बिहार के समस्तीपुर में जहरीली शराब पीने से बलेस्वर शाह की मौत हो गई, बेटा बबलू आंखें खो चुका। रिश्तेदार से ऑनलाइन पेमेंट कर खरीदी शराब घातक निकली। पुलिस ने चपरासी सस्पें्ड, सेक्टर ऑफिसर को नोटिस। शराबबंदी के 10 साल में 190+ मौतें।
बखरी बुजुर्ग गांव का दर्द: रिश्तेदार से खरीदी शराब ने बर्बाद कर दिया परिवार, SP ने दी जांच
बिहार शराबबंदी का काला सच: समस्तीपुर में जहरीली शराब ने पिता को मार डाला, बेटे को नेत्रहीन बना दिया
शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। समस्तीपुर जिले के बखरी बुजुर्ग गांव में 1 जनवरी को रिश्तेदार से ऑनलाइन पेमेंट कर खरीदी शराब ने एक परिवार को बर्बाद कर दिया। पिता बलेस्वर शाह (60) की 3 जनवरी को मौत हो गई, जबकि बेटा बबलू शाह प्राइवेट अस्पताल में इलाजरत है और आंखों की रोशनी खो चुका।
मुसरीघरारी थाने में बबलू की पत्नी ने FIR दर्ज कराई। उसके अनुसार, पति और ससुर ने रिश्तेदार अरविंद शाह से 2 टेट्रा-पैक शराब खरीदी (एक बबलू ने, एक बलेस्वर ने)। शराब पीते ही दोनों बीमार पड़ गए। नजदीकी अस्पताल ले जाए गए। बलेस्वर की मौत के बाद परिवार ने चुपके से अंतिम संस्कार कर दिया। बबलू की आंखें चली गईं।
पुलिस एक्शन: चपरासी सस्पेंड, सेक्टर ऑफिसर को नोटिस
समस्तीपुर SP अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि जिला पुलिस, एंटी-लिकर टास्क फोर्स (ALTF) और प्रोहिबिशन विभाग की जॉइंट टीम जांच कर रही। गांव के चपरासी को लापरवाही बरतने पर सस्पेंड कर दिया गया। 7 दिन बाद भी मौत की सूचना न देने पर सेक्टर ऑफिसर यदुवंश सिंह को शो-कॉज नोटिस जारी।
पुलिस ने फॉरेंसिक टीम से सबूत जुटवाए। बबलू का बयान दर्ज। प्रारंभिक जांच में पता चला कि बलेस्वर पर पहले प्रोहिबिशन विभाग में पुराना केस दर्ज था। अरविंद शाह सहित आरोपी फरार।
शराबबंदी के 10 साल: 190+ मौतें, लाखों केस
नीतीश कुमार सरकार ने 5 अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू की। लेकिन जहरीली शराब के मामले थम नहीं रहे।
– 2016 से 2025 तक: 190 आधिकारिक हूच मौतें (संदिग्ध मिलाकर 269+)।
– 2022 में पीक: 114 मौतें।
– कुल केस: 9.36 लाख+, 14 लाख गिरफ्तारियां।
– जब्त शराब: 3.86 करोड़ लीटर (97% नष्ट), 1.40 लाख वाहन जब्त (₹340 करोड़ रेवेन्यू)।
| वर्ष | आधिकारिक हूच मौतें | प्रमुख जिले |
|---|---|---|
| 2022 | 114 | सारण (42), गोपालगंज |
| 2021 | 64 | – |
| कुल (2016-2025) | 190+ | सारण, सिवान, गया, भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज |
समस्तीपुर हूच केस: कैसे हुआ कांड?
– 1 जनवरी: बलेस्वर और बबलू ने अरविंद शाह से टेट्रा-पैक शराब खरीदी (ऑनलाइन पेमेंट)।
– तुरंत बीमारी: उल्टी, दस्त, डिहाइड्रेशन।
– 3 जनवरी: बलेस्वर की मौत, चुपके अंतिम संस्कार।
– 7 जनवरी: FIR, पुलिस जांच शुरू।
जहरीली शराब का राज: मिथाइल अल्कोहल
हूच में चावल, गुड़, फ्रूट वेस्ट से महुआ या हैंड-सैनिटाइजर से बनाई जाती शराब में मिथाइल अल्कोहल (मेथनॉल) मिलाया जाता। यह आंखें, लीवर, किडनी नष्ट कर देता। बबलू केस में आंखें जाने का कारण यही।
शराबबंदी: सफलता या विफलता?
नीतीश का दावा: 1 करोड़+ लोगों ने शराब छोड़ी, महिलाओं का जीवन बेहतर। लेकिन:
– हूच मौतें जारी।
– 90% केस खपत से जुड़े।
– जेलों में 25,000+ बंदी (कैपेसिटी 57,000)।
विपक्ष (RJD): “पूर्ण विफलता”।
पुलिस–प्रशासन की लापरवाही
SP सिंह ने माना कि चपरासी–सेक्टर ऑफिसर की लापरवाही। जॉइंट टीम जांच करेगी। प्रोहिबिशन विभाग ने बलेस्वर पर पुराना केस दर्ज था।
बिहार में हूच ट्रेजडी: पिछले केस
– 2022 सारण: 42 मौतें।
– 2021 गोपालगंज: 19 मौतें।
– 2024 सिवान-सारण: 25 मौतें।
ममता–नीतीश जैसे राज्यों में शराबबंदी: तुलना
बिहार (2016): 190+ मौतें। गुजरात: कम हूच। केरल: रेगुलेटेड।
क्या करें आम लोग?
– शराबबंदी तोड़ने वालों से दूर रहें।
– हेल्पलाइन: 100/112।
– संदिग्ध शराब: न छुएं।
5 FAQs
- समस्तीपुर हूच केस में क्या हुआ?
बलेस्वर शाह (60) की मौत, बेटा बबलू आंखें खो चुका। रिश्तेदार अरविंद से टेट्रा-पैक शराब ली। - पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
चपरासी सस्पेंड, सेक्टर ऑफिसर को शो-कॉज। फॉरेंसिक जांच, ALTF–पुलिस टीम। - बिहार शराबबंदी कब लगी?
5 अप्रैल 2016। - शराबबंदी में कितनी हूच मौतें?
2016-2025: 190 आधिकारिक (269 संदिग्ध)। 2022 में 114। - जहरीली शराब क्यों घातक?
मिथाइल अल्कोहल से आंखें–लीवर–किडनी फेल।
Leave a comment