Sam Manekshaw Leadership Secret Quote: “जब तक आप जानते न हों और आपकी टीम को पता न हो कि आप जानते हैं, आप कभी लीडर नहीं बन सकते।” लीडरशिप, विश्वास, क्षमता का पूरा विश्लेषण। CEO, मैनेजर हर किसी के लिए।
Sam Manekshaw का दिन का क्वोट: “जब तक आप जानते न हों और आपके कमांड में लोग जानते न हों कि आप जानते हैं, आप कभी लीडर नहीं बन सकते”
सैम मानेकशॉ, जिन्हें सैम बहादुर कहते हैं, भारत के पहले फील्ड मार्शल थे। 1971 युद्ध जीतकर बांग्लादेश बनवाने वाले इस हीरो का ये क्वोट लीडरशिप का बाइबल है। पद या टाइटल से नहीं, नॉलेज और विश्वास से लीडरशिप आती। जब आपका काम पता हो और टीम को भरोसा हो कि आपको सब पता है, तभी असली कमान चलती ।
क्वोट का पूरा अर्थ: दोहरी शर्त लीडरशिप की
सैम साहब कहते हैं लीडरशिप के दो पहलू:
- खुद को काम आना चाहिए (Professional Competence)
- टीम को पता होना चाहिए कि आपको आता है (Visible Confidence)
बिना नॉलेज के कॉन्फिडेंस खोखला, बिना दिखने वाले कॉन्फिडेंस के नॉलेज बेकार। दोनों मिले तो ट्रस्ट बनता, डिसीजन तेज, मोराल ऊंचा। स्टडीज दिखातीं 70% टीम परफॉर्मेंस लीडर के दिखते कॉन्फिडेंस से आती।
क्यों महत्वपूर्ण है ये क्वोट? आधुनिक बिजनेस में
कॉरपोरेट हो या आर्मी, अनिश्चितता आग की तरह फैलती। जब लीडर हिचकिचाता, टीम डाउट में। सैम का फॉर्मूला:
- संकट में डिसीजन स्पीड बढ़ती
- गलतियां कम
- लॉयल्टी ज्यादा
हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू: Competent leaders 40% बेहतर रिजल्ट देते। सैम बहादुर ने प्रैक्टिकल किया 1971 में।
सैम मानेकशॉ के जीवन से उदाहरण
1947, 1962, 1965, 1971 – हर युद्ध में सैम ने साबित किया। 1971 में इंदिरा गांधी दबाव डाल रही थीं, सैम ने कहा “When ready”. टीम को भरोसा था क्योंकि सैम जानते थे। नतीजा: 13 दिन में पाक सरेंडर।
लीडरशिप के 5 सबक सैम के क्वोट से
सबक 1: प्रोफेशनल नॉलेज पहले आता है
सैम कहते, “Professional knowledge hard work से आती।” स्टडी, प्रैक्टिस, अपडेट रहें। CEO बने या जनरल, बेसिक्स क्लियर होने चाहिए।
सबक 2: टीम को दिखाएं आप तैयार हैं
बातों से नहीं, एक्शन से। मीटिंग में डेटा दें, सवालों के जवाब दें। जब टीम देखे “बॉस सब जानता”, ट्रस्ट बनता।
सबक 3: ट्रांसपेरेंसी बनाए रखें
“यहां इसलिए कर रहे क्योंकि…” – रीजनिंग शेयर करें। सैम सोल्जर्स को क्लियर रखते।
सबक 4: कंसिस्टेंसी दिखाएं
एक दिन सुपर कॉन्फिडेंट, दूसरे दिन घबराहट – नहीं चलेगा। सैम 40 साल एक जैसे रहे।
सबक 5: Yes-man से बचें
सैम का दूसरा क्वोट: “Yes-man कभी लीडर नहीं बनता।” ईमानदार फीडबैक लें ।
बिजनेस में अप्लाई कैसे करें? प्रैक्टिकल टिप्स
CEO/मैनेजर के लिए:
- सुबह 30 मिनट इंडस्ट्री न्यूज पढ़ें
- टीम मीटिंग में 3 फैक्ट पहले शेयर करें
- गलती होने पर “मैंने ये सीखा” कहें
- सवालों का 90% जवाब तुरंत दें
स्टार्टअप फाउंडर के लिए:
- प्रोडक्ट डेमो खुद दें
- इनवेस्टर्स को नंबर्स से इम्प्रेस करें
- टीम को रीजनल डिसीजन बताएं
टीम लीडर के लिए:
- डेडलाइन मिस पर रिस्पॉन्सिबिलिटी लें
- जूनियर्स को स्किल्स सिखाएं
- बॉस के फैसले एक्सप्लेन करें
सैम मानेकशॉ के अन्य टॉप लीडरशिप क्वोट्स
- “Professional knowledge and competence are main attributes of leadership.”
- “A ‘Yes man’ is dangerous. He can become minister but never leader.”
- “If a man says he’s not afraid of dying, either lying ya Gurkha hai.”
- “Decisions लो और responsibility लो।”
आधुनिक लीडरशिप रिसर्च जो सैम को सप्रूव करते
- Gallup: Trusted leaders 21% ज्यादा प्रोडक्टिव टीम बनाते
- McKinsey: Visible competence से employee engagement 30% up
- HBR: Transparent leaders 2.5 गुना तेज डिसीजन लेते
सैम मानेकशॉ बायोग्राफी हाइलाइट्स
- 1914生まれ, पारसी फैमिली
- 5 युद्ध लड़े (WWII, 1948, 1962, 1965, 1971)
- पहला इंडियन फील्ड मार्शल
- “Sam Bahadur” soldiers का प्यार
- 2008 में 94 साल की उम्र में निधन
लीडरशिप एक्शन प्लान: आज से शुरू करें
- आज: अपने फील्ड के 1 नया कॉन्सेप्ट सीखें
- इस हफ्ते: टीम को 1 सेशन में नॉलेज शो करें
- इस महीने: 1 मुश्किल डिसीजन लेकर रिजल्ट शेयर करें
- हमेशा: सैम का क्वोट डेस्क पर रखें
सैम मानेकशॉ क्वोट FAQs
1. ये क्वोट कब कहा?
स्टाफ कॉलेज लेक्चर में, लीडरशिप पर ।
2. मुख्य संदेश क्या?
नॉलेज + दिखता कॉन्फिडेंस = लीडरशिप।
3. बिजनेस में कैसे यूज?
टीम को डेमो दें, रीजनिंग शेयर करें।
4. सैम के अन्य क्वोट?
“Yes-man dangerous”, “Common sense से लीडर बनता”।
5. आज के CEO इसे क्यों फॉलो करें?
ट्रस्ट बिल्डिंग 40% ग्रोथ बढ़ाती।
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