अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इजरायली पीएम नेटान्याहू से फोन पर बात की। ईरान विरोध, गाजा युद्धविराम और सीरिया सुरक्षा पर चर्चा। इजरायल हाई अलर्ट पर, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी। पूरी डिटेल्स।
इजरायल हाई अलर्ट पर: रूबियो-नेटान्याहू कॉल में ईरान इंटरवेंशन, गाजा और सीरिया पर चर्चा
रूबियो-नेटान्याहू की फोन कॉल: ईरान, गाजा और सीरिया पर अहम चर्चा, इजरायल हाई अलर्ट पर
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेटान्याहू से फोन पर बात की। अमेरिकी अधिकारी ने कॉल की पुष्टि की लेकिन टॉपिक्स का जिक्र नहीं किया। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों ने ईरान के विरोध प्रदर्शनों, गाजा में युद्धविराम की जटिलताओं और सीरिया की स्थिति पर चर्चा की। ये कॉल ऐसे समय हुई जब इजरायल अमेरिका के ईरान में हस्तक्षेप की आशंका से हाई अलर्ट पर है।
ईरान में 28 दिसंबर से भड़के विरोध प्रदर्शनों ने दो हफ्ते पार कर लिए हैं। महंगाई से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब सत्ताधारी धर्मगुरुओं के खिलाफ हो चुके। तेहरान, मशहद समेत कई शहरों में लोग सड़कों पर। मानवाधिकार संगठनों के अनुसार 116 से ज्यादा मौतें हुईं, जिनमें 37 सुरक्षाकर्मी शामिल। 2600 से ज्यादा गिरफ्तारियां। ईरान ने इंटरनेट किल स्विच दबाया, 60 घंटे से ब्लैकआउट। संसद स्पीकर मोहम्मद बागर कलिबाफ ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी- हमला किया तो वे वैध निशाने।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान कभी पहले जैसी आजादी की ओर देख रहा। अमेरिका मदद के लिए तैयार!!!’ शुक्रवार को कहा, ‘ईरान मुश्किल में, लोग शहर कब्जा कर रहे। अगर नरसंहार किया तो जोरदार जवाब देंगे- जमीन पर बूट्स नहीं, लेकिन जहां दर्द हो वहां मारेंगे।’ न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार ट्रंप को ईरान पर स्ट्राइक ऑप्शन दिए गए, फैसला बाकी। जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर प्लांट्स बमबारी की थी, पिछले साल 12 दिन का युद्ध हुआ।
गाजा में अक्टूबर से शुरू फ्रैजाइल सीजफायर पहले फेज पर अटका। दूसरा फेज- बंधकों की रिहाई, हमास-इजरायल के कठिन कदम- पर दोनों एक-दूसरे पर ब्रेक उल्लंघन का आरोप लगा रहे। ट्रंप के पीस प्लान का दूसरा चरण लागू नहीं।
सीरिया में हाल ही अमेरिका ने ISIS ठिकानों पर बड़े हमले किए। 13 दिसंबर 2025 को पाल्मायरा में ISIS अटैक से दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक मारे गए। सीरिया में 2024 में विद्रोहियों ने बशर असद को हटाया, अब पूर्व अल कायदा गुट की सरकार। इस हफ्ते पेरिस में अमेरिका की मध्यस्थता से इजरायल-सीरिया ने सिक्योरिटी और कमर्शियल मुद्दों पर कम्युनिकेशन मैकेनिज्म बनाया।
ट्रंप के जनवरी 2025 में सत्ता संभालने के बाद नेटान्याहू पांच बार अमेरिका गए, ट्रंप ने अक्टूबर में इजरायल का दौरा किया। दोनों के रिश्ते मजबूत। रूबियो को स्टेट सेक्रेटरी बनाया, मिडिल ईस्ट पॉलिसी पर फोकस।
ईरान प्रदर्शनों का बैकग्राउंड
- 28 दिसंबर 2025: महंगाई से विरोध शुरू।
- राजनीतिक मोड़: धर्मगुरुओं के खिलाफ नारे।
- सरकार का आरोप: अमेरिका-इजरायल भड़कावे।
- इंटरनेट ब्लैकआउट: 60+ घंटे।
- मौतें: 116+ (सुरक्षाकर्मी 37)।
- गिरफ्तार: 2600+।
मिडिल ईस्ट हॉटस्पॉट्स: तुलना तालिका
इजरायल की हाई अलर्ट स्थिति
तीन इजरायली सोर्सेज के अनुसार इजरायल US इंटरवेंशन की पूरी तैयारी में। जून 2025 के 12 दिन युद्ध की याद ताजा। सिक्योरिटी कंसल्टेशन चल रहे। प्रैक्टिकल स्टेप्स का खुलासा नहीं।
ट्रंप की ईरान पॉलिसी
- जून 2025: न्यूक्लियर साइट्स बमबारी।
- अब: प्रदर्शनकारियों को सपोर्ट।
- चेतावनी: हिंसा रोको वरना जोरदार हिट।
स्टेट डिपार्टमेंट: ‘ट्रंप से खेलो मत, वो करता वही है जो कहता।’
ईरान का जवाब
संसद में ‘डेथ टू अमेरिका’ नारे। स्पीकर कलिबाफ: US मिलिट्री और इजरायल वैध टारगेट। पुलिस चीफ: मुख्य दंगाइयों को गिरफ्तार किया, सजा मिलेगी।
भारतीय नजरिए से
ये घटनाक्रम भारत के लिए भी अहम। ईरान भारत का तेल सप्लायर, खाड़ी में लाखों भारतीय। US-इजरायल करीबी से मिडिल ईस्ट स्टेबिलिटी प्रभावित। SCO, BRICS में ईरान फैक्टर।
क्या होगा अगला कदम?
ट्रंप फैसला ले चुके होंगे। डिप्लोमेसी या स्ट्राइक? इजरायल तैयार। गाजा, सीरिया पर भी नजर। मिडिल ईस्ट में नया अध्याय शुरू।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- रूबियो-नेटान्याहू कॉल में क्या चर्चा हुई?
ईरान प्रदर्शन, US हस्तक्षेप संभावना, गाजा युद्धविराम और सीरिया सिक्योरिटी। रूटीन चेक-इन बताया गया। - ईरान प्रदर्शनों में कितनी मौतें?
116 से ज्यादा, जिसमें 37 सुरक्षाकर्मी। 2600+ गिरफ्तार। इंटरनेट 60 घंटे ब्लैकआउट। - ट्रंप ने ईरान को क्या चेतावनी दी?
प्रदर्शनकारियों पर हिंसा रोको वरना जोरदार हिट मिलेगी। ‘अमेरिका मदद को तैयार।’ - गाजा सीजफायर की क्या स्थिति?
पहला फेज अटका, दूसरा फेज दूर। दोनों पक्ष उल्लंघन का आरोप लगा रहे। - इजरायल क्यों हाई अलर्ट पर?
US के ईरान हस्तक्षेप की आशंका से। जून 2025 युद्ध की याद।
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