Home झारखण्ड उपायुक्त से किया निजता की रक्षा व सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध।
झारखण्डराज्य

उपायुक्त से किया निजता की रक्षा व सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध।

Share
Share

सदर अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ व‌ पैरामेडिकल कर्मियों ने उपायुक्त से किया निजता की रक्षा व सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध।

धनबाद । सदर अस्पताल धनबाद में कार्यरत चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, अन्य कर्मचारी तथा सदर अस्पताल में उपचार हेतु आने वाली महिला मरीजों की ओर से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन को संयुक्त ज्ञापन देकर सदर अस्पताल परिसर, महिला कर्मियों व महिला मरीजों की निजता की रक्षा व सुरक्षा के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

ज्ञापन के साथ कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज की अत्यंत गंभीर घटना के पश्चात सुप्रीम कोर्ट के 20 अगस्त 2024 के आदेश, जिसमें अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों, विशेषकर महिला डॉक्टरों व कर्मचारियों की सुरक्षा एवं गरिमा को लेकर पैरा 6, पैरा 7, पैरा 10, पैरा 12 तथा पैरा 17 में पारित अत्यंत स्पष्ट निर्देशों का उल्लेख किया है।

जिसमें सुप्रीम कोर्ट के प्रासंगिक निर्देश के पैरा 6 एवं 7 में न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा राज्य का संवैधानिक दायित्व है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही अस्वीकार्य है।

वहीं पैरा 10 में यह कहा गया है कि अस्पतालों को केवल उपचार का स्थान नहीं बल्कि सेफ वर्क प्लेस (सुरक्षित कार्यस्थल) के रूप में विकसित किया जाना अनिवार्य है।
पैरा 12 में न्यायालय ने विशेष रूप से महिला डॉक्टरों, इंटर्न एवं महिला स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और निजता पर जोर दिया है।

पैरा 17 में न्यायालय ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अस्पताल परिसर में ऐसी कोई भी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे सुरक्षा, गरिमा एवं निजता से समझौता हो।

सदर अस्पताल के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों ने वर्तमान स्थिति एवं समस्या से अवगत कराते हुए कहा कि उक्त निर्देशों के बावजूद यह अत्यंत चिंताजनक है कि सदर अस्पताल से सटे बार एसोसिएशन के कुछ सदस्यों द्वारा यह मांग की जा रही है कि उनके कार्यालय में आवागमन सदर अस्पताल परिसर के अंदर से किया जाए।

इससे अस्पताल परिसर में बाहरी व्यक्तियों की अनियंत्रित आवाजाही होगी, महिला डॉक्टरों, नर्सों एवं महिला मरीजों की सुरक्षा पर प्रत्यक्ष खतरा उत्पन्न होगा। महिला मरीजों एवं कर्मियों की निजता (प्राइवेसी) का गंभीर हनन होगा। सदर अस्पताल परिसर में ए.एन.एम. होस्टल व प्रशिक्षण सेंटर भी है। बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही से उनकी सुरक्षा पर भी खतरा उत्पन्न होगा। जो माननीय सुप्रीम कोर्ट के उपर्युक्त पैरा 6, 7, 10, 12 एवं 17 की भावना के सर्वथा विपरीत है।

ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने निवेदन और मांग की है कि बार एसोसिएशन के सदस्यों का सदर अस्पताल परिसर के भीतर से आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए। उन्हें जो लगभग 6 फीट चौड़ा वैकल्पिक मार्ग पूर्व में उपलब्ध कराया गया है, उसी मार्ग से आने-जाने का स्पष्ट एवं लिखित निर्देश निर्गत किया जाए।

अस्पताल परिसर को केवल मरीजों, सीमित अटेंडेंट, अधिकृत अस्पताल कर्मियों तक सीमित रखा जाए। माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए महिला कर्मियों एवं महिला मरीजों की सुरक्षा व निजता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

ज्ञापन के माध्यम से उपायुक्त को बताया कि सदर अस्पताल एक संवेदनशील व सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान है। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं उपचार हेतु आती हैं तथा महिला कर्मी नाइट ड्यूटी सहित सेवाएं प्रदान करती हैं। ऐसी स्थिति में अस्पताल परिसर के भीतर बाहरी संस्थाओं के नियमित आवागमन की अनुमति देना सुरक्षा पर सीधा प्रहार एवं निजता का स्पष्ट उल्लंघन होगा। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना के अनुरूप इस विषय में उचित, त्वरित एवं निर्णायक कार्रवाई करेंगे।

Share

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

मास्टर ट्रेनर्स के लिए प्रशिक्षण सह ब्रीफिंग सत्र का आयोजन।

धनबाद । उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देशानुसार नगर निगम...

महापौर के 7, अध्यक्ष पद के 4 नामांकन पत्रों की हुई बिक्री।

महापौर के लिए 2 प्रत्याशियों ने किया नामांकन। धनबाद । नगर निकाय...

मौन धारण कर दी शहीदों को श्रद्धांजलि।

धनबाद । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर एडीएम लॉ...