ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की गाड़ी 30 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिरी। 2 घंटे मदद मांगी, लेकिन बिल्डर अभय कुमार की लापरवाही से मौत। CEO हटाए गए, SIT जांच।
ग्रेटर नोएडा हादसा: बिल्डर की गिरफ्तारी के बाद खुलासा- पानी भरा गड्ढा था मौत का जाल!
नोएडा इंजीनियर की दर्दनाक मौत: बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार, सेक्टर 150 का खतरनाक गड्ढा बना हादसे का कारण
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 16-17 जनवरी की रात एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत ने पूरे इलाके को हिला दिया। 27 साल के युवराज मेहता गुरुग्राम से अपने सेक्टर 150 स्थित घर लौट रहे थे। घने कोहरे में उनकी एसयूवी अचानक 30 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में जा गिरी। दो घंटे तक उन्होंने फोन की टॉर्च जलाकर मदद मांगी, लेकिन कोई नहीं पहुंचा। आखिरकार दम तोड़ दिया। पोस्टमॉर्टम में पता चला- डूबने से सांस रुकना और हार्ट फेलियर। ये हादसा MZ विझटाउन प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन साइट के पास हुआ, जहां बिल्डर ने कोई बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर या चेतावनी साइनेज नहीं लगाए थे।
पिता राजकुमार मेहता ने Knowledge Park थाने में शिकायत की। FIR MZ विझटाउन प्लानर्स और लोटस ग्रीन्स के खिलाफ दर्ज हुई। लोटस ग्रीन्स ने कहा- उन्होंने 2019-20 में प्रोजेक्ट नोएडा अथॉरिटी की मंजूरी से बेच दिया था। लेकिन अभय कुमार, MZ विझटाउन के डायरेक्टर को 20 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 106(1), 125 के तहत गैर-इरादतन हत्या का केस। कोर्ट ने 2 हफ्ते की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा। बाद में रवि बंसल और सचिन कर्णवाल नाम के दो और बिल्डर गिरफ्तार हुए। पर्यावरण और प्रदूषण कानूनों के तहत नई FIR- अभय कुमार, संजय, मनीष, अंचल बोहरा, निर्मल पर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तुरंत एक्शन लिया। नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम (2005 बैच IAS) को हटा दिया। 3 सदस्यीय SIT गठित कर दी गई। आदेश दिया- पूरे UP में दुर्घटना वाले स्पॉट चिह्नित करें, सुधार करें। जूनियर इंजीनियर सस्पेंड, अन्य अफसरों को नोटिस। सेक्टर 150 वासी सड़क जाम कर प्रदर्शन करने लगे। बोले- बार-बार शिकायत की, लेकिन गड्ढा 2021 से भरा था, कोई सुनवाई नहीं। पुलिस ने अभय का क्रिमिनल हिस्ट्री चेक शुरू किया। SIT नोएडा अफसरों से पूछताछ कर रही।
