पीएम नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु民 को पोंगल की बधाई दी। तमिल और अंग्रेजी में लिखे पत्र में किसानों को सलाम किया, प्रकृति संतुलन का संदेश दिया। दिल्ली में मनाएंगे त्योहार। BJP का ‘नम्मा ऊरू मोदी पोंगल’ प्रोग्राम।
पीएम मोदी ने तमिलनाडु को लिखा पत्र: पोंगल पर किसानों को सलाम, ग्लोबल फेस्टिवल बना त्योहार
पीएम मोदी का तमिलनाडु के नाम पोंगल संदेश: वनक्कम, समृद्धि और किसानों को सलाम
तमिलनाडु का सबसे बड़ा त्योहार पोंगल आज पूरे जोश से मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के लोगों को खास तमिल शुभकामना ‘वनक्कम’ से पोंगल की बधाई दी। उन्होंने राज्य के लोगों के नाम एक स्पेशल पत्र लिखा, जिसमें तमिल संस्कृति की तारीफ की और किसानों के कठिन परिश्रम को सलाम किया। ये पत्र तमिल और अंग्रेजी दोनों में है, जो दिखाता है कि पीएम कैसे स्थानीय परंपराओं से जुड़ते हैं। पत्र में कहा गया कि पोंगल इंसान की मेहनत और प्रकृति के तालमेल का प्रतीक है।
पीएम मोदी ने पत्र में लिखा, ‘प्रिय नागरिक, वनक्कम! पोंगल के खुशी के मौके पर आपको और आपके परिवार को हार्दिक बधाई। ये त्योहार हमें इंसानी मेहनत और प्रकृति के चक्र के करीबी रिश्ते की याद दिलाता है।’ उन्होंने बताया कि पोंगल खेती, किसानों, ग्रामीण जीवन और काम की गरिमा से जुड़ा है। परिवार एक साथ पारंपरिक व्यंजन बनाते हैं, खुशियां बांटते हैं, जो पीढ़ियों के बंधन मजबूत करता है। पीएम ने कहा कि दुनिया की सबसे पुरानी भाषा तमिल होने पर गर्व है और पोंगल ग्लोबल फेस्टिवल बन चुका है। तमिलनाडु के अलावा भारत के दूसरे हिस्सों और दुनिया भर में तमिल कम्युनिटी इसे धूमधाम से मनाती है। ‘एक बार फिर पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएं। ये त्योहार सबके जीवन में समृद्धि, सफलता और अच्छे स्वास्थ्य लाए।’
आज ही पीएम मोदी दिल्ली में केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के घर पोंगल सांझा मनाने वाले हैं। वहां गायों को चारा खिलाएंगे, पारंपरिक तरीके से त्योहार निभाएंगे। ये आउटरीच तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण है। बीजेपी ने ‘नम्मा ऊरू मोदी पोंगल’ नाम से प्रोग्राम चलाया है, जिसमें कार्यकर्ता लोकल लेवल पर पोंगल मना रहे। केंद्र की वेलफेयर स्कीम्स और पीएम के लीडरशिप को हाइलाइट कर रहे। तमिलनाडु बीजेपी चीफ के. अन्नामलाई ने कहा कि ये सांस्कृतिक कनेक्ट मजबूत करेगा।
पोंगल क्या है और क्यों खास?
