कॉमर्स मिनिस्टर पीयूष Goyal ने कहा- भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ‘सभी डील्स की मां’ होगी। 27 जनवरी को साइनिंग, किसानों की सुरक्षा। FY25 में 136 बिलियन ट्रेड, टेक्नोलॉजी-फार्मा को बूस्ट। पूरी डिटेल्स।
भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: ‘सभी डील्स की मां’ बनेगा पैक्ट, Goyal ने दिए बड़े संकेत
कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष Goyal ने शुक्रवार को दिल्ली में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) देश की अब तक की सभी डील्स से बड़ा होगा। इसे उन्होंने ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ करार दिया। गoyal के मुताबिक, ये दो दुनिया की सबसे ताकतवर इकोनॉमीज के बीच विन-विन डील होगी, जिसमें ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं। नेगोशिएशन्स फाइनल स्टेज में हैं और 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में साइनिंग हो सकती है, जब EU की टॉप लीडरशिप गणतंत्र दिवस के लिए आएगी।
Goyal ने साफ कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। पिछले 10 सालों में भारत ने UAE, ऑस्ट्रेलिया, EFTA, UK, ओमान, न्यूजीलैंड और मॉरीशस के साथ 7 FTAs साइन किए। EU डील इन सबसे बड़ी होगी। उन्होंने कहा, ‘हम डेवलप्ड देशों से कॉन्फिडेंस के साथ बात करते हैं। पुरानी सरकारें डरती थीं, लेकिन PM मोदी के नेतृत्व में हम बोल्ड डिसीजन लेते हैं।’ EU के 27 मेंबर्स ने कोई विरोध नहीं जताया। ट्रेड बैलेंस्ड है- FY25 में मर्चेंडाइज ट्रेड 136.53 बिलियन डॉलर (एक्सपोर्ट्स 75.85B, इंपोर्ट्स 60.68B)।
EU डील के फायदे क्या? एग्रीकल्चर को बाहर रखा गया है, जो भारत के किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करता। टेक्नोलॉजी, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल्स, टेक्सटाइल्स, स्टील, पेट्रोलियम, इलेक्ट्रिकल मशीनरी में ड्यूटी खत्म या कम। सर्विसेज सेक्टर- टेलीकॉम, ट्रांसपोर्ट, बिजनेस सर्विसेज को बूस्ट। टेक्सटाइल्स पर EU की 12-16% टैरिफ हटेगी, जिससे बांग्लादेश-वियतनाम से कॉम्पिटिटिव एज मिलेगा। जियो ग्राफिकल इंडिकेशन्स (GI) और इनवेस्टमेंट प्रोटेक्शन एग्रीमेंट भी शामिल।
भारत-EU ट्रेड बास्केट: टॉप एक्सपोर्ट्स-इंपोर्ट्स
| कैटेगरी | भारत के एक्सपोर्ट्स (FY25) | EU टैरिफ (वर्तमान) | एक्सपेक्टेड गेन |
|---|---|---|---|
| पेट्रोलियम | $25B | 4-6% | ड्यूटी फ्री |
| फार्मा | $11B | 0-2% | रेगुलेटरी आसानी |
| टेक्सटाइल्स | $8B | 12-16% | कॉम्पिटिटिव एज |
| इलेक्ट्रॉनिक्स | $7B | 5-10% | मार्केट एक्सेस |
| ज्वेलरी | $6B | 3-5% | GI प्रोटेक्शन |
US ट्रेड डील पर Goyal बोले, ‘सही समय पर होगी। नेगोशिएशन्स ऑनगोइंग।’ EU डील प्राथमिकता में क्योंकि कॉम्पिटिशन कम- भारत लेबर इंटेंसिव, EU कैपिटल इंटेंसिव। कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) पर चिंताएं सेटल। जून 2022 में री-लॉन्च हुए नेगोशिएशन्स जनवरी 2026 तक पहुंचे। EU कमीशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डर लेयेन और काउंसिल प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा 25-27 जनवरी को दिल्ली आएंगे।
PM मोदी की स्ट्रैटेजी की तारीफ। Goyal ने कहा, ‘140 करोड़ भारतीयों का कॉन्फिडेंस बैकिंग में। विदेशी सरकारें भारत को सुपरपावर मानती हैं। स्टार्टअप वाले की तरह रिस्क लेते हैं।’ ये डील ग्लोबल ट्रेड वॉर के समय सप्लाई चेन डाइवर्सिफाई करेगी। US टैरिफ्स बढ़े तो EU मार्केट सेफ्टी नेट।
भारत के पिछले FTAs का ट्रैक रिकॉर्ड
| देश/ब्लॉक | साइनिंग ईयर | ट्रेड ग्रोथ (%) | मुख्य गेन |
|---|---|---|---|
| UAE | 2022 | 20% | जीरो ड्यूटी ज्वेलरी |
| ऑस्ट्रेलिया | 2022 | 15% | एग्री एक्सपोर्ट्स |
| UK | 2025 | 18% | सर्विसेज |
| EFTA | 2024 | 12% | इनवेस्टमेंट $100B |
| EU (अपेक्षित) | 2026 | 25%+ | टेक्नोलॉजी-फार्मा |
डील के चैलेंजेस और सॉल्यूशन्स
- CBAM: स्टील-सीमेंट पर कार्बन टैक्स। भारत ने एग्जेम्प्शन या क्रेडिट्स नेगोशिएट किए।
- मार्केट एक्सेस: इंडस्ट्रियल गुड्स पर संवेदनशीलता।
- लेबर स्टैंडर्ड्स: EU की डिमांड्स पर बैलेंस।
- रेगुलेटरी अलाइनमेंट: फूड सेफ्टी, एनवायरनमेंट।
सभी नेशनल इंटरेस्ट प्रोटेक्टेड।
इंडस्ट्री रिएक्शन
- FICCI: ‘गेम चेंजर फॉर MSMEs।’
- CII: ‘एक्सपोर्ट्स $100B+ बूस्ट।’
- फार्मा: यूरोप में 20% मार्केट शेयर।
- टेक्सटाइल्स: 5 लाख जॉब्स।
गर्मन CEOs भारत पर बेटिंग कर रहे।
ग्लोबल कॉन्टेक्स्ट
US-चाइना ट्रेड वॉर, रशियन सैंक्शन्स के बीच भारत-EU डील स्ट्रैटेजिक। सप्लाई चेन रीशोरिंग में भारत हब बनेगा। EU को इंडिया मार्केट एक्सेस, भारत को टेक ट्रांसफर।
क्या फायदेमंद रहेगी डील?
- एक्सपोर्टर्स: टैरिफ सेविंग्स 10-15%।
- कंज्यूमर्स: सस्ते इंपोर्ट्स।
- इनवेस्टर्स: FDI बूस्ट।
- किसान: प्रोटेक्टेड।
Goyal का विजन साफ- कॉन्फिडेंट, बेनिफिशियल डील्स। 27 जनवरी का इंतजार। ये डील भारत को ग्लोबल ट्रेड पावर बनाएगी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
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