अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने फ्रांस को धमकाया- गाजा पीस बोर्ड जॉइन न किया तो शैंपेन-वाइन पर 200% टैरिफ लगेगा। फ्रांस ने कहा- ये स्वीकार्य नहीं, जवाब देंगे। डावोस में तनाव बढ़ा।
शैंपेन युद्ध: ट्रंप की 200% टैरिफ धमकी से फ्रांस नाराज, यूरोप तैयार जवाबी कार्रवाई के लिए
ट्रंप की शैंपेन पर 200% टैरिफ धमकी: फ्रांस ने दी चेतावनी- ऐसा किया तो मुंहतोड़ जवाब मिलेगा
दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम चल रहा था, लेकिन खबरें ट्रंप की नई धमकी से गर्म हो गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस को साफ कह दिया- अगर गाजा के लिए मेरे ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल नहीं हुए तो फ्रेंच शैंपेन और वाइन पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। फ्रांस के ट्रेड मिनिस्टर निकोलस फॉरिसियर ने ब्लूमबर्ग को इंटरव्यू में कहा, ‘ये बर्दाश्त नहीं। अमेरिका हमारा बड़ा बाजार है, लेकिन हमारे सेक्टर्स को बंधक बनाना गलत है। किया तो जवाब देंगे।’
ट्रंप का ये बयान मंगलवार को मियामी प्रेस कॉन्फ्रेंस में आया। फ्रेंच प्रेसिडेंट एमैन्युएल मैक्रों ने ट्रंप के बनाए ‘पीस बोर्ड’ में शामिल होने से इनकार कर दिया। ये बोर्ड गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष खत्म करने के लिए है, लेकिन चार्टर में दुनिया भर के झगड़े सुलझाने की बात है। 60 देशों को न्योता दिया गया, लंबे समय के लिए जॉइन करने पर 10 अरब डॉलर का फंड ट्रंप चेयरमैन बनाकर चलाएंगे। मैक्रों के करीबी ने कहा, ‘फ्रांस पॉजिटिव जवाब नहीं देगा।’ ट्रंप बोले, ‘वो जल्द ऑफिस से बाहर होंगे। 200% टैरिफ लगाऊंगा तो जॉइन कर लेंगे।’
फ्रांस के लिए अमेरिका शैंपेन का सबसे बड़ा बाजार है। सालाना 750 मिलियन यूरो का कारोबार, कुल एक्सपोर्ट का 20 प्रतिशत। बोर्डो और बुर्गुंडी वाइन का भी वैसा ही हिस्सा, करीब 770 मिलियन यूरो। 200% टैरिफ लगा तो कीमतें दोगुनी से ज्यादा हो जाएंगी। अमेरिकी कंज्यूमर को बोतलें महंगी पड़ेंगी, फ्रेंच प्रोड्यूसर्स को भारी नुकसान। पहले भी 2019 में ट्रंप ने 25% टैरिफ लगाया था डिजिटल टैक्स के जवाब में। फ्रांस पहले ही यूरोप के एंटी-कोर्सियन इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल करने को तैयार था।
फॉरिसियर ने कहा, ‘ट्रंप की ये धमकियां यूरोप को सोचने पर मजबूर कर रही। राष्ट्रीय और यूरोपीय हितों में बैलेंस बनाना मुश्किल, लेकिन सुधार हो रहा।’ यूरोपीय देश चीन के सरप्लस पर भी अलग-अलग राय रखते। ट्रंप ने ग्रीनलैंड खरीदने की कोशिश में भी यूरोप को टैरिफ धमकी दी थी, लेकिन बाद में पीछे हटे। अब ये शैंपेन वाला मुद्दा तनाव बढ़ा रहा। फ्रांस समेत कई देश जवाबी टैरिफ की तैयारी में।
ट्रंप का ट्रेड वॉर स्टाइल पुराना है। पहले टर्म में स्टील, एल्युमिनियम पर टैरिफ लगाए। चीन के साथ ट्रेड वॉर चला। अब दूसरी पारी में फिर वही रंग। बोर्ड ऑफ पीस को यूएन का विकल्प बताया जा रहा। मैक्रों ने कहा, कानून का राज पसंद, ब्रूटलिटी नहीं। ट्रंप ने मैक्रों के प्राइवेट मैसेज शेयर कर तंज कसा। ये सब डावोस से पहले का तूफान था।
फ्रेंच वाइन इंडस्ट्री पर नजर
फ्रांस की वाइन-शैंपेन इंडस्ट्री 130 बिलियन यूरो की है। 5 लाख जॉब्स देती। अमेरिका तीसरा सबसे बड़ा बाजार। 2025 में एक्सपोर्ट 10% गिरा। टैरिफ से छोटे प्रोड्यूसर्स तबाह। बोर्डो के वाइनमेकर्स अलर्ट। शैंपेन हाउस जैसे मोएट एंड शैंडन को झटका।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- ट्रंप ने शैंपेन पर टैरिफ क्यों धमकाया?
मैक्रों ने गाजा पीस बोर्ड जॉइन करने से इनकार किया। ट्रंप बोले, 200% टैरिफ लगाकर मजबूर कर देंगे। - फ्रांस को कितना नुकसान होगा?
शैंपेन का 20% एक्सपोर्ट अमेरिका को, 750 मिलियन यूरो। वाइन भी वैसा ही। टैरिफ से बाजार सिकुड़ेगा। - फ्रांस क्या जवाब देगा?
एंटी-कोर्सियन टूल यूज करेगा। जवाबी टैरिफ। यूरोप के साथ मिलकर। - बोर्ड ऑफ पीस क्या है?
ट्रंप का आइडिया गाजा सीजफायर के लिए। 60 देशों को न्योता। 1 बिलियन डॉलर फंड। - पहले भी ऐसा हुआ?
हां, 2019 में 25% टैरिफ लगाया था ट्रंप ने। अब 200% की धमकी।
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