केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने केरल को चेताया- रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था से सभी का विकास नहीं। टूरिज्म, शिक्षा, आयुर्वेद, आईटी पर फोकस करें। भारत 4th सबसे बड़ी इकोनॉमी बना, 27 करोड़ गरीबी से बाहर। केरल कौमुदी कॉन्क्लेव में बोला।
भारत चौथी अर्थव्यवस्था बना, 27 करोड़ गरीब ऊपर आए: शाह का केरल को विकसित बनाने का ब्लूप्रिंट
केरल की रेमिटेंस इकोनॉमी पर अमित शाह का तीखा हमला: सबका विकास कैसे होगा?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तिरुवनंतपुरम में केरल कौमुदी कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए केरल को कड़ा संदेश दिया कि रेमिटेंस आधारित अर्थव्यवस्था अकेले पूरे राज्य के विकास को गति नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि रेमिटेंस का स्वागत है, लेकिन ये सभी नागरिकों के विकास का एकमात्र आधार नहीं बन सकता। जो परिवारों के सदस्य विदेश में नहीं हैं, उनका क्या होगा?
शाह ने जोर देकर कहा कि केरल को समावेशी विकास मॉडल अपनाना चाहिए, जहां हर व्यक्ति को मौके मिलें। रेमिटेंस को मजबूत रखते हुए राज्य के अंदर अवसर पैदा करने होंगे। उन्होंने टूरिज्म, शिक्षा, आयुर्वेद, औषधीय उत्पाद, मसाले, समुद्री व्यापार, आईटी, डेटा स्टोरेज और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों का पूरा उपयोग करने की सलाह दी। ये उद्योग ज्यादा जमीन नहीं मांगते, बल्कि बौद्धिक क्षमता चाहते हैं, जो केरल में भरपूर है।
केरल की संस्कृति, साहित्य, शिक्षा के प्रति जुनून इसे शीर्ष राज्यों में रखता है। बैकवाटर्स से लेकर बौद्धिक बहस तक, खेल से स्टार्टअप्स तक, आयुर्वेद से आईटी तक केरल ने कमाल किया। लेकिन शाह ने राजनीतिक ठहराव पर चिंता जताई- दो गठबंधनों के बीच सत्ता का चक्रव्यूह विकास रोक रहा। उन्होंने नई सोच, नया खून और नई राजनीति का आह्वान किया। बीजेपी विकसित केरल का विजन लेकर आई है।
केरल की रेमिटेंस इकोनॉमी कितनी मजबूत, कितनी कमजोर?
केरल की अर्थव्यवस्था रेमिटेंस पर बुरी तरह निर्भर है। 2023 में ये राज्य के NSDP का 23.2% था, जो 2018 के 13.5% से दोगुना हो गया। प्रति व्यक्ति रेमिटेंस 61,118 रुपये पहुंचा। कुल रेमिटेंस 43,378 करोड़ रुपये, जो राज्य राजस्व से 1.7 गुना। लेकिन समस्या ये है कि रेमिटेंस अब कुछ अमीर घरों तक सीमित हो रहा- प्राप्त करने वाले परिवार 16% से घटकर 12% रह गए।
2025 में केरल के कैपिटल रिसीट्स में रेमिटेंस 33,612 करोड़ रुपये दर्ज। लेकिन आउटवर्ड रेमिटेंस भी 20% बढ़ा, जो निवेश बाहर जा रहा। केरल की GSP 13.11 लाख करोड़ (157 बिलियन डॉलर) है, 11वीं सबसे बड़ी। लेकिन रेमिटेंस पर निर्भरता असमानता बढ़ा रही, ग्रामीण क्षेत्र पिछड़ रहे।
शाह के सुझाए विकास क्षेत्र: केरल का भविष्य
शाह ने केरल के पोटेंशियल को हाइलाइट किया। टूरिज्म में बैकवाटर्स, बीच, हिल स्टेशन से असीम संभावनाएं। शिक्षा पहले से मजबूत, इसे और विस्तार दें। आयुर्वेद और हेल्थ टूरिज्म में मासिव ग्रोथ- मॉडर्न मेडिसिन सेक्टर महीने में 100 करोड़ कमाने को तैयार। मसाले, औषधियां ग्लोबल मार्केट में हिट।
