिक्षक घायल। JNUSU का प्रोटेस्ट उसी की याद में।
उमर खालिद और शरजील इमाम
– पूर्व JNU छात्र।
– 2020 दिल्ली दंगों में UAPA के तहत गिरफ्तार।
– SC ने बेल न दी।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
BJP नेताओं ने नारों की निंदा की। ABVP ने कैंपस विरोध। विपक्ष ने “फ्री स्पीच” का समर्थन।
| कार्रवाई | विवरण |
|---|---|
| FIR | वसंत कुंज पुलिस, BNS धाराएं |
| अनुशासनिक | सस्पेंशन/निष्कासन/डिबारमेंट |
| जांच | इंटरनल कमिटी + पुलिस |
JNU कोड ऑफ कंडक्ट
– हेट स्पीच प्रतिबंधित।
– कैंपस हार्मनी बनाए रखना।
– एंटी-नेशनल एक्टिविटी पर जीरो टॉलरेंस।
छात्रों के लिए सलाह
– वीडियो वायरल होने पर सतर्क रहें।
– प्रोटेस्ट में संयम।
– प्रशासन से संपर्क।
5 FAQs
- JNU ने छात्रों पर क्या कार्रवाई का ऐलान किया?
सस्पेंशन, निष्कासन या स्थायी डिबारमेंट। - प्रोटेस्ट कब और क्यों हुआ?
5 जनवरी 2026 को 2020 हिंसा की बरसी पर, उमर खालिद बेल रिजेक्ट पर। - कौन नामित?
JNUSU अध्यक्ष आदिति मिश्रा समेत। - FIR किसमें दर्ज?
वसंत कुंज पुलिस, हेट स्पीच और BNS धाराओं में। - JNU का स्टैंड?
“हेट लैब नहीं बनेगा, एंटी-नेशनल एक्टिविटी बर्दाश्त नहीं।”
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