धनबाद : झरिया क्षेत्र में एक बार फिर भू-धंसान की घटना हुई हैं।जिससे लोगों को दहशत का माहौल हैं।घटना बीसीसीएल के ईजे एरिया अंतर्गत आबादी बहुल भौंरा छह नंबर की हैं।जहां मोहल्ला के बीचों-बीच मंगलवार सुबह अचानक गोफ (जमीन धंसने से बना गड्ढा) बन गया।
घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आये।गोफ बनने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
नेताओं और पुलिस ने किया घटनास्थल का निरीक्षण।
घटना की जानकारी मिलते ही जनता मजदूर संघ के केंद्रीय नेता रंजय कुमार, क्षेत्रीय नेता धनंजय कुमार सिंह, भाजपा नेता उमेश यादव, संजय वर्मा और रितेश गुप्ता मौके पर पहुंचे। स्थानीय प्रबंधन और भौंरा ओपी पुलिस को भी सूचना दी गई। भौंरा ओपी प्रभारी सुमन सौरभ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। लोगों ने प्रबंधन पर सी-टू पैच में हैवी ब्लास्टिंग करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि लगातार हो रही ब्लास्टिंग के कारण जमीन कमजोर हो गई है, जिससे गोफ बना है।
घरों में पड़ी दरारें, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप।
मोहल्ला वासियों का आरोप है कि प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही यह स्थिति उत्पन्न हुई है।कई घरों में दरारें पड़ने की बात सामने आई है। लोगों ने कहा कि यदि समय रहते खनन गतिविधियों पर नियंत्रण नहीं लगाया गया तो पूरा इलाका खतरे में आ सकता है।घटना से आक्रोशित लोगों ने भौंरा सी-टू पैच पहुंचकर काम बंद करा दिया।वहां ड्यूटी पर मौजूद ओवरमैन मनीष कुमार के साथ कुछ युवकों द्वारा धक्का-मुक्की की भी सूचना है। हालांकि बाद में यूनियन नेताओं ने स्थिति को संभालने की कोशिश की।
अधिकारियों के आने में दिखी हिचकिचाहट।
यूनियन नेताओं ने परियोजना पदाधिकारी से फोन पर संपर्क कर सेफ्टी विभाग के अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजने की मांग की। लेकिन स्थानीय लोगों के आक्रोश को देखते हुए अधिकारी पहले आने से हिचकिचा रहे थे।उन्हें मारपीट का डर सता रहा था। बाद में भौंरा ओपी प्रभारी और स्थानीय नेताओं ने अधिकारियों को सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके बाद सेफ्टी और ब्लास्टिंग विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और गोफ स्थल का मुआयना किया। निरीक्षण के बाद एहतियातन बालू और पानी डालकर गोफ की भराई कराई गई।
30-40 फीट दूरी पर है भौंरा बाजार।
घटनास्थल से महज 30-40 फीट की दूरी पर भौंरा बाजार स्थित है।यह बाजार इलाके का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते-जाते हैं।तकनीकी जानकारों के अनुसार, नीचे सेवन-बी खदान संचालित है। बताया जा रहा है कि पास में चल रही आउटसोर्सिंग परियोजना के कारण बंद खदान की गैलरियों में हवा प्रवेश कर गई, जिससे जमीन धंस गई। यदि यह धंसान बाजार क्षेत्र तक फैलता है तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
भौंरा बाजार और मोहल्ले पर मंडराता खतरा।
घटना के बाद से मोहल्ला वासियों के साथ-साथ बाजार के दुकानदारों में भी भय का माहौल है।लोगों को भौंरा बारह नंबर मोहल्ला की घटना याद आ रही है, जहां कई स्थानों पर गोफ बनने और लगातार भू-धंसान के कारण पूरे मोहल्ले का अस्तित्व समाप्त हो गया था।उस समय हालात इतने गंभीर हो गए थे कि लोगों को विस्थापित कर अन्यत्र शिफ्ट करना पड़ा था।स्थानीय लोग आशंका जता रहे हैं कि कहीं वही स्थिति भौंरा छह नंबर में भी न उत्पन्न हो जाए।
स्थायी समाधान की मांग।
स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने बीसीसीएल प्रबंधन से स्थायी समाधान की मांग की है।उनका कहना है कि केवल अस्थायी भराई से समस्या का समाधान नहीं होगा।क्षेत्र की वैज्ञानिक जांच कर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।फिलहाल प्रशासन और प्रबंधन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।लेकिन, जब तक खनन गतिविधियों और सुरक्षा मानकों की गंभीर समीक्षा नहीं होती, तब तक भौंरा छह नंबर और आसपास के इलाकों में खतरा बना रह सकता है।
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