वाराणसी के मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास पर AI फर्जी तस्वीरें वायरल। देवताओं की मूर्ति तोड़ने का झूठा दावा। 8 FIR दर्ज, संजय सिंह-पप्पू यादव नामजद। योगी बोले- साजिश नाकाम। पुलिस जांच जारी।
काशी का पुनर्विकास बिगाड़ने की साजिश: सोशल मीडिया पर AI इमेज वायरल, संजय सिंह-पप्पू यादव नामजद
वाराणसी मणिकर्णिका घाट पर फर्जी AI तस्वीरों का हंगामा: 8 FIR दर्ज, योगी ने दी सख्त चेतावनी
काशी के पवित्र मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्य को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक AI जनरेटेड तस्वीरें वायरल हो गईं। इनमें देवताओं की मूर्तियां तोड़ी जा रही दिखाई गईं, जिससे हिंदू भावनाएं आहत होने का दावा किया गया। चौक थाने में 8 अलग-अलग FIR दर्ज हो चुकी हैं। आरोपी X हैंडल्स और 8 लोगों पर Bharatiya Nyaya Sanhita की धाराओं में केस। DCP गौरव बंसल ने कहा कि ये तस्वीरें हकीकत से उलट हैं, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की साजिश।
तमिलनाडु के रहने वाले मनो नामक ठेकेदार ने शिकायत दर्ज की। उनकी कंपनी 15 नवंबर 2025 से घाट पर शवदाह सुविधाएं मजबूत करने और सौंदