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स्ट्रे डॉग केस में Maneka गांधी की बोलचाल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: ‘अजमल कसाब ने भी ऐसा नहीं किया!’

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Maneka Gandhi Supreme Court, stray dogs contempt case
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सुप्रीम कोर्ट ने स्ट्रे डॉग मामले में Maneka गांधी के पॉडकास्ट बयानों पर नाराजगी जताई। कहा- कॉन्टेम्प्ट किया लेकिन उदारता से बख्शा। डॉग बाइट केस में भारी मुआवजे का प्लान। पूरी डिटेल।

भटकते कुत्तों पर Maneka की बगावत: सुप्रीम कोर्ट बोला- ‘हमारी उदारता से बचे!’

स्ट्रे डॉग केस में सुप्रीम कोर्ट का Maneka गांधी को फटकार: कॉन्टेम्प्ट किया लेकिन उदारता दिखाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता Maneka गांधी को स्ट्रे डॉग मामले में सख्त लहजे में फटकार लगाई। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजरिया की बेंच ने Maneka के पॉडकास्ट में कोर्ट के आदेशों की आलोचना पर नाराजगी जताई। बेंच बोली, ‘तुमने कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट किया है। सब तरह के बयान दिए बिना सोचे।’ लेकिन कोर्ट ने कहा, हमारी उदारता से कॉन्टेम्प्ट प्रोसीडिंग्स नहीं शुरू करेंगे।

ये मामला दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते डॉग बाइट केस से जुड़ा है। जुलाई 2025 में मीडिया रिपोर्ट पर कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया। खासकर बच्चों में रेबीज के मामले बढ़े। कोर्ट ने कहा, स्ट्रे डॉग्स को स्कूलों, अस्पतालों, बस-रेलवे स्टेशनों से हटाया जाए। शेल्टर होम में रखें, वापस न छोड़ें। पहले जस्टिस परदीवाला वाली बेंच ने 8 हफ्ते में सब साफ करने को कहा था, लेकिन अब ये बेंच आदेशों को बदला। Maneka ने इसे ‘अप्रैक्टिकल’ कहा, बोलीं- 8 लाख कुत्तों में 5 हजार हटाने से क्या फर्क?

सुनवाई में Maneka की तरफ से सीनियर वकील राजू रामचंद्रन पेश हुए। कोर्ट ने उनसे पूछा, ‘तुम्हें अपनी क्लाइंट के बयान पता हैं? पॉडकास्ट सुना? बॉडी लैंग्वेज देखी?’ बेंच ने साफ कहा, हमारा पहले वाला कमेंट- डॉग फीडर्स को जिम्मेदार ठहराना- मजाक नहीं था, सीरियस था। जस्टिस मेहता ने तंज कसा, ‘मंत्री रहते स्ट्रे डॉग्स के लिए कितना बजट दिलाया?’ रामचंद्रन बोले, ये पॉलिसी मैटर है। उन्होंने कहा, मैं अजमल कसाब का भी केस लड़ा। जस्टिस नाथ ने तपाक से कहा, ‘कसाब ने कॉन्टेम्प्ट नहीं किया, तुम्हारी क्लाइंट ने किया!’

कोर्ट ने चेतावनी दी कि डॉग बाइट से मौत या चोट पर राज्यों को भारी मुआवजा देना पड़ेगा। डॉग फीडर्स को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। बोले, ‘अगर इतना प्यार है तो घर ले जाओ, सड़कों पर क्यों घुमाओ? काटते हैं, डराते हैं।’ 13 जनवरी को कोर्ट ने राज्यों से कहा, पिछले 5 साल से नियम लागू नहीं किए। एनसीटी दिल्ली, एमसीडी, एनडीएमसी को स्ट्रे डॉग्स पकड़ने को कहा। जनवरी 28 को स्टेट्स की सुनवाई होगी।

स्ट्रे डॉग्स की समस्या भारत में गंभीर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हर साल 2 करोड़ डॉग बाइट केस। 20 हजार रेबीज मौतें। दिल्ली में बच्चे सबसे ज्यादा शिकार। ज्यादातर स्ट्रे डॉग्स। एनिमल बर्थ कंट्रोल नियम 2023 हैं, लेकिन लागू नहीं। शेल्टर कम, फंडिंग कम। मनeka गांधी दशकों से पशु अधिकारों पर काम कर रही। लेकिन कोर्ट ने कहा, पब्लिक सेफ्टी पहले।

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