धनबाद । झारखण्ड निर्माता दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन का 82वाँ जयन्ती के उपलक्ष में सोनोत सांताल समाज के केंद्रीय समिति द्वारा आठ लेन सड़क पर स्थित कुर्मीडीह चौक का नामकरण दिशोम गुरु शिबू सोरेन मोड़ किया गया।जहां आदिवासी रीति रिवाज से लौह नामपट्ट को पूजा अर्चना कर स्थापित किया गया।दिशोम गुरु के संघर्षों को याद कर वक्ताओं ने कहा कि गुरुजी ने महाजनी प्रथा के विरोध में जोरदार आंदोलन कर आदिवासियों मूलवासियों की जमीन को महाजनों से मुक्त करवाया।पूरे बृहद झारखण्ड में भ्रमण कर नशा मुक्त समाज के लिए आह्वाहन कर शिक्षित समुदाय की अपील करते रहे।गुरुजी ने संपूर्ण जीवन झारखण्ड के लिए निछावर कर दिया।गुरुजी सिर्फ एक समुदाय के नेतृत्वकर्ता नहीं थे,अपितु सर्व समाज के महानायक रहें।उनका संघर्ष,महान जीवन,शिक्षा,आदर्श सदियों तक जनमानस को न्याय,स्वाभिमान की राह सहित झारखण्ड के जल,जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।

इस कार्यक्रम में महिलाओं ने पारम्परिक वेशभूषा में नृत्य किया एवं रतिलाल टूडू सहित सभी गणमान्यजन मांदर की थाप पर खूब झूमे।इस पुनीत कार्य पर झामुमो के वरीय नेता रतिलाल टूडू,सोनोत सांताल समाज के संयोजक रमेश टूडू, केंद्रीय अध्यक्ष सनातन सोरेन,केंद्रीय सचिव अनिल टूडू।के अलावे समाज के नायके,हड़ाम ने विधि विधान से पूजा अर्चना किया तथा साथ में रूपलाल हांसदा,लोथा हांसदा, दिनेश्वर हेम्ब्रम, हेमलाल टूडू,छोटेलाल हेम्ब्रम, रवि हेम्ब्रम, संजय हेम्ब्रम, आकाश हांसदा, प्रकाश हांसदा,सनातन हांसदा,सुभाष टुडू,अजित टूडू,टार्जन हांसदा,विकास टूडू,संजय टूडू,मोहन टूडू,लक्ष्मण हेम्ब्रम,शिव कुमार हांसदा,लखनलाल टूडू,संजय रजवार,शहजाद अंसारी,पारस ठाकुर,सोनू कुमार एवं अन्य महिलाओं एवं पुरुषों ने भी हिस्सा लिया।
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