पश्चिम बंगाल में SIR विवाद के बीच टीएमसी विधायक मणिरुल इस्लाम ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कब्र से खींच निकालने की धमकी दी। लाठियों से EC की कमर तोड़ने की बात कही। BJP ने ममता सरकार पर हमला बोला।
ममता के विधायक का विवाद: चुनाव आयोग को सबक सिखाएंगे, कब्र से घसीटेंगे बाहर
टीएमसी विधायक का चुनाव आयुक्त पर खुला हमला: कब्र से खींच लाऊंगा, SIR विवाद ने पकड़ा तूल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों खूब गरमाई हुई है। फरक्का से टीएमसी के विधायक मणिरुल इस्लाम ने चुनाव आयोग पर सीधी धमकी दे डाली। एक सार्वजनिक सभा में बोलते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाया। बोले, ‘तुम लोगों की कमर लाठियों से तोड़ देंगे। कब्र से भी खींच निकालेंगे।’ ये बयान स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची के विवाद के बीच आया, जिसे लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच टेंशन चरम पर है।
SIR क्या है, ये समझना जरूरी। चुनाव आयोग ने बंगाल में मतदाता सूची की विशेष जांच शुरू की है। इसका मकसद फर्जी वोटरों को हटाना है, खासकर घुसपैठियों के नाम। मुरशिदाबाद, मालदा जैसे जिलों में लाखों नाम कटने की बात हो रही। टीएमसी इसे बीजेपी का हथकंडा बता रही, कह रही कि असली वोटरों के नाम काटे जा रहे। विधायक इस्लाम ने सभा में कहा, ‘चुनाव आयोग बीजेपी को खुश करने के लिए लोगों को तंग कर रहा। तुम सुरक्षित बुलबुले में बैठे हो, लेकिन हम तुम्हें घसीट लाएंगे।’ उन्होंने आयुक्त का इस्तीफा भी मांगा।
ये बयान फरक्का बीडीओ कार्यालय में हुई हिंसा के ठीक बाद आया। बीते दिनों SIR सुनवाई के दौरान विधायक के समर्थकों ने सरकारी दफ्तरों पर हमला कर दिया। टेबल-पुस्तकें तोड़ीं, अफसरों को धमकाया। खुद विधायक मौके पर थे, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। विपक्ष ने इसे TMC का गुंडाराज बताया। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। बोले, ‘ममता के इशारे पर सब हो रहा। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे मुद्दे गायब, सिर्फ SIR का शोर।’
मणिरुल इस्लाम कौन हैं? फरक्का विधानसभा क्षेत्र से TMC के विधायक। मुरशिदाबाद जिले में आता है उनका इलाका, जहां SIR से सबसे ज्यादा नाम कटने की शिकायतें। पहले भी विवादों में रहे। अब ये वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वो खुलेआम धमकी दे रहे। बोले, ‘ये झंडा नहीं चलेगा, लाठी से तोड़ना पड़ेगा। EC की कमर लाठियों से तोड़नी है।’ उन्होंने उस कानून का जिक्र भी किया, जो चुनाव आयुक्तों को आजीवन संरक्षण देता है। कहा, ‘तुम्हारा वो ढाल टूटेगा।’
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज। BJP ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। साजल घोष जैसे नेता बोले, ‘ये TMC का गुंडा संस्कृति है। MLA खुला धमका रहा, ममता चुप।’ प्रदीप भारद्वाज ने ट्वीट किया, ‘TMC घुसपैठियों की रक्षा कर रही। EC को धमकी देना अभिव्यक्ति की आजादी नहीं।’ चुनाव आयोग ने अभी चुप्पी साधी, लेकिन SIR की समयसीमा बढ़ाने पर विचार कर रहा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन होगा। राघुनाथगंज से TMC मंत्री अखरुज्जमान भी SIR सुनवाई में महिला अफसर को धमका चुके।
