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अयोध्या राम मंदिर: अप्रैल तक पूरा, लेकिन 1600 करोड़ खर्च हो चुके, बाकी क्या बाकी?

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Ram temple Ayodhya completion April 2026
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अयोध्या राम मंदिर निर्माण 30 अप्रैल 2026 तक पूरा, कुल खर्च 1900 करोड़। L&T-Tata अप्रैल तक एग्ज़िट, 1600 करोड़ पेमेंट हो चुका। नागर शैली, 392 खंभे, 3 साल वारंटी, डोनेशन 3000 करोड़ से ज़्यादा। निर्माण इतिहास, आर्किटेक्चर, आगे प्लान और भक्तों के लिए महत्व विस्तार से। 

क्या राम मंदिर 30 अप्रैल तक सचमुच बन जाएगा? नृपेंद्र मिश्रा के नए अपडेट का पूरा राज़

राम मंदिर निर्माण अप्रैल 30 तक पूरा: 1900 करोड़ का अनुमानित खर्च, L&T-Tata एग्ज़िट

अयोध्या में राम मंदिर का सपना अब आख़िरी पड़ाव पर है। राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने 31 जनवरी 2026 को बताया कि सारा निर्माण कार्य 30 अप्रैल 2026 तक खत्म हो जाएगा। कुल खर्च लगभग 1900 करोड़ का अनुमान है, जिसमें से 1600 करोड़ (GST समेत) पहले ही पे हो चुके हैं।

L&T और टाटा कंसल्टेंसी जैसी कंपनियाँ भी अप्रैल तक मंदिर कॉम्प्लेक्स से बाहर हो जाएँगी। दोनों ने 3 साल की वारंटी दी है। मेंटेनेंस के लिए छोटी टीम रहेगी। उसके बाद सारे कॉन्ट्रैक्ट श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ट्रांसफर हो जाएँगे।

ये घोषणा दो दिवसीय मीटिंग के बाद आई। इसमें प्रोग्रेस रिव्यू, टाइमलाइन और ट्रांज़िशन पर चर्चा हुई। भक्तों के लिए ये ख़बर बड़ी राहत है, क्योंकि प्राण प्रतिष्ठा के बाद अब मंदिर पूरी तरह तैयार होने वाला है।

मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा: स्टेप बाय स्टेप

राम मंदिर का सफर लंबा रहा। 1992 में पुराने डिज़ाइन को अपडेट किया गया। नवंबर 2020 में L&T को डिज़ाइन एंड बिल्ड कॉन्ट्रैक्टर और टाटा कंसल्टेंसी को प्रोजेक्ट मैनेजर बनाया गया।

फाउंडेशन 2020 में शुरू। फिर प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई। उसके बाद ऊपरी हिस्से, मंडप और बाकी काम तेज़ी से चले।

मई 2025 में डेडलाइन मार्च 2026 थी, लेकिन अब अप्रैल 30 तक सेटल। ऑडिटोरियम और बाकी काम भी इसी टाइमलाइन में।

कुल मिलाकर, 5 साल से कम वक़्त में ये विशाल प्रोजेक्ट लगभग पूरा हो गया। डोनेशन 3000 करोड़ से ज़्यादा इकट्ठा हुए।

मंदिर का आर्किटेक्चर: नागर शैली का चमत्कार

मंदिर नागर शैली में बना, बिना स्टील या आयरन के। तीन मंज़िला, हर फ़्लोर 20 फ़ीट ऊँचा। कुल बिल्ट-अप एरिया 57,000 sq ft।

मुख्य फीचर्स:

  • 392 खंभे (ग्राउंड फ़्लोर 160, फ़र्स्ट 132, सेकंड 74)
  • 44 दरवाज़े, तीख की लकड़ी के
  • 5 मंडप: गर्भगृह सबसे ऊँचा शिखर वाला
  • पार्कोटा (चौखट दीवार) 732 मीटर लंबी, 14 फ़ीट चौड़ी
  • सीता कूप (प्राचीन कुआँ) और कुबेर टीला पर शिव मंदिर बहाल
  • रैंप और लिफ़्ट दिव्यांगों व बुज़ुर्गों के लिए

ये पुरानी नागर शैली का जीवंत उदाहरण है, जहाँ पत्थरों की मजबूती से सदियों टिकने की गारंटी है।

L&T और टाटा का योगदान: क्यों चुनी गई ये कंपनियाँ?