आईटी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा- हेल्थकेयर आईटी, साइबर सिक्योरिटी, फिनटेक, ई-गॉवर्नेंस। स्टार्टअप्स फल-फूल रहे, एक्सपोर्ट बढ़े, जॉब्स क्रिएट। डेटा स्टोरेज, सेमीकंडक्टर जैसे हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए परफेक्ट, कम जमीन, हाई स्किल। समुद्री व्यापार को टैप करें।
भारत का आर्थिक चमत्कार: शाह के आंकड़े
शाह ने मोदी सरकार के 11 सालों का जिक्र किया। 2014 में भारत 11वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी था, अब चौथा। 2027 तक तीसरा बनेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर 610% बढ़ा। दुनिया के 50% डिजिटल ट्रांजेक्शन भारत के।
27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए। 60 करोड़ गरीबों को घर, गैस, पानी, बिजली, फ्री राशन, हेल्थ इंश्योरेंस। वर्ल्ड बैंक डेटा: एक्सट्रीम पॉवर्टी 27.1% से 5.3% घटी। रूरल 18.4% से 2.8%, अर्बन 10.7% से 1.1%। मल्टीडाइमेंशनल पॉवर्टी 53.8% से 15.5%। पीएम आवास, उज्ज्वला, जन धन, आयुष्मान भारत जैसे स्कीम्स का कमाल।
मैन्युफैक्चरिंग, FDI, एक्सपोर्ट, PLI स्कीम से होलिस्टिक डेवलपमेंट। रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, पर्यावरण संरक्षण में मोदी यूनीक लीडर।
केरल रेमिटेंस vs वैकल्पिक मॉडल: तुलना तालिका
| क्षेत्र | वर्तमान योगदान | संभावित ग्रोथ | चुनौतियां |
|---|---|---|---|
| रेमिटेंस | NSDP का 23.2%, 43k Cr | स्थिर लेकिन असमान | विदेशी नौकरियां कम, आउटवर्ड फ्लो 20% |
| टूरिज्म | प्रमुख लेकिन अनएक्सप्लोर्ड | बैकवाटर्स, हेल्थ टूरिज्म | इंफ्रा, मार्केटिंग |
| आयुर्वेद | ग्लोबल अपील | 100 Cr/माह मेडिकल | R&D, एक्सपोर्ट |
| आईटी/सेमीकंडक्टर | बढ़ता हुआ | जॉब्स, एक्सपोर्ट | स्किल ट्रेनिंग |
| समुद्री व्यापार | अप्रयुक्त | हाई पोटेंशियल | पोर्ट डेवलपमेंट |
केरल राजनीति पर शाह का तंज
दो गठबंधनों के बीच सत्ता का चक्कर राजनीतिक ठहराव लाया। लोकल बॉडी इलेक्शन ने सीन चेंज किया। बीजेपी नई सोच लाएगी। विकसित केरल में इंफ्रा, एजुकेशन, R&D, इंडस्ट्री, पर्सनल इनकम बढ़ेगा। हर नागरिक की सुरक्षा, हर विश्वास की रक्षा।
निष्कर्ष: विकसित केरल का रोडमैप
शाह का संदेश साफ- रेमिटेंस को मजबूत रखें, लेकिन समावेशी मॉडल अपनाएं। टूरिज्म से आयुर्वेद, आईटी से समुद्री व्यापार तक पोटेंशियल अनलॉक करें। भारत का विकास मॉडल केरल को प्रेरित करे। नई राजनीति से विकसित केरल बनेगा।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- अमित शाह ने केरल की रेमिटेंस इकोनॉमी पर क्या कहा?
रेमिटेंस स्वागतयोग्य लेकिन अकेला आधार नहीं। सभी नागरिकों के विकास के लिए समावेशी मॉडल जरूरी, वरना विदेश न जाने वाले परिवार पिछड़ जाएंगे। - केरल में रेमिटेंस कितना योगदान देता है?
2023 में NSDP का 23.2%, 43,378 करोड़ रुपये। प्रति व्यक्ति 61,118 रुपये, लेकिन अब अमीर घरों तक सीमित। - शाह ने केरल के किन क्षेत्रों का जिक्र किया?
टूरिज्म, शिक्षा, आयुर्वेद, मसाले, समुद्री व्यापार, आईटी, डेटा स्टोरेज, सेमीकंडक्टर। ये कम जमीन, हाई स्किल वाले। - भारत की इकोनॉमी 2014 से कितनी बदली?
11वीं से चौथी सबसे बड़ी। इंफ्रा 610% बढ़ा। 27 करोड़ गरीब ऊपर, 60 करोड़ को बेसिक सुविधाएं। - केरल राजनीति पर शाह का क्या तंज?
दो गठबंधनों का चक्रव्यूह ठहराव लाया। नई सोच, नया खून, नई राजनीति चाहिए। बीजेपी विकसित केरल का विजन लाएगी।
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