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तेहरान का विद्रोह: 12 हज़ार मरे, ट्रंप की धमकी के बाद ईरान बोला- जंग के लिए तैयार!

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Iran protests 2026, 2000 killed Iran
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ईरान में विरोध प्रदर्शन खूनी हो गए- सरकारी आंकड़े 2000 मौतें, UN ने हिंसा रोकने की मांग की। इंटरनेट ब्लैकआउट, हजारों गिरफ्तार, ट्रंप की स्ट्राइक धमकी। शाह की वापसी के नारे, पूरी अपडेट।

ईरान प्रोटेस्ट ब्लडबाथ: इंटरनेट कटा, अस्पताल भरे, शाह की वापसी के नारे क्यों गूंजे?

ईरान का खूनी विद्रोह: 2000 से ज्यादा मौतें, UN ने लगाई हिंसा रोकने की पुकार

ईरान की सड़कों पर पिछले एक महीने से जो आग भड़की है, वो काबू से बाहर होती जा रही। सरकारी आंकड़ों में 2000 लोग मारे जा चुके, जबकि मानवाधिकार संगठन HRANA और ईरान इंटरनेशनल 12,000 तक मौतें बता रहे। संयुक्त राष्ट्र ने साफ कहा- ये हिंसा तुरंत रुके। तेहरान, मशहद, क़ाज़वीन से लेकर 111 शहरों और कस्बों तक प्रदर्शन फैल चुके। लोग चिल्ला रहे- ‘डेथ टू डिक्टेटर’, ‘लॉन्ग लिव शाह’। रेजा पहलवी, आखिरी शाह के बेटे ने शांतिपूर्ण ट्रांजिशन और जनमत संग्रह की अपील की।​

प्रदर्शन आर्थिक मुश्किलों से शुरू हुए- महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी। सरकार ने 71 मिलियन लोगों को महीने के 7 डॉलर की भत्ता दी, लेकिन बहुत देर हो चुकी। आयतुल्लाह अली खामेनेई ने कहा- प्रदर्शनकारियों से बातचीत हो, लेकिन ‘place’ में रहें। ज्यूडिशियरी चीफ गोलामहसैन मोही एजेई ने चेतावनी दी- दंगाइयों को तेज सजा। इंटरनेट, फोन, ATM, कार्ड पेमेंट सब कट। अस्पताल गोलियों से घायलों से भरे।​

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी- अगर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चली तो हम हस्तक्षेप करेंगे। ‘We are locked and loaded.’ ईरान ने जवाब दिया- जंग और डायलॉग दोनों के लिए तैयार। इंटेलिजेंस एजेंसी बोली- अमेरिकी हथियार और विस्फोटक जब्त किए। विदेश मंत्रालय ने माना- सिक्योरिटी फोर्सेस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की। IRGC और बासिज लाइव अम्युनिशन इस्तेमाल कर रहे।​

प्रदर्शनकारियों में स्टूडेंट्स, पेंशनर्स, जेन Z। शाहिद बेहेस्ती यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स बोले- ‘ये क्रिमिनल सिस्टम 47 साल से हमारा फ्यूचर बंधक बना के रखा। रिफॉर्म्स या झूठे वादे से नहीं बदलेगा।’ मशहद में शिया पवित्र शहर में बासिज को पीछे हटना पड़ा। बंदर अब्बास में ‘पुलिस सपोर्ट’ के नारे। अबादान में ‘क्लेरिकल लीडरशिप गो बैक’। क़ाज़वीन में खामेनेई के खिलाफ नारे। पहलवी王朝 की वापसी की मांग।​

मौतों का आंकड़ा डरावना। BBC पर्शियन ने 21 की पहचान की। ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक 48 घंटों में 2000 मौतें। टाइम मैगजीन 6000। गवर्नमेंट 505 प्रदर्शनकारी, 133 सिक्योरिटी फोर्स। गिरफ्तारियां 2200 से ज्यादा। तेहरान, शिराज के हॉस्पिटल्स ओवरव्हेल्म्ड। एक चश्मदीद बोला- ‘तेहरान भर में सैकड़ों लाशें।’ 10 जनवरी को गार्जियन ने फायरिंग की रिपोर्ट्स दीं।​

