उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 3,000 करोड़ या अधिक निवेश वाले सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स के लिए इंसेंटिव मंजूर किए। इसमें 10 साल की GST छूट, ब्याज सब्सिडी, बिजली टैरिफ पर ₹2/यूनिट छूट, EPF का 100% रीइंबर्समेंट शामिल। जनवरी 2024 पॉलिसी के तहत US, यूरोप कंपनियों को लुभाने का लक्ष्य।
UP कैबिनेट ने 3,000 करोड़ निवेश वाले सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी, बड़े इंसेंटिव्स का ऐलान
उत्तर प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: 3,000 करोड़ निवेश वाले सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को खास प्रोत्साहन
6 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 13 को मंजूरी मिली। सबसे अहम फैसला 3,000 करोड़ रुपये या अधिक निवेश करने वाली सेमीकंडक्टर कंपनियों के लिए केस-बाय-केस इंसेंटिव देने का था। इसका उद्देश्य हाई-एंड मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जनवरी 2024 में लॉन्च की गई UP सेमीकंडक्टर पॉलिसी के तहत ये लाभ दिए जाएंगे। खन्ना ने कहा, “उद्देश्य ग्लोबल सेमीकंडक्टर प्लेयर्स को आकर्षित करना है। वर्तमान में ये इंडस्ट्री US, यूरोप, जापान और ताइवान पर निर्भर है। UP को पसंदीदा निवेश गंतव्य बनाना है।”
सेमीकंडक्टर इंसेंटिव्स की पूरी लिस्ट
कैबिनेट ने निम्नलिखित लाभ मंजूर किए:
– इंटरेस्ट सब्सिडी
– कर्मचारी लागत रीइंबर्समेंट
– 10 साल तक GST छूट
– 10 साल के लिए बिजली टैरिफ पर अधिकतम 2 रुपये प्रति यूनिट सब्सिडी
– UP आधारित पेशेवरों के लिए EPF योगदान का 100% रीइंबर्समेंट (प्रति माह अधिकतम 2,000 रुपये तक)
– पानी के बिल में छूट
पॉलिसी 2024 के अन्य लाभ: कैपिटल सब्सिडी (GoI सब्सिडी पर 50% अतिरिक्त), 75% लैंड रिबेट (पहले 200 एकड़ पर), स्किलिंग सपोर्ट (60 लाख/वर्ष 5 साल तक)।
उद्योग मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ने कहा, “वर्तमान वित्तीय वर्ष में 21 कंपनियां निवेश शुरू कर चुकी हैं, जो डायरेक्ट-इनडायरेक्ट रोजगार पैदा करेंगी। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए SOPs भी मंजूर।”
वाराणसी में 500 बेड का मल्टी-सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
कैबिनेट ने शिव प्रकाश गुप्ता डिविजनल डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल को ध्वस्त कर 500 बेड वाले मल्टी-सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को मंजूरी दी। लागत 315 करोड़, 4 साल में पूरा। केंद्र 60%, राज्य 40% वहन करेगा।
स्टांप ड्यूटी में राहत: फैमिली प्रॉपर्टी पर कैप 5,000 रुपये
2022 के फैसले का विस्तार: पहले रेसिडेंशियल और एग्रीकल्चरल प्रॉपर्टी पर फैमिली गिफ्ट डीड पर स्टांप ड्यूटी अधिकतम 5,000 रुपये सीमित। अब कमर्शियल प्रॉपर्टी (ग्रामीण-शहरी) पर भी लागू। स्टैंप एंड रेवेन्यू मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया।
अन्य फैसले
– GCCs के लिए SOPs मंजूर।
– PAC कर्मियों के लिए आवास नीति।
– स्पोर्ट्स भर्ती में संशोधन।
| इंसेंटिव | विवरण | अवधि |
|---|---|---|
| बिजली सब्सिडी | 2 रुपये/यूनिट तक | 10 साल |
| GST छूट | पूर्ण | 10 साल |
| EPF रीइंबर्समेंट | 100%, 2,000/माह कैप | – |
| इंटरेस्ट सब्सिडी | केस-टू-केस | – |
| पानी छूट | लागत में कमी | – |
सेमीकंडक्टर हब बनने की राह
UP ने 2024 पॉलिसी से 32,000 करोड़ निवेश आकर्षित किया। तरक सेमीकंडक्टर, वामा सुंदरी जैसे प्रोजेक्ट्स नोएडा एयरपोर्ट के पास।
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