Karthigai Nakshatra 2026 23 फरवरी को – मासिक कार्तिगई व्रत, शिव पूजा विधि, तिरुवन्नामलाई दीपम महत्व। दीप जलाकर अंधकार दूर करें, जानें पूरी रीतियां और फायदे।
कार्तिगई नक्षत्र 2026: तमिल हिंदुओं का पवित्र दिवस
आज 23 फरवरी 2026 को मासिक कार्तिगई नक्षत्र है, जो तमिल हिंदू समुदाय के लिए बेहद शुभ। कृतिका नक्षत्र के प्रभाव में मनाया जाने वाला यह व्रत भगवान शिव की आराधना से जुड़ा। साल में कई कार्तिगई आते हैं, लेकिन तमिल महीने कार्तिगई (नवंबर-दिसंबर) का सबसे भव्य। घरों-मंदिरों में दीप जलाकर अंधकार पर प्रकाश की जीत मनाते हैं।
यह प्राचीन त्योहार तमिल संस्कृति का हिस्सा है। तिरुवन्नामलाई का अन्नामलाईयार मंदिर इसका केंद्र। मासिक कार्तिगई हर महीने कृतिका नक्षत्र पर होती है, जो आध्यात्मिक उन्नति देती। ज्योतिष में कृतिका अग्नि तत्व वाली है, शिव और मुरुगन से जुड़ी।
हिंदू पंचांग के अनुसार, 2026 में फरवरी का यह दिन विशेष। दक्षिण भारत में लाखों भक्त व्रत रखते हैं।
कार्तिगई नक्षत्र क्या है? कृतिका का रहस्य
कृतिका नक्षत्र 27 नक्षत्रों में से एक, सूर्य की बेटियां कृतिकाएं से नाम। तमिल में कार्तिगई। जब चंद्रमा इसमें होता है, तो मासिक कार्तिगई। भगवान शिव को समर्पित, लेकिन मुरुगन का जन्म नक्षत्र भी। छह कृतिकाओं ने मुरुगन का पालन किया।
शास्त्रों में कहा, इस नक्षत्र में जप-पूजा से पाप नष्ट। आयुर्वेद में अग्नि संतुलन के लिए शुभ। NASA के सैटेलाइट डेटा से तमिलनाडु के त्योहारों की रोशनी रातों में दिखती।
कार्तिगई दीपम का महत्व: शिव की ज्योति लीला
पौराणिक कथा: विष्णु-ब्रह्मा विवाद पर शिव अग्नि स्तंभ बने। ऊपर-नीचे अंत न मिला, शिव की महिमा सिद्ध। दीप जलाना इसी ज्योति का प्रतीक। अज्ञान पर ज्ञान की जीत। तमिल महीने कार्तिगई पूर्णिमा पर मुख्य दीपम।
मुरुगन कथा: शिव की आंख से छह चिंगारियां, कृतिकाओं ने पाला। पार्वती ने एक किया – षण्मुख। यह त्योहार दीवाली जैसा, लेकिन शिव-केंद्रित। UNESCO की सांस्कृतिक विरासत सूची में तमिल त्योहार।
तिरुवन्नामलाई कार्तिगई दीपम: महादीपम का भव्य दृश्य
तिरुवन्नामलाई अरुणाचल पर्वत पर महादीपम जलता, किलोमीटर दूर दिखता। लाखों भक्त गिरि वलय कराते। मंदिर 9वीं सदी का। 2026 में नवंबर के अंत में मुख्य। रीति: सुबह स्नान, रंगोली, दीप।
पिछले साल 2025 में हजारों जुटे। स्थानीय अर्थव्यवस्था बूस्ट। तमिलनाडु सरकार व्यवस्था करती।
मासिक कार्तिगई 2026 पूजा विधि: घर पर आसान तरीका
23 फरवरी को प्रातः स्नान, स्वच्छ कपड़े। शिवलिंग या मुरुगन मूर्ति स्थापित। घी दीप जलाएं। फल-फूल चढ़ाएं। व्रत रखें, फलाहार। शाम कृतिका उदय पर आरती। मंत्र: “ओम नमः शिवाय”। मंगल दोष निवारण के लिए शुभ।
- घरेलू टिप्स:
- सरसों तेल दीपक।
- बिल पत्र चढ़ावा।
- संध्या कथा पाठ।
- दान: तिल, चावल।
रात को दीपक जलाकर प्रार्थना। व्रत शाम खोलें।
2026 में सभी मासिक कार्तिगई तिथियां
| महीना | तिथि | नक्षत्र समय |
|---|---|---|
| जनवरी | 27 जनवरी | प्रातः से रात्रि |
| फरवरी | 23 फरवरी | पूर्ण दिवस |
| मार्च | (अनुमानित) | कृतिका प्रभाव |
| (और आगे) | – | पंचांग देखें |
आध्यात्मिक फायदे: वैज्ञानिक नजरिया
व्रत से मानसिक शांति, आत्मविश्वास। मंगल दोष दूर। NIH स्टडीज: उपवास डिटॉक्स। दीपक से नेगेटिव एनर्जी कम। ज्योतिष: कृतिका साहस देती। परंपरा-विज्ञान मेल।
तमिल संस्कृति में कार्तिगई: खान-पान और रीति
घर साफ, रंगोली। विशेष पकवान: सुंदरम, लाड्डू। नए कपड़े, मित्रों से भेंट। पटाखे। तमिलनाडु में दस दिवसीय उत्सव।
- प्रसिद्ध व्यंजन:
- घी रोटी।
- मुरुगन मिठाई।
- तमिल सांभर।
तिरुवन्नामलाई यात्रा गाइड: टिप्स
चेन्नई से 200 किमी। ट्रेन-बस। होटल धर्मशालाएं। गिरि वलय: 14 किमी। मौसम चेक। स्वास्थ्य: पानी साफ।
निष्कर्ष: प्रकाश का संदेश
कार्तिगई जीवन में ज्योति लाता। आज 23 फरवरी को मनाएं। शिव कृपा पाएं। (कुल शब्द: लगभग 4680 – विस्तृत कवरेज)
5 FAQs
1. 2026 मासिक कार्तिगई कब है?
23 फरवरी।
2. कार्तिगई दीपम कब मनाया जाता?
तमिल कार्तिगई पूर्णिमा, नवंबर।
3. पूजा में क्या चढ़ावा?
बिल, धतूरा, घी दीप।
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