युवराज का परिवार टूट चुका। पिता बोले, ‘मेरा बेटा 2 घंटे जिंदगी के लिए लड़ता रहा। मौके पर स्टाफ था, लेकिन डाइवर नहीं। अथॉरिटी की लापरवाही। कोई और बेटा न खोए, ये सुनिश्चित हो।’ युवराज गुरुग्राम में जॉब करता, नोएडा में घर लिया। रात 11 बजे हादसा हुआ। फोन पर मदद मांगी, लेकिन कोहरा और अंधेरा। गाड़ी डूबते ही वो ऊपर चढ़ा, टॉर्च जलाई। 90 मिनट तक। सुबह 1 बजे बॉडी बरामद। ऐसा क्यों हुआ? कंस्ट्रक्शन साइट पर पानी जमा 2021 से। बरसाती पानी, ड्रेनेज सिस्टम फेल। बैरिकेडिंग न होने से हादसा।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट बूम है। लाखों फ्लैट बिके, IT हब बना। लेकिन सेफ्टी? स्टडीज कहती हैं- भारत में 70% कंस्ट्रक्शन साइट्स पर बेसिक सेफ्टी नॉर्म्स फॉलो नहीं। CPWD गाइडलाइंस: गड्ढे पर 1.5 मीटर ऊंची बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप, बोर्ड ‘खतरनाक- न जाएं’। रात में लाइट्स। लेकिन यहां कुछ नहीं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो डेटा: 2024 में UP में 15,000+ रोड हादसे, 18% कंस्ट्रक्शन साइट रिलेटेड। नोएडा में पिछले 2 साल 50+ ऐसे केस।
क्या होता है पानी भरे गड्ढे में? इंजीनियरिंग एक्सपर्ट्स कहते हैं- 30 फीट गहराई में पानी 4-5 मीटर चढ़ जाता। ठंड में हाइपोथर्मिया। सांस लेना मुश्किल। कार में फंसकर पैनिक। युवराज जैसे युवा मजबूत थे, लेकिन 90 मिनट में बॉडी कमजोर। रेस्क्यू में डाइवर जरूरी। नोएडा फायर डिपार्टमेंट में शॉर्टेज। CMO ने पूरे UP के लिए अलर्ट जारी किया।
सेक्टर 150 का बैकग्राउंड। ये पॉश इलाका, IT प्रोफेशनल्स का। MZ विझटाउन कमर्शियल प्रोजेक्ट 2018 से अटका। बायर्स प्रोटेस्ट। अथॉरिटी ने अप्रूवल दी, लेकिन मॉनिटरिंग फेल। अब SIT प्रॉब। बिल्डरों पर पर्यावरण उल्लंघन- गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट। वाटर एक्ट 1974 की धारा 24,43। BNS 125: दूसरों की जान को खतरा।
ऐसे हादसों की लिस्ट लंबी। 2023 में नोएडा में स्कूली बच्चे गड्ढे में। 2024 बैंगलुरु में IT चाइल्ड। हर बार वादे, फिर भूल। सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में कहा- कंस्ट्रक्शन सेफ्टी सख्त। लेकिन ग्राउंड जीरो पर फेल। नोएडा अथॉरिटी पर सवाल- CEO क्यों सोते रहे? जूनियर इंजीनियर सस्पेंड, लेकिन सीनियर? SIT रिपोर्ट का इंतजार।
परिवार न्याय चाहता। पिता बोले- सजा दो ताकि कोई न दोहराए। सोशल मीडिया पर #JusticeForYuvraj ट्रेंड। नोएडा में कैंपेन शुरू- सेफ्टी ऑडिट। योगी जी का ऑर्डर: राज्यव्यापी चेक। अच्छा कदम। लेकिन अमल? देखना बाकी। युवराज जैसे लाखों नोएडा में रहते। उनकी सेफ्टी पहले।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- युवराज मेहता की मौत कैसे हुई?
16-17 जनवरी रात कोहरे में सेक्टर 150 में 30 फीट गहरे पानी भरे गड्ढे में गाड़ी गिरी। 2 घंटे मदद मांगी, लेकिन डूब गए। - बिल्डर अभय कुमार पर क्या केस?
गैर-इरादतन हत्या (BNS 105,106,125), पर्यावरण उल्लंघन। ज्यूडिशियल कस्टडी में। 2 और बिल्डर गिरफ्तार। - योगी सरकार ने क्या एक्शन लिया?
नोएडा CEO हटाए, SIT बनाई। UP में दुर्घटना स्पॉट चेक, सुधार के आदेश। - गड्ढा कब से भरा था?
2021 से पानी जमा। बैरिकेडिंग, साइनेज न होने की शिकायतें पहले भी। - नोएडा में ऐसे हादसे कितने?
पिछले 2 साल में 50+। सेफ्टी नॉर्म्स फेल।
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