पोंगल तमिल संस्कृति का हार्वेस्ट फेस्टिवल है, जो जनवरी के बीच में चार दिनों तक चलता है।
- भोगी पोंगल: पुरानी चीजें जलाना, साफ-सफाई।
- सूर्य पोंगल: सूरज देव को चढ़ावा, चावल की खीर उबालना।
- मत्तू पोंगल: पशुओं की पूजा, बैलों को सजाना।
- कनुम पोंगल: परिवार संग भोज, कोलीत्तु (भेड़ियों का खेल)।
ये त्योहार प्रकृति, सूर्य, खेतिहर मजदूरों, पशुओं और किसानों को धन्यवाद देता है। तमिलनाडु सरकार ने पात्र लाभार्थियों को गिफ्ट हैम्पर दिया- चावल, चीनी, गन्ना। पोंगल का मतलब ‘उबलना’ है, जो समृद्धि का प्रतीक है। खीर का बर्तन तब तक उबालते जब तक ऊपर न आ जाए।
मकर संक्रांति से कनेक्शन
पीएम ने मकर संक्रांति की भी बधाई दी। ये पूरे देश में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है- पोंगल (तमिलनाडु), संक्रांति (उत्तर भारत), बिहू (असम), पौष (महाराष्ट्र)। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश, उत्तरायण का आरंभ। शुभ समय माना जाता है। पीएम ने खुशहाली, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। ‘उत्तरायण का संदेश नई ऊर्जा का है।’
पोंगल के पारंपरिक व्यंजन
- पोंगल खीर: चावल, दाल, गुड़, घी, काजू।
- वेण पोंगल: खट्टी खीर।
- सांभर, रसम, अवियल।
- गन्ना, केला, नारियल भोग में।
ये खाने ग्रामीण जीवन को दर्शाते। परिवार साथ बैठकर खाता, बंधन मजबूत होते।
भारत के हार्वेस्ट फेस्टिवल्स की तुलना
| त्योहार | राज्य/क्षेत्र | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|
| पोंगल | तमिलनाडु | सूर्य-पशु पूजा, खीर उबालना |
| मकर संक्रांति | उत्तर भारत | तिल-गुड़, पतंग उड़ाना |
| बिहू | असम | नृत्य, पशु दौड़ |
| ओणम | केरल | नाव प्रतियोगिता |
| लोहड़ी | पंजाब | आग के इर्द-गिर्द नाचना |
तमिल संस्कृति का ग्लोबल प्रभाव
पीएम ने कहा तमिल दुनिया की सबसे पुरानी भाषा। पोंगल कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, यूके में तमिलों द्वारा मनाया जाता। यूनेस्को ने तमिल को मान्यता दी। संसद में सेंगोल लगाना पीएम का तमिल कनेक्ट। कोयंबटूर विस्फोट के बाद भी पीएम ने तमिलनाडु को सपोर्ट किया।
बीजेपी का साउथ आउटरीच
‘नम्मा ऊरू मोदी पोंगल’ से ग्रासरूट कनेक्ट। केंद्र स्कीम्स जैसे पीएम किसान, उज्ज्वला को लोकल बनाना। तमिलनाडु में डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप। चुनाव से पहले स्ट्रैटजी। अन्नामलाई ने कहा, ‘मोदी जी का संदेश एकता का।’
पोंगल का वैज्ञानिक महत्व
- उत्तरायण: विटामिन डी बढ़ता, सूर्य ऊर्जा।
- फसल कटाई: पोषण समृद्धि।
- पशु पूजा: जैविक खेती प्रोत्साहन।
आयुर्वेद में गन्ना, गुड़ स्वास्थ्यवर्धक।
पोंगल 2026 में खास
- पीएम का पत्र वायरल।
- दिल्ली में मुरुगन हाउस इवेंट।
- तमिलनाडु में गिफ्ट हैम्पर।
- ग्लोबल तमिल डायस्पोरा जश्न।
पोंगल का संदेश आज भी प्रासंगिक। प्रकृति संतुलन, किसान सम्मान, परिवार एकता। पीएम मोदी का आउटरीच दक्षिण भारत को जोड़ता है। तमिलनाडु की मिट्टी समृद्ध, संस्कृति अमर। पोंगल की खीर उबले, समृद्धि आए!
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- पीएम मोदी ने पोंगल पर क्या खास किया?
तमिलनाडु को तमिल-अंग्रेजी पत्र लिखा, वनक्कम से बधाई दी। किसानों को सलाम किया। - पोंगल कब और कैसे मनाया जाता है?
जनवरी 14-17, चार दिन। सूर्य पूजा, पशु सम्मान, खीर उबालना। हार्वेस्ट थैंक्सगिविंग। - पीएम दिल्ली में पोंगल कैसे मनाएंगे?
एल. मुरुगन के घर। गाय चारा खिलाना, पारंपरिक भोज। - पोंगल का दूसरा नाम क्या?
मकर संक्रांति। पूरे भारत में अलग नाम, एक ही उत्सव। - बीजेपी का पोंगल प्रोग्राम क्यों?
‘नम्मा ऊरू मोदी पोंगल’ से सांस्कृतिक-पॉलिटिकल कनेक्ट। स्कीम्स हाइलाइट।
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