ट्रंप ने कहा- ईरान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत के लिए संपर्क किया। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट का संवैधानिक अधिकार माना, लेकिन सिक्योरिटी फोर्सेस पर कंट्रोल नहीं। खामेनेई सुप्रीम लीडर, असली पावर। प्रोटेस्ट्स 8 जनवरी को पहलवी और कुर्दिस्तान पार्टियों की अपील से भड़के। इजरायल, अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।​

ईरान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। सब कुछ बंद। चैथम हाउस की डॉ. सारा अम विल बोलीं- लोग फ्रस्ट्रेटेड, कोई फ्यूचर नहीं। ज्यादा लोग जुटे तो गवर्नमेंट और हिंसक होगी। तेहरान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सादेक जिबाकलाम बोले- US हस्तक्षेप के डर से क्रैकडाउन हिचकिचाहट।

ईरान प्रोटेस्ट्स की समयरेखा

  • दिसंबर 2025: आर्थिक मुद्दों से स्पार्क।
  • 1 जनवरी 2026: दर्जनों गिरफ्तार, लाइव फायर।
  • 3 जनवरी: 113 लोकेशन्स, 44 गोलीबारी घायल।
  • 8 जनवरी: पहलवी अपील, स्ट्राइक्स।
  • 10 जनवरी: 2000 मौतें 48 घंटे में।
  • 12 जनवरी: IRGC मोबिलाइज, इंटरनेट ब्लैकआउट।

मौतों और गिरफ्तारियों के आंकड़े

स्रोतमौतें (प्रदर्शनकारी)सिक्योरिटी मौतेंगिरफ्तार
ईरानी गवर्नमेंट505133
HRANA6000+42200
ईरान इंटरनेशनल12,00010,000+
टाइम6000

प्रमुख शहरों में झड़पें

  • तेहरान: सैकड़ों लाशें, हॉस्पिटल्स फुल।
  • मशहद: बासिज रिट्रीट।
  • क़ाज़वीन: ‘डेथ टू खामेनेई’।
  • अबादान: स्टोनिंग, फायरिंग।
  • बंदर अब्बास: पुलिस सपोर्ट नारे।

ट्रंप की धमकियां

  • ‘पिसफुल प्रोटेस्टर्स को नुकसान पहुंचा तो स्ट्राइक।’
  • न्यूक्लियर नेगोशिएशन का दावा।
    ईरान: ‘यूएस आर्म्स जब्त।’​

मानवाधिकार चिंताएं

  • गोलियां, टियर गैस, लाइव अम्युनिशन।
  • बच्चे मरे (9 कन्फर्म)।
  • इंटरनेट कट से सूचनाएं रुक।
    UN: ‘हॉरिफिक वायलेंस।’​

विपक्ष की आवाज

  • रेजा पहलवी: रेफरेंडम।
  • कुर्दिस्तान पार्टियां: स्ट्राइक्स।
  • स्टूडेंट्स: ‘सिस्टम चेंज।’

ग्लोबल रिएक्शन

  • जर्मन चांसलर मर्ज: चिंता।
  • UN: हिंसा एंड।
  • ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स: अकाउंटेबिलिटी।

भारतीय नजरिए से
ईरान में तनाव से ऑयल प्राइस प्रभावित। भारत का ईरान से पुराना रिश्ता। शांति जरूरी।

इन प्रदर्शनों से सबक

  • आर्थिक दर्द राजनीतिक आग बन जाता।
  • दमन से विद्रोह बढ़ता।
  • डिजिटल ब्लैकआउट उल्टा पड़ा।
  • डायलॉग ही रास्ता।

ईरान का ये संकट दुनिया को हिला रहा। क्या खामेनेई का राज टूटेगा? ट्रंप का दखल कितना? शाह की वापसी संभव? इतिहास रच रहा।

5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

  1. ईरान प्रोटेस्ट्स में कितने मरे?
    सरकारी 2000+, HRANA 12,000। ज्यादातर गोलियों से।​
  2. प्रदर्शन क्यों भड़के?
    महंगाई, बेरोजगारी। अब राजनैतिक- शाह वापसी, खामेनेई के खिलाफ।
  3. ट्रंप ने क्या कहा ईरान पर?
    शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला तो स्ट्राइक। ‘Locked and loaded.’
  4. इंटरनेट क्यों कटा?
    प्रोटेस्टर्स को रोकने। ATM, फोन सब बंद।
  5. क्या रेजा पहलवी लौटेंगे?
    लोग नारे लगा रहे। उन्होंने रेफरेंडम मांगा।

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