महाराष्ट्र CM फडणवीस ने दावोस WEF में 19 MoU साइन किए, 14.5 लाख करोड़ निवेश और 15 लाख नौकरियों का दावा। कांग्रेस ने तंज कसा- भारतीय कंपनियों से विदेश क्यों? टैक्सपेयर्स का पैसा बर्बाद। पूरी राजनीतिक जंग।
दावोस ड्रामा: लोढ़ा जैसे मुंबई कंपनियों से MoU विदेश में, कांग्रेस ने पूछा- ये कैसा निवेश आकर्षण?
दावोस MoU विवाद: कांग्रेस ने महाराष्ट्र सरकार को घेरा, बोली- भारतीय कंपनियों से विदेश जाकर डील क्यों?
विश्व आर्थिक मंच के दावोस सम्मेलन से महाराष्ट्र की खबरें सुर्खियों में हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वहां पहले ही दिन 19 समझौते साइन किए, जिनसे 14.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश और 15 लाख से ज्यादा नौकरियां आने का दावा किया। लेकिन विपक्षी कांग्रेस ने इसे टैक्सपेयर्स के पैसे की बर्बादी बता दिया। नागपुर में कांग्रेस नेता विजय वादेट्टीवार ने कहा कि भारतीय कंपनियों से विदेश जाकर MoU साइन करने का क्या फायदा? क्या विदेशी कंपनियां सच में आएंगी?
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने खास तौर पर लोढ़ा डेवलपर्स वाले MoU पर निशाना साधा। बोलीं, ये तो मुंबई की कंपनी है, सह्याद्री गेस्ट हाउस या उनके ऑफिस में ही साइन हो सकता था। हर साल फडणवीस पूरा कुनबा लेकर दावोस जाते हैं। पिछले साल ही हिरानंदानी और रायजा ग्रुप से मुंबई में बैठे-बैठे दावोस जाकर डील हुई। ये पैसा जनता का है, क्यों बर्बाद हो रहा? गायकवाड़ ने सवाल उठाया कि क्या ये शो ऑफ है या असली निवेश?
फडणवीस सरकार का पक्ष अलग है। दावोस ग्लोबल नेटवर्किंग का हब है। वहां दुनिया के सीईओ आते हैं। भारतीय कंपनियां भी ग्लोबल हो चुकीं, उनके पार्टनर विदेशी हैं। महाराष्ट्र को प्रदर्शित करने का मौका मिलता है। MoU में अडानी ग्रुप का सबसे बड़ा- 6 लाख करोड़ का। डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर, अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर। पालघर, नवी मुंबई, रायगढ़ में प्रोजेक्ट्स। MMRDA ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया बर्कले से AI, डेटा एनालिटिक्स पर पार्टनरशिप की। ये 10 साल के निवेश हैं।
महाराष्ट्र ने कुल 61 MoU साइन किए थे पिछले दावोस में, 15.70 लाख करोड़ के। 98% FDI। नवी मुंबई में AI पावर्ड इनोवेशन सिटी का प्लान। फडणवीस कहते हैं MoU का 65-70% रियलाइजेशन होता है, यहां 95% तक। पिछले शिंदे सरकार के MoU ज्यादातर जमीन आवंटन तक पहुंचे। लेकिन विपक्ष को भरोसा नहीं। शिवसेना UBT के आदित्य ठाकरे ने भी कहा- ज्यादातर इंडियन फर्म्स, यहीं कर लो। मेट्रो, EV बस, ग्रीन एनर्जी पर फोकस।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- दावोस में महाराष्ट्र ने कितने MoU साइन किए?
पहले दिन 19 MoU, 14.5 लाख करोड़ निवेश, 15 लाख नौकरियां। कुल 61 पिछले साल जैसे। - कांग्रेस ने क्या आपत्ति जताई?
भारतीय कंपनियों से विदेश जाकर MoU बेकार खर्च। लोढ़ा जैसे मुंबई फर्म्स का उदाहरण। - सबसे बड़ा MoU किसका?
अडानी ग्रुप- 6 लाख करोड़। डेटा सेंटर, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर। - फडणवीस सरकार का जवाब?
दावोस ग्लोबल नेटवर्किंग। 70%+ MoU रियलाइजेशन। FDI 98%। - किन सेक्टर्स पर फोकस?
ग्रीन एनर्जी, AI, EV, डेटा सेंटर, रियल एस्टेट, फिनटेक।
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