SIR का पूरा बैकग्राउंड। चुनाव आयोग ने 2025 के अंत में बंगाल में SIR शुरू किया। दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक चलेगा। ऑनलाइन-ऑफलाइन दावे लेने का प्रोसेस। मकसद- एक व्यक्ति एक वोट। बंगाल में 8 करोड़ वोटर हैं, लेकिन फर्जी नामों की शिकायतें पुरानी। 2019 लोकसभा, 2021 विधानसभा में आरोप लगे कि TMC ने घुसपैठियों को वोटर बनाया। अब SIR में मुरशिदाबाद में 3 लाख, मालदा में 2 लाख नाम कटे। TMC कह रही, असली बंगाली हिंदू/मुस्लिम कट रहे।
फरक्का हिंसा की डिटेल्स। बीडीओ ऑफिस में SIR हियरिंग चली। TMC कार्यकर्ता घुसे, तोड़फोड़ की। कुर्सियां उछालीं, फाइलें फाड़ीं। विधायक Islam खुद लीडर बने। पुलिस खड़ी तमाशा देखी। BJP ने FIR की मांग की, लेकिन केस नहीं दर्ज। ये घटना 20 जनवरी को हुई, 21 को धमकी वाला बयान। विपक्ष बोला, ममता होम मिनिस्टर हैं, कानून व्यवस्था फेल।
पश्चिम बंगाल में SIR का असर जिले अनुसार
| जिला | नाम कटने का दावा (लाख में) | TMC का आरोप |
|---|---|---|
| मुरशिदाबाद | 3.2 | असली वोटर कटे |
| मालदा | 2.1 | बीजेपी षड्यंत्र |
| उत्तर दिनाजपुर | 1.8 | घुसपैठिए बचाने की कोशिश |
| फरक्का (विधानसभा) | 0.45 | हिंसा हुई |
टीएमसी के अन्य विवादास्पद बयान SIR में
- राघुनाथगंज मंत्री: ‘बीजेपी एजेंट हो क्या?’ महिला अफसर से।
- अन्य MLA: ‘EC को आग के साथ खेलना पड़ेगा।’
- ममता: ‘SIR से डरना नहीं, लड़ेंगे।’
ये दिखाता है पार्टी का गुस्सा।
विपक्ष का पक्ष
- BJP: ‘TMC घुसपैठिए बचाने को EC धमका रही।’
- कांग्रेस: ‘ममता ने बंगाल को गुंडों का अड्डा बना दिया।’
- आम आदमी: वोटर सूची साफ हो, फर्जीवाड़ा रुके।
चुनाव आयोग की ताकत। भारत में EC संवैधानिक संस्था। मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार 2024 से पद पर। SIR सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर। नया कानून: आयुक्तों को अभियोजन से छूट। TMC इसी पर निशाना साध रही। लेकिन धमकी असंवैधानिक। कोर्ट जा सकती है BJP।
मणिरुल इस्लाम का राजनीतिक सफर
- 2016: फरक्का से पहली बार जीते।
- 2021: फिर TMC टिकट पर जीत।
- विवाद: SIR हिंसा, EC धमकी।
- इलाका: बांग्लादेश सीमा से सटा, घुसपैठ मुद्दा।
ऐसे विवादों का इतिहास बंगाल में पुराना। 2019 में NRC-NPR पर TMC ने हल्ला बोला। 2021 चुनावों में वोटर लिस्ट पर आरोप। SIR से पहले ड्राइव में 10 लाख नाम कट चुके। आने वाले नगर निगम, विधानसभा चुनावों पर असर। ममता सरकार दबाव में।
समाज पर असर। फरक्का जैसे इलाकों में तनाव। लोग डर रहे- नाम कटेगा तो वोट नहीं। TMC कार्यकर्ता सड़कों पर। पुलिस निष्क्रिय। विपक्ष चेतावनी दे रहा- लोकतंत्र खतरे में। EC को सख्ती दिखानी होगी।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- मणिरुल इस्लाम ने चुनाव आयुक्त को क्या धमकी दी?
कब्र से खींच निकालने और लाठियों से EC की कमर तोड़ने की। SIR को बीजेपी खुश करने वाला बताया। - SIR मतदाता सूची में क्या हो रहा?
फर्जी नाम हटाए जा रहे। मुरशिदाबाद में लाखों कटे। टीएमसी विरोध कर रही। - फरक्का बीडीओ हिंसा में विधायक का क्या रोल?
समर्थक तोड़फोड़ कर रहे, Islam मौके पर थे। पुलिस ने केस नहीं किया। - BJP ने क्या कहा TMC पर?
गुंडा राज चला रही। EC को धमकाना असंवैधानिक। ममता जिम्मेदार। - SIR की समयसीमा क्या?
जनवरी 2026 तक, बढ़ सकती। सुप्रीम कोर्ट निर्देश।
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