Kharmas 2026 : 15 मार्च सुबह 1:08 बजे सूर्य मीन राशि प्रवेश से शुरू, 14 अप्रैल सुबह 9:38 बजे समाप्त। विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश 16 शुभ कार्य वर्जित। विष्णु पूजा, सूर्य अर्घ्य, दान-पुण्य के नियम। आध्यात्मिक साधना का स्वर्णिम काल!
खरमास 2026: शुरूआत-समापन तिथि, पूजा विधि, Dos & Don’ts – शुभ कार्यों पर 30 दिन का विराम
ज्योतिष प्रेमियों, खरमास 2026 का समय आ गया है जब हिंदू पंचांग में सभी शुभ कार्य रुक जाते हैं। सूर्य देव 15 मार्च 2026 सुबह 1:08 बजे मीन राशि में गोचर करेंगे, जिससे खरमास प्रारंभ। ये अवधि 14 अप्रैल 2026 सुबह 9:38 बजे सूर्य के मेष राशि प्रवेश तक चलेगी। इस 30 दिवसीय काल में विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, जनेऊ जैसे 16 संस्कार वर्जित। खरमास विष्णु भक्ति, सूर्य अर्घ्य, दान-पुण्य का विशेष समय। मान्यता है कि इस दौरान श्रीहरि तपस्वी रूप धारण करते हैं।
पिछले आर्टिकल्स में सांवरिया सेठ चढ़ावा, चैती छठ, कसार देवी कवर किए। अब खरमास स्पेशल – सटीक तिथि, 16 निषेध, अनुष्ठान विधि, उपाय। आध्यात्मिक चार्जअप शुरू!
खरमास 2026 का सटीक पंचांग
| घटना | तिथि-समय |
|---|---|
| खरमास प्रारंभ | 15 मार्च, सुबह 1:08 बजे |
| खरमास समाप्त | 14 अप्रैल, सुबह 9:38 बजे |
| अवधि | 30 दिन |
| सूर्य गोचर | मीन → मेष राशि |
खरमास में 16 निषिद्ध शुभ कार्य (Don’ts)
- विवाह
- गृह प्रवेश
- मुंडन संस्कार
- जनेऊ (उपनयन)
- नामकरण
- अन्नप्राशन
- कान छेदन
- गृह निर्माण प्रारंभ
- वास्तु पूजन
- यज्ञोपवीत
- नया व्यवसाय शुरू
- वाहन खरीद
- बड़ी संपत्ति खरीद
- भूमि पूजन
- गृह स्वामिनी पूजा
- नवीन यात्रा प्रारंभ
खरमास में अनिवार्य कार्य (Dos)
सूर्य पूजा विधि:
- समय: सूर्योदय पर।
- विधि: तांबे लोटे से जल अर्घ्य।
- मंत्र: ॐ घृणिः सूर्याय नमः (108 जप)।
- प्रसाद: गेहूं, गुड़।
विष्णु पूजा:
दान-पुण्य:
खरमास पौराणिक कथा
सूर्यदेव सात घोड़ों वाले रथ पर ब्रह्मांड परिक्रमा कर रहे थे। घोड़े थक गए। तालाब पर दो ‘खर’ (गधे) दिखे। सूर्य रथ को खरों पर बांध छोड़ आए। विष्णु ने तपस्या कर सूर्य को पुनः शक्ति दी। तब से खरमास।
आयुर्वेदिक लाभ
- ब्रह्म मुहूर्त स्नान: detoxification।
- सूर्य अर्घ्य: विटामिन D।
- उपवास: ऑटोफैगी।
- तुलसी भक्ति: immunity।
21 खरमास विशेष उपाय
- सूर्य अर्घ्य प्रतिदिन।
- विष्णु सहस्रनाम।
- एकादशी व्रत।
- तुलसी पूजा।
- गंगा स्नान।
- तिल-गुड़ दान।
- ब्रह्म मुहूर्त जागरण।
- महामृत्युंजय जप।
- गायत्री मंत्र।
- शिवलिंग दूधाभिषेक।
- हनुमान चालीसा।
- गंगा जल भेंट।
- जौ-तिल भोग।
- कौवे को भोजन।
- सफेद वस्त्र दान।
- गौरी-शंकर माला।
- संतान गोपाला मंत्र।
- विष्णु चरणामृत।
- पंचामृत भोग।
- अग्नि होम।
- संकल्प पत्र।
कॉमन मिथक vs सत्य
| मिथक | सत्य |
|---|---|
| सभी पूजा वर्जित | केवल मांगलिक कार्य |
| तुलसी पूजा बंद | तुलसी पत्र न तोड़ें, पूजा करें |
| यात्रा निषेध | तीर्थ यात्रा शुभ |
| दान बेकार | सर्वोत्तम पुण्य समय |
प्रैक्टिकल टिप्स
- पंचांग ऐप चेक।
- मंत्र जप रिकॉर्डर।
- दान लिस्ट बनाएं।
- परिवार संग पूजा।
FAQs
1. खरमास कब?
15 मार्च-14 अप्रैल।
2. विवाह क्यों बंद?
16 संस्कार वर्जित।
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