रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- युद्ध अब जटिल हो गए, ऊर्जा-ट्रेड-सप्लाई चेन पर असर। प्राइवेट सेक्टर R&D में आगे। डिफेंस प्रोडक्शन 1.5 लाख करोड़, एक्सपोर्ट 25,000 करोड़। ग्लोबल हब बनेंगे।
जंग के नए आयाम: ऊर्जा-ट्रेड-सप्लाई चेन अब युद्ध का हिस्सा, प्राइवेट डिफेंस में R&D में नंबर वन!
आत्मनिर्भर रक्षा का नया दौर: राजनाथ सिंह ने प्राइवेट सेक्टर को दिया पूरे सम्मान, युद्ध के नए आयाम बताए
नागपुर में सोलर इंडस्ट्रीज के मीडियम कैलिबर एम्युनिशन प्लांट का उद्घाटन करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज का युद्ध सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहा। ऊर्जा, व्यापार, टैरिफ, सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी और सूचना अब इसके नए आयाम बन गए हैं। युद्ध की तीव्रता तेज हो रही है और इसके लिए वॉर फुटिंग पर तैयारी जरूरी है। उन्होंने प्राइवेट सेक्टर की तारीफ की जो R&D में पब्लिक सेक्टर से आगे निकल गया है।
पहले डिफेंस प्रोडक्शन सिर्फ सरकारी क्षेत्र तक सीमित था। प्राइवेट सेक्टर की क्षमता थी लेकिन उसका उपयोग नहीं हो पा रहा था। वर्तमान सरकार ने नीतियां बदलीं, प्रक्रियाएं सरल कीं और आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाए। नतीजा? घरेलू उत्पादन 2014 के 46,000 करोड़ से बढ़कर आज 1.5 लाख करोड़ हो गया। इसमें प्राइवेट सेक्टर का योगदान 30,000 करोड़। एक्सपोर्ट 1,000 करोड़ से 25,000 करोड़ पहुंचा। 2029-30 तक 50,000 करोड़ का टारगेट।
राजनाथ ने सोलर ग्रुप की खूब तारीफ की। पिनाका मिसाइल, नागास्त्र ड्रोन (ऑपरेशन सिंदूर में इस्तेमाल) जैसी क्षमताएं विकसित कीं। 30mm एम्युनिशन का फुली ऑटोमेटेड प्लांट आर्मी-नेवी के लिए बड़ा सहारा। भर्गवास्त्र काउंटर ड्रोन सिस्टम का सफल टेस्ट। प्राइवेट सेक्टर क्वालिटी, टाइमलाइन, प्रोडक्टिविटी में आगे। सरकार चाहती है प्राइवेट का हिस्सा 50% हो।
डिफेंस प्रोडक्शन ग्रोथ (2014-2026)
| वर्ष | कुल उत्पादन (करोड़) | प्राइवेट हिस्सा | एक्सपोर्ट (करोड़) |
|---|---|---|---|
| 2014 | 46,000 | न्यूनतम | 1,000 |
| 2020 | 1,00,000 | 15,000 | 9,000 |
| 2026 | 1,50,000 | 30,000 | 25,000 |
| टारगेट 2030 | 2,50,000+ | 50% | 50,000 |
युद्ध का बदलता स्वरूप
- पारंपरिक: सिर्फ बॉर्डर पर टैंक-तोप
- आधुनिक: साइबर अटैक, सप्लाई चेन ब्लॉक, एनर्जी क्राइसिस
- हाइब्रिड: ड्रोन स्वार्म, AI वेपन्स, इंफो वॉर
भारत ने बॉर्डर अलर्ट, हार्डवेयर, इंडस्ट्रियल बेस मजबूत किया।
प्राइवेट सेक्टर के सितारे
- सोलर इंडस्ट्रीज: पिनाका, नागास्त्र, 30mm एम्युनिशन
- L&T: आर्टिलरी गन्स, कोस्टल डिफेंस
- टाटा: ब्रह्मोस एक्सपोर्ट, ड्रोन
- रिलायंस: रॉकेट सिस्टम्स
R&D में प्राइवेट PSUs से आगे।
सफलता के आंकड़े
चुनौतियां बाकी
नागपुर का महत्व
महाराष्ट्र डिफेंस हब बन रहा। सोलर का प्लांट आर्मी-नेवी के लिए क्रिटिकल। एम्प्लॉयमेंट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर। SIDM इवेंट में इंडस्ट्री लीडर्स जमा।
आत्मनिर्भरता के पांच स्तंभ
ग्लोबल तुलना
भविष्य की राह
- अग्नि, ब्रह्मोस एक्सपोर्ट बढ़ाएं
- ड्रोन, AI वेपन्स
- स्पेस डिफेंस
प्राइवेट को 50% शेयर देकर ग्लोबल लीडर।
राजनाथ का संदेश
‘हर रूप के युद्ध के लिए मजबूत डिफेंस बेस चाहिए। प्राइवेट सेक्टर हमारा भरोसेमंद पार्टनर।’ नागपुर से निकला ये संदेश पूरे देश के लिए।
ये सिर्फ उद्घाटन नहीं, आत्मनिर्भर भारत का नया चैप्टर है। प्राइवेट सेक्टर ने साबित किया कि वो सिर्फ मुनाफे के पीछे नहीं, राष्ट्र सेवा के लिए भी तैयार। युद्ध के नए आयामों से निपटने को भारत तैयार।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- राजनाथ सिंह ने प्राइवेट सेक्टर को क्या कहा?
R&D में PSUs से आगे, क्वालिटी-टाइमिंग में बेहतर। 50% हिस्सा टारगेट। - डिफेंस प्रोडक्शन कितना बढ़ा?
2014 में 46,000 करोड़ से 1.5 लाख करोड़। प्राइवेट 30,000 करोड़। - एक्सपोर्ट टारगेट क्या?
25,000 करोड़ से 50,000 करोड़ (2029-30)। - सोलर इंडस्ट्रीज क्या बनाती?
पिनाका मिसाइल, नागास्त्र ड्रोन, 30mm एम्युनिशन। - युद्ध के नए आयाम कौन?
एनर्जी, ट्रेड, सप्लाई चेन, टेक्नोलॉजी, इंफॉर्मेशन।
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