Paush Purnima 2026: 3 जनवरी (शनिवार), तिथि 2 जनवरी शाम 6:53 से 3 जनवरी दोपहर 3:32। व्रत विधि, चंद्र पूजा, भोजन नियम व लाभ। विष्णु भक्ति से पाप नाश, समृद्धि।
Paush Purnima 2026: सटीक तिथि, व्रत विधि, महत्व, भोजन नियम व आध्यात्मिक लाभ की पूरी जानकारी
भाइयों-बहनों, पौष पूर्णिमा हिंदू पंचांग का एक खास दिन है, जब चंद्रमा पूर्ण रूप से जगमगाता है। 2026 में ये 3 जनवरी (शनिवार) को मनाया जाएगा। तिथि 2 जनवरी शाम 6:53 बजे शुरू होकर 3 जनवरी दोपहर 3:32 बजे समाप्त। चंद्रोदय 3 जनवरी शाम 5:28 बजे। भक्त विष्णु भगवान व चंद्र देव की पूजा करेंगे। स्कंद पुराण व पद्म पुराण कहते हैं, इस व्रत से पाप नष्ट, समृद्धि व शांति मिलती है।
ये दिन मकर संक्रांति से पहले आता है, स्नान-पुण्य का समय। आयुर्वेद में पूर्णिमा को माइंड बैलेंस के लिए अच्छा बताया। चलिए, सब डिटेल्स समझते हैं।
पौष पूर्णिमा 2026 की सटीक तिथि व समय
| घटना | तारीख व समय (IST) |
|---|---|
| पूर्णिमा तिथि प्रारंभ | 2 जनवरी 2026, शाम 6:53 बजे |
| पूर्णिमा तिथि समाप्ति | 3 जनवरी 2026, दोपहर 3:32 बजे |
| चंद्रोदय | 3 जनवरी, शाम 5:28 बजे |
| व्रत-अवसान | 3 जनवरी (शनिवार) |
पौष पूर्णिमा का धार्मिक महत्व
पौष पूर्णिमा विष्णु व चंद्र पूजा का दिन। महाभारत व भविष्य पुराण में वर्णित – व्रत से पापमुक्ति, सौभाग्य। चंद्र की पूर्ण कला मन की शुद्धि लाती। पितृ तर्पण भी शुभ। आधुनिक साइंस: फुल मून से स्लीप साइकल प्रभावित, ध्यान बेहतर।
एक ब्राह्मण की कहानी: गरीबी में विष्णु भक्ति। पौष पूर्णिमा व्रत किया, चंद्र देव प्रसन्न, धन बरसा। संदेश: श्रद्धा से सब मिले।
व्रत व पूजा की सरल विधि स्टेप बाय स्टेप
- सुबह उठ स्नान, स्वच्छ पीले वस्त्र।
- गंगा/नदी स्नान (घर पर कलश)।
- गणेश-लक्ष्मी पूजा।
- विष्णु मंदिर: तुलसी पत्र, फल अर्पित।
- चंद्र पूजा: चंद्रोदय पर अर्घ्य (दूध-चावल)। मंत्र: “ॐ चंद्राय नमः”।
- कथा पढ़ें।
- ब्राह्मण भोजन।
भोजन नियम: क्या खाएँ, क्या न खाएँ
- फलाहार: दूध, फल, नट्स, खीर (बिना अनाज)।
- क्षेत्रीय: उत्तर में फल, दक्षिण में कुट्टू।
- अवॉइड: सेंधा नमक छोड़ तामसिक।
आयुर्वेद टिप: बादाम दूध – विंटर न्यूट्रिशन।
पारण: चंद्रोदय के बाद, अगले दिन प्रातः। दान: ब्राह्मण को चावल, दूध, वस्त्र। चंद्र दोष निवारण: सफेद वस्तु।
जल में तिल, कुशा डाल “ओम पितृभ्यः तर्पयामि”। पितृ प्रसन्न।
- धन-शांति।
- उपाय: चंद्र मंत्र जप (108 बार)।
आयुर्वेदिक टिप्स पौष पूर्णिमा
संबंधित त्योहार
माघ मेला प्रारंभ।
FAQs
1. पौष पूर्णिमा 2026 कब है?
3 जनवरी, तिथि 2 जनवरी शाम से 3 दोपहर तक।
2. व्रत पारण कब?
चंद्रोदय बाद या अगले दिन सुबह।
3. पूजा में क्या अर्पित करें?
दूध, चावल चंद्र को; तुलसी विष्णु को।
Leave a comment