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जय सोमनाथ! पीएम मोदी की शौर्य यात्रा में 108 घोड़े, द्रोन शो और 72 घंटे अखंड ‘ओम’, देशभक्ति का महासंगम

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PM Modi Somnath visit
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पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में दर्शन कर स्वाभिमान पर्व में हिस्सा लिया। 1026 के पहले हमले के 1000 साल पूरे, शौर्य यात्रा में 108 घोड़े, द्रोन शो। मंदिर को सभ्यता के साहस का प्रतीक बताया। 75 साल पुनर्निर्माण का जश्न

सोमनाथ का पुनर्निर्माण 75 साल: मोदी ने क्यों कहा- यह हमारी सांस्कृतिक पुनरुत्थान की मिसाल, करोड़ों भक्तों का केंद्र

सोमनाथ मंदिर: PM मोदी के दर्शन और स्वाभिमान पर्व ने जगाई देशभक्ति की लहर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में दर्शन किए। 12 आदिज्योतिर्लिंगों में प्रथम सोमनाथ पर पहला हमला 1026 में हुआ था, उसी की 1000वीं वर्षगांठ पर स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है। पीएम ने एक्स पर लिखा, ‘सोमनाथ में आशीर्वादित महसूस कर रहा हूं। ये हमारी सभ्यता के साहस का गौरवपूर्ण प्रतीक है।’​

10 जनवरी की शाम पीएम ने 72 घंटे के अखंड ‘ओम’ जाप में हिस्सा लिया। उसके बाद मंदिर परिसर में ड्रोन शो देखा, जिसमें 3000 ड्रोन से मंदिर का ऐतिहासिक चित्रण हुआ। सोमनाथ ट्रस्ट के चेयरमैन के तौर पर पीएम ने बैठक भी की। रविवार सुबह शौर्य यात्रा में शामिल हुए, जिसमें 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला गया। ये उन योद्धाओं को समर्पित था जिन्होंने मंदिर की रक्षा में जान दी।​

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी तक चला। देश भर से सैकड़ों संत आए। मंदिर में लगातार ओम जाप हुआ। पीएम ने दोबारा दर्शन-पूजा की और सार्वजनिक सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम ने सोमनाथ को सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक बनाया।​

सोमनाथ का गौरवशाली इतिहास: 17 बार लुटा, फिर खड़ा

सोमनाथ मंदिर का इतिहास हजारों साल पुराना है। इसे 12 आदिज्योतिर्लिंगों में सबसे पहला माना जाता है। पुराणों में भगवान शिव ने इसे स्वयं स्थापित किया बताया जाता है। समुद्र तट पर बसा ये मंदिर सोने-चांदी-हीरे से जड़ा था।

1026 में महमूद गजनवी ने पहला हमला किया। उसके बाद 16 बार और लूटा गया- गजनवी के बाद फिरोज तुगलक, अलाउद्दीन खिलजी, और औरंगजेब तक। हर बार तोड़ा गया, हर बार हिंदू राजाओं ने पुनर्निर्माण कराया। राष्ट्रकवि दयानंद सारस्वत ने कहा था, ‘हिंदू इतिहास का काला अध्याय।’​

1947 में देश आजाद हुआ तो मंदिर खंडहर था। सरदार वल्लभभाई पटेल ने 13 नवंबर को दौरा किया। उन्होंने कहा, ‘ये हमारी सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बनेगा।’ 1951 में राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद ने प्राण प्रतिष्ठा कराई। आज 75 साल पूरे हो गए।

PM मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ का विकास

पीएम मोदी सोमनाथ ट्रस्ट के चेयरमैन हैं। उनके नेतृत्व में मंदिर का विस्तार हुआ। आधुनिक सुविधाएं आईं- पार्किंग, रास्ते चौड़े, संग्रहालय, वाई-फाई। पर्यटकों के लिए होटल और गेस्ट हाउस बने। वार्षिक 92-97 लाख श्रद्धालु आते हैं। महाशिवरात्रि और बिल्व पूजा पर लाखों जुटते हैं।​

