दिल्ली के लाल किले को 7 साल बाद पहली बार 150 CCTV कैमरे मिलेंगे। नवंबर 10 के आतंकी हमले के बाद IB, ASI, दिल्ली पुलिस ने फैसला लिया। पार्कों में हाईमास्ट लाइट्स भी लगेंगी। सुरक्षा चाक-चौबंद।
नवंबर 10 हमले के बाद अलर्ट: लाल किले के बाहर पार्कों में हाईमास्ट लाइट्स, अब कोई ब्लाइंड स्पॉट नहीं
लाल किले में पहली बार 150 CCTV कैमरे: दिल्ली धमाके के बाद सिक्योरिटी पर बड़ा कदम
दिल्ली का लाल किला, जो मुगल बादशाह शाहजहां ने 1648 में बनवाया था, आजादी का प्रतीक और लाखों पर्यटकों की पसंदीदा जगह है। लेकिन नवंबर 10, 2025 को इसके आसपास हुए आतंकी धमाके ने सुरक्षा की पोल खोल दी। अब 7 साल पुरानी बहस के बाद आखिरकार लाल किले परिसर में पहली बार 150 CCTV कैमरे लगने जा रहे हैं। ये फैसला इंटेलिजेंस ब्यूरो, ASI, दिल्ली पुलिस, CISF और गृह मंत्रालय की कई मीटिंग्स के बाद लिया गया। पहले परिसर में एक भी कैमरा नहीं था।
नवंबर 10 का वो धमाका पुरानी दिल्ली में हुआ, लाल किले के करीब। आतंकी संगठनों की धमकी बढ़ी। जयश-ए-मोहम्मद जैसे ग्रुप्स निशाना बना रहे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद इनपुट्स आए कि लाल किले पर हमला हो सकता है। पहले एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर कैमरे थे लेकिन अंदर पार्किंग और अंधेरे इलाके खुले थे। हमलावर वाहन 3 घंटे खड़ा रहा, ट्रेसिंग मुश्किल हुई। अब पहली फेज में 150 कैमरे लगेंगे- अंदरूनी हिस्सों, पार्किंग, गेट्स पर। ASI ने मंजूरी दी, पुरातत्व को नुकसान न हो इसका ध्यान रखा जाएगा।
अन्य कदम भी उठाए जा रहे। लाल किले के बाहर दो पार्कों- अगस्त 15 पार्क और माधव दास पार्क में हाईमास्ट फ्लडलाइट्स लगेंगी। एंट्री गेट्स पर पुलिसकर्मी बढ़ेंगे। एक हफ्ते में लाइट्स का काम पूरा। अब कोई ब्लाइंड स्पॉट नहीं बचेगा। CISF अंदर सिक्योरिटी संभालेगी। पर्यटक बढ़ रहे हैं, न्यू ईयर पर भारी भीड़ थी। गणतंत्र दिवस नजदीक है, सतर्कता जरूरी।
लाल किले का इतिहास और महत्व
शाहजहां ने इसे दिल्ली की राजधानी बनाया। लाल बलुआ पत्थर से बना। 15 अगस्त 1947 को पंडित नेहरू ने यहां से आजादी की घोषणा की। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज। सालाना 50 लाख पर्यटक। लेकिन सिक्योरिटी चैलेंजेस बने रहे। 2021 में किसान धरना, 2022 में दंगे। अब टेक अपग्रेड।
पिछले सिक्योरिटी उपाय
| कदम | तारीख | विवरण |
|---|---|---|
| 120 अतिरिक्त CCTV | दिसंबर 2025 | चांदनी चौक, पार्किंग पॉइंट्स |
| फेशियल रिकग्निशन | नवंबर 2025 | क्रिमिनल डेटाबेस लिंक |
| 200 परिधि कैमरे | प्रस्तावित | व्हीकल स्कैनिंग संग |
| 150 आंतरिक CCTV | जनवरी 2026 | पहली बार परिसर में |
ASI की आपत्ति क्यों?
पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को डर था कि कैमरे तारों से स्मारक खराब हो जाएगा। ड्रिलिंग, वायरिंग से नुकसान। 2019 से प्रस्ताव लंबित। धमाके के बाद प्राथमिकता बदली। अब वायरलेस, न्यूनतम इंट्रूजन वाले कैमरे।
आतंकी खतरे का बैकग्राउद
- नवंबर 10, 2025: लाल किला के पास सुसाइड ब्लास्ट।
- जयश-ए-मोहम्मद: दिल्ली मॉन्यूमेंट्स टारगेट।
- ऑपरेशन सिंदूर: भारत की स्ट्राइक के बाद चैटर्स बढ़े।
- चांदनी चौक, लाल किला हाई अलर्ट।
इंटेल ब्यूरो ने इनपुट्स शेयर किए।
लाभ क्या होंगे?
- 24×7 मॉनिटरिंग: कमांड सेंटर से लाइव फीड।
- फेस रिक, नंबर प्लेट ट्रैकिंग।
- भीड़ मैनेजमेंट: गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस।
- क्विक रिस्पॉन्स: संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत एक्शन।
पर्यटकों को भरोसा मिलेगा।
तकनीकी स्पेसिफिकेशन्स
- AI बेस्ड एनालिटिक्स: ऑब्जेक्ट डिटेक्शन।
- नाइट विजन: फ्लडलाइट्स सपोर्ट।
- क्लाउड स्टोरेज: 30 दिन रिकॉर्डिंग।
- इंटीग्रेशन: दिल्ली पुलिस नेटवर्क से।
कॉस्ट: करोड़ों में, सेंट्रल फंडिंग।
अन्य मॉन्यूमेंट्स में स्थिति
- ताजमहल: 4000+ कैमरे।
- कुतुब मीनार: 200 कैमरे।
- इंडिया गेट: 500 कैमरे।
लाल किला पिछड़ गया था। अब कैच-अप।
नागरिकों की भूमिका
- संदिग्ध बैग रिपोर्ट करें।
- सोशल मीडिया अफवाह न फैलाएं।
- टिकट काउंटर पर चेकिंग सहयोग।
सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी।
गणतंत्र दिवस की तैयारी
26 जनवरी नजदीक। लाल किला परेड रिहर्सल। अतिरिक्त फोर्स। CCTV से कवरेज फुल। पर्यटक बढ़ेंगे, सेफ्टी प्रायोरिटी।
ये कदम लाल किले को सुरक्षित बनाएंगे। इतिहास बचेगा, पर्यटन बढ़ेगा। आतंकी साजिशें नाकाम होंगी। जागरूक रहें, सहयोग करें।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- लाल किले में पहले CCTV क्यों नहीं थे?
ASI को डैमेज का डर। 7 साल प्रस्ताव अटका। धमाके के बाद मंजूरी। - कितने कैमरे लग रहे हैं?
पहले फेज में 150, अंदरूनी क्षेत्रों में। - नवंबर 10 धमाका क्या था?
लाल किला के पास सुसाइड अटैक। जयश-ए-मोहम्मद संदिग्ध। - अन्य सिक्योरिटी कदम क्या?
पुलिस बढ़त, पार्कों में फ्लडलाइट्स। कोई ब्लाइंड स्पॉट नहीं। - पर्यटकों पर असर?
सुरक्षा बढ़ेगी, लेकिन विजिटिंग सामान्य। AI चेकिंग तेज।
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