L&T को डिज़ाइन एंड बिल्ड का जिम्मा। टाटा कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट मैनेजमेंट। स्टेट कॉन्स्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन भी शामिल।

दोनों ने 3 साल वारंटी दी। मेंटेनेंस टीम रहेगी। अप्रैल 30 तक पेपरवर्क, बिल पेमेंट पूरा। फिर ट्रस्ट ले लेगा।

ये कंपनियाँ चुनने का कारण उनकी एक्सपीरियंस – बड़े टेम्पल्स, हाई प्रिसिज़न वर्क।

खर्च का ब्रेकडाउन: 1900 करोड़ कैसे बंटे?

कुल अनुमान 1900 करोड़। 1600 करोड़ (GST सहित) पे हो चुके। बाकी बिलिंग पेंडिंग।

डोनेशन 3000 करोड़ से ज़्यादा। ट्रस्ट ने पारदर्शी तरीके से यूज़ किया।

ब्रेकडाउन (अनुमानित):

  • सिविल वर्क, पत्थर, लेबर: मुख्य हिस्सा
  • ऑडिटोरियम, गैलरीज़: 200 करोड़
  • सिक्योरिटी इक्विपमेंट: एडवांस्ड
  • म्यूज़ियम गैलरीज़: रामायण घटनाओं पर

ट्रस्ट ने क्वालिटी चेक के लिए सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को शामिल किया।

डोनेशन का सफर: भक्तों की आस्था ने कैसे सपना साकार किया

प्राण प्रतिष्ठा से पहले डोनेशन कैंपेन चला। 3000 करोड़ से ज़्यादा इकट्ठा। छोटे–बड़े दानदाता, NRIs, आम भक्त।

ट्रस्ट ने कहा – हर पैसा ट्रांसपेरेंट, ऑडिटेड। बाकी अमाउंट आगे डेवलपमेंट में यूज़ होगा।

आगे क्या? मंदिर के बाद का प्लान

30 अप्रैल के बाद:

  • L&T-Tata एग्ज़िट, ट्रस्ट लेगा चार्ज
  • 3 साल वारंटी, मेंटेनेंस टीम
  • प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू का 19 मार्च 2026 को विज़िट प्लान
  • ध्वज स्थापना, ऑडिटोरियम पूरा

अयोध्या डेवलपमेंट: टूरिज़म बूस्ट

मंदिर पूरा होने से अयोध्या टूरिज़म हब बनेगा। सरयू घाट, आकर्षण बढ़ाए जा रहे। विज़िटर्स को ज़्यादा समय बिताने के लिए पॉइंट्स।

इकोनॉमिक इम्पैक्ट: लाखों जॉब्स, होटल्स, ट्रांसपोर्ट, लोकल बिज़नेस।

भक्तों के लिए महत्व: आस्था का नया केंद्र

राम मंदिर सिर्फ़ इमारत नहीं, करोड़ों भक्तों की आस्था का प्रतीक। अप्रैल तक पूरा होने से दर्शन आसान। प्राण प्रतिष्ठा के बाद भीड़ मैनेजमेंट बेहतर।

क्वालिटी, सेफ्टी, सिक्योरिटी पर फोकस।


5 FAQs

प्रश्न 1: राम मंदिर का निर्माण कब तक पूरा होगा?
उत्तर: राम मंदिर निर्माण समिति चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार, सारा कार्य 30 अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा। L&T और टाटा कंसल्टेंसी भी तब तक एग्ज़िट कर जाएँगी।

प्रश्न 2: राम मंदिर पर कुल कितना खर्च हुआ है?
उत्तर: कुल अनुमानित खर्च 1900 करोड़। जिसमें से 1600 करोड़ (GST सहित) पेमेंट हो चुका। डोनेशन 3000 करोड़ से ज़्यादा इकट्ठा हुए।

प्रश्न 3: मंदिर में L&T और टाटा का क्या रोल था?
उत्तर: L&T डिज़ाइन एंड बिल्ड कॉन्ट्रैक्टर, टाटा प्रोजेक्ट मैनेजर। दोनों ने 3 साल वारंटी दी। मेंटेनेंस टीम रहेगी। अप्रैल 30 तक कॉन्ट्रैक्ट ट्रस्ट को ट्रांसफर।

प्रश्न 4: राम मंदिर की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर: नागर शैली, बिना स्टील-आयरन, 392 खंभे, 44 दरवाज़े, 3 मंज़िला (हर फ़्लोर 20 फ़ीट), 5 मंडप, पार्कोटा 732 मीटर। दिव्यांगों के लिए रैंप-लिफ़्ट।

प्रश्न 5: निर्माण पूरा होने के बाद क्या होगा?
उत्तर: ट्रस्ट चार्ज लेगा। प्रेसिडेंट मुर्मू का 19 मार्च विज़िट संभावित। ध्वज स्थापना, ऑडिटोरियम पूरा। अयोध्या टूरिज़म बूस्ट, क्वालिटी चेक जारी।

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