स्वाभिमान पर्व ने डिजिटल माध्यम से करोड़ों तक पहुंचाया। ड्रोन शो ने इतिहास जीवंत किया। शौर्य यात्रा ने योद्धाओं को सलाम किया। पीएम ने कहा, ‘सोमनाथ आस्था और बलिदान की कहानी है।’​

सोमनाथ हमलों का समयरेखा

  • 1026: महमूद गजनवी का पहला आक्रमण, शिवलिंग तोड़ा।
  • 1299: अलाउद्दीन खिलजी का हमला।
  • 1395: तैमूर लंग का लूट।
  • 1459: महमूद बेगड़ा ने तोड़ा।
  • 1665: औरंगजेब ने मस्जिद बनाने को तोड़ा।
  • 1706: मुगल सिपहसालार ने लूटा।
  • 1947: पटेल जी का संकल्प।
  • 1951: पुनर्निर्माण।
  • 2026: 1000 साल का स्वाभिमान पर्व।

सोमनाथ के आकर्षण: क्यों आते हैं लाखों भक्त

सोमनाथ सिर्फ मंदिर नहीं, आस्था का प्रतीक है। समुद्र की लहरों के बीच खड़ा चलाढ़ी शिखर वाला मंदिर देखने लायक। दर्शन के बाद सोमेश्वर महादेव, भालका तीर्थ और त्रिकोण्टिकेश्वर भी घूमे जाते हैं।

महाशिवरात्रि पर रात भर जागरण, बिल्व पत्र चढ़ाना प्रसिद्ध। करीब 5 किमी दूर प्रभास पाटन संग्रहालय में पुरानी मूर्तियां रखी हैं। डिजिटल चेकपॉइंट से लाइन कम लगती। गुजरात सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा दिया।

सोमनाथ कार्यक्रम सारणी

कार्यक्रमतारीख/समयविवरण
ओम जाप8-11 जनवरी, 72 घंटेअखंड जाप, पीएम शामिल
ड्रोन शो10 जनवरी शाम3000 ड्रोन से इतिहास
शौर्य यात्रा11 जनवरी सुबह 9:45108 घोड़ों का जुलूस
दर्शन-पूजा11 जनवरी 10:15पीएम का दर्शन
सार्वजनिक सभा11 जनवरी 11 बजेपीएम संबोधन

सांस्कृतिक महत्व और संदेश

सोमनाथ बार-बार गिरा, फिर खड़ा हुआ। ये हिंदू समाज के लचीलापन की मिसाल। पीएम ने कहा, ‘आस्था की शक्ति अटल रहती।’ पर्व ने युवाओं को इतिहास से जोड़ा।​

आज सोमनाथ धार्मिक पर्यटन का केंद्र। वाइब्रेंट गुजरात के साथ जोड़ा गया। पीएम ने राजकोट में भी कार्यक्रम किया।

स्वाभिमान पर्व से सीख

  • इतिहास याद रखना जरूरी।
  • सांस्कृतिक धरोहर बचाना।
  • बलिदान को सलाम करना।
  • आस्था एकजुट करती।

सोमनाथ यात्रा ने देश को एक सूत्र में बांधा। उम्मीद है ऐसे आयोजन बढ़ेंगे। जय सोमनाथ!

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व कब मनाया गया?
    8 से 11 जनवरी 2026 तक। 1026 के पहले हमले के 1000 साल पूरे। पीएम मोदी ने हिस्सा लिया।​
  2. शौर्य यात्रा क्या थी?
    11 जनवरी सुबह योद्धाओं को समर्पित जुलूस। 108 घोड़ों का प्रतीक। पीएम शामिल हुए।​
  3. सोमनाथ पर कितनी बार हमला हुआ?
    कम से कम 17 बार, पहला 1026 में गजनवी ने। हर बार पुनर्निर्माण।
  4. मंदिर का पुनर्निर्माण कब हुआ?
    1947 में पटेल जी का संकल्प, 1951 में राजेंद्र प्रसाद ने प्राण प्रतिष्ठा। 2026 में 75 साल।
  5. सोमनाथ में कितने श्रद्धालु आते हैं?
    हर साल 92-97 लाख। शिवरात्रि पर लाखों।

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