केरल लिटरेचर फेस्टिवल में शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर स्टैंड डिफेंड किया। कहा- संसद में कभी पार्टी लाइन नहीं तोड़ी। देश की सुरक्षा पहले। कांग्रेस में फूट की अफवाहों पर चुप्पी टूटी। पूरी डिटेल।
शशि थरूर का कांग्रेस पर बड़ा ऐलान: ऑपरेशन सिंदूर पर बिल्कुल पछतावा नहीं, पार्टी लाइन तोड़ी ही नहीं!
शशि थरूर ने ऑपरेशन सिंदूर पर स्टैंड डिफेंड किया: ‘पछतावा नहीं, देश पहले आता है’
केरल के कोझिकोड में चल रहे केरल लिटरेचर फेस्टिवल के एक सेशन में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी। पार्टी में उनके साथ मतभेदों की खबरों के बीच उन्होंने साफ कहा कि संसद में कभी कांग्रेस की आधिकारिक लाइन के खिलाफ नहीं गए। बस ऑपरेशन सिंदूर पर सिद्धांतगत मतभेद था, और उस पर वो बिल्कुल ‘अनएपॉलोजेटिक’ यानी बिना पछतावे के खड़े हैं। थरूर ने जोर देकर कहा- भारत की सुरक्षा दांव पर लगे तो देश पहले, पार्टी बाद में।
ये बयान ऐसे समय आया जब कांग्रेस हाईकमान के साथ थरूर के मतभेदों की अफवाहें तेज हैं। कहा जा रहा था कि कोच्चि में हाल के एक इवेंट में राहुल गांधी ने उनका जिक्र तक नहीं किया। राज्य नेताओं द्वारा उन्हें साइडलाइन करने की कोशिशें। थरूर ने सेशन में सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘मैंने कभी पार्टी पोजीशन वॉयलेट नहीं की। सिंदूर ही एकमात्र मुद्दा था जहां पब्लिकली प्रिंसिपल पर डिसअग्री किया।’
पहलगाम हमले की पृष्ठभूमि समझिए। पिछले साल पहलगाम में भयानक आतंकी अटैक हुआ। थरूर ने ऑब्जर्वर और लेखक की हैसियत से इंडियन एक्सप्रेस में कॉलम लिखा- ‘आफ्टर पहलगाम’ या ‘हिट हार्ड, हिट स्मार्ट’। लिखा कि सजा मिलनी चाहिए, काइनेटिक रिस्पॉन्स जरूरी। लेकिन भारत डेवलपमेंट पर फोकस्ड है, पाकिस्तान से लंबी जंग नहीं चाहता। सिर्फ टेरर कैंप्स को टारगेट करो, फाइनाइट अटैक। आश्चर्यजनक रूप से सरकार ने वैसा ही किया- ऑपरेशन सिंदूर। थरूर बोले, ‘मैं हैरान था कि सरकार ने मेरी सलाह मान ली।’
थरूर ने नेहरू का हवाला दिया- ‘भारत मरे तो कौन जिएगा?’ जब देश, उसकी सिक्योरिटी और वर्ल्ड में जगह दांव पर हो, तो इंडिया फर्स्ट। पार्टियां बेहतर भारत बनाने के लिए डिबेट करें, लेकिन नेशनल इंटरेस्ट में एक हो जाएं। उन्होंने मल्टी-पार्टी डेलिगेशन का भी जिक्र किया, जहां उन्हें भेजा गया लेकिन कांग्रेस को पसंद न आया।
कांग्रेस में रिफ्ट की बातें क्यों? थरूर तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं, लोकल यूनिट के साथ तालमेल की कमी। हाईकमान को उनके यूनिलेटरल स्टेटमेंट्स पसंद नहीं। एलके आडवाणी की तारीफ पर भी नाराजगी। लेकिन थरूर ने कहा- इंटरनल मैटर्स पब्लिकली नहीं बताऊंगा, लीडरशिप को पहले ही इन्फॉर्म कर चुका। मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ सही कुछ गलत।
ऑपरेशन सिंदूर क्या था? पहलगाम अटैक के जवाब में भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में टेरर लॉन्चपैड्स पर सटीक मिसाइल स्ट्राइक्स किए। दर्जनों आतंकी मारे गए। सरकार ने कहा- सिर्फ टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर, पाकिस्तान नहीं। कांग्रेस ने सरकार की पीठ ठोकी लेकिन थरूर का कॉलम अलग हाइलाइट हुआ। पार्टी लाइन- सरकार को कोसो, लेकिन थरूर ने सलाह दी जो मानी गई। यही घर्षण बिंदु।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ऑपरेशन सिंदूर क्या था?
पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में PoK में टेरर कैंप्स पर भारत की स्ट्राइक्स। - थरूर ने क्यों समर्थन किया?
कॉलम में लिखा- सजा दो, सटीक हिट करो। सरकार ने वैसा किया। - कांग्रेस से मतभेद क्यों?
सिंदूर पर पब्लिक डिसअग्री। डेलिगेशन, राहुल इग्नोर अफवाहें। - थरूर ने क्या कहा KLF में?
‘अनएपॉलोजेटिक हूं। संसद में लाइन नहीं तोड़ी। इंडिया फर्स्ट।’ - क्या थरूर पार्टी छोड़ेंगे?
नहीं, इंटरनल मैटर। नेशनल इंटरेस्ट में एक।
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