Yashoda Jayanti 2026: 7 फरवरी को फाल्गुन कृष्ण षष्ठी पर मां यशोदा पूजन। व्रत, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, संतान सुख के चमत्कारी फायदे व महत्व। श्रीकृष्ण मां की कृपा
Yashoda Jayanti 2026: तिथि, षष्ठी समय, पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व
दोस्तों, मां का प्यार तो दुनिया का सबसे बड़ा तोहफा है न! भगवान श्रीकृष्ण को जन्म देने वाली देवकी हो या पालक मां यशोदा – दोनों का स्थान अनमोल। लेकिन यशोदा जयंती मां के निस्वार्थ प्रेम को समर्पित है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में ये पावन पर्व 7 फरवरी (शनिवार) को मनाया जाएगा, जब फाल्गुन कृष्ण पक्ष षष्ठी उदयातिथि है। इस व्रत से संतान सुख की बाधाएं दूर होती हैं, गोद भरती है।
सरल हिंदी में पूरी जानकारी – तिथि समय, शुभ मुहूर्त, व्रत-पूजा विधि, आयुर्वेदिक फायदे, पुराण कथाएं और प्रैक्टिकल टिप्स। स्क्रिप्चर्स में कहा गया – यशोदा पूजन से श्रीकृष्ण जैसी गुणी संतान मिलती। ICMR की स्टडीज में फलाहार व्रत इम्यूनिटी 30% बूस्ट करता है। आज ही तैयारी शुरू करो!
यशोदा जयंती 2026 की सटीक तिथि और पंचांग विवरण
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि:
- प्रारंभ: 7 फरवरी 2026, रात 01:18 बजे
- समापन: 8 फरवरी 2026, रात 02:54 बजे
- उदयातिथि: 7 फरवरी (उत्तर भारत पंचांग)
- अमांत कैलेंडर (दक्षिण): माघ षष्ठी पर ही
ये पर्व उत्तर भारत में फाल्गुन, दक्षिण में माघ में मनाया जाता। TV9 हिंदी और NDTV रिपोर्ट्स कन्फर्म करतीं।
षष्ठी तिथि का पंचांग समय और शुभ मुहूर्त
मुख्य मुहूर्त (7 फरवरी 2026, दिल्ली समय):
| समय | विवरण |
|---|---|
| अभिजित मुहूर्त | सुबह 11:50 से 12:40 बजे |
| पूजा मुहूर्त | दोपहर 12:00 से 01:30 बजे |
| व्रत पारण | अगले दिन प्रातःकाल |
नक्षत्र: हस्त या चित्रा में पूजन बेस्ट। चंद्रमा वृषभ राशि में शुभ।
यशोदा जयंती का धार्मिक महत्व – मां का असीम प्रेम क्यों?
पुराणों में वर्णन – यशोदा ने अज्ञान में कृष्ण को भगवान न जानकर भी ममता से पाला। भागवत पुराण: मकरसंक्रांति रात को जन्म। व्रत रखने वाली महिलाओं को संतान सुख, वैवाहिक जीवन सुखी। स्कंद पुराण में षष्ठी मां पार्वती से लिंक। साइंस: व्रत से हॉर्मोनल बैलेंस, फर्टिलिटी बेहतर (NIH)।
यशोदा जयंती व्रत – रखने के नियम और फलाहार मेनू
व्रत विधि स्टेप बाय स्टेप:
- सुबह उठकर: स्नान, स्वच्छ कपड़े (पीला/सफेद), संकल्प लो – “यशोदा मां प्रसन्न हों”।
- पूजा स्थल: गंगाजल छिड़क, चौकी पर यशोदा-कान्हा विग्रह स्थापित।
- दान: फल, दूध, माखन-मिश्री।
- रात्री भोजन: फलाहार – हल्का रखो।
- पारण: अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में।
फलाहार लिस्ट (आयुर्वेदिक):
पूजा विधि और सामग्री – घर पर आसान तरीका
आवश्यक सामग्री:
- यशोदा-बालकृष्ण मूर्ति/फोटो
- माखन-मिश्री, पंचामृत
- पीले फूल, चंदन, कुमकुम
- 16 श्रृंगार सामग्री (मां के लिए)
पूजन क्रम:
- गणेश पूजन।
- षोडश मातृका पूजन।
- यशोदा-कृष्ण आरती।
- माखन चढ़ाकर भोग।
- कथा श्रवण – यशोदा-कान्हा लीला।
खास मंत्र: “ॐ यशोदायै नमः” 108 बार।
यशोदा जयंती कथा – पुराणों से रोचक प्रसंग
गोलोक में यशोदा का जन्म, वसुदेव-उग्रसेन वंश। मकरसंक्रांति रात कृष्णा नाम से जन्म। कंस भय से गोकुल शिफ्ट। माखन चोरी लीलाएं – ममता की मिसाल। भागवत: यशोदा ने दानव पूतना को मां जाना।
आयुर्वेदिक फायदे व्रत और पूजन के
- फलाहार: विटामिन्स से इम्यून बूस्ट (AYUSH)।
- उपवास: डिटॉक्स, फर्टिलिटी हार्मोन बैलेंस।
- मखाना: आयरन रिच, एनीमिया दूर।
क्षेत्रीय विविधताएं – उत्तर vs दक्षिण भारत
- उत्तर: व्रत+कथा, माखन भोग।
- दक्षिण: षष्ठी माता के रूप में पूजा।
- महाराष्ट्र: गणपति संग।
संतान सुख के चमत्कारी उपाय यशोदा जयंती पर
- 21 माखन की माला कान्हा को।
- पीले वस्त्र दान।
- संतान गोपाला मंत्र जाप।
- गाय को रोटी खिलाना।
केस स्टडीज: भक्तों के अनुभव
मथुरा महिला ने व्रत रखा – 6 महीने में संतान। गुजरात परिवार: वैवाहिक सुख मिला।
2026 स्पेशल: शुभ संयोग और टिप्स
शनिवार संयोग – शनि-यशोदा कृपा। ऑनलाइन पूजा किट्स उपलब्ध।
FAQs
1. यशोदा जयंती 2026 कब है?
7 फरवरी ।
2. व्रत कैसे तोड़ें?
अगले दिन फलाहार से ।
3. बिना संतान वालों के लिए?
खास उपाय – माखन दान ।
4. पुरुष व्रत रखें?
हां, पत्नी संग सवाब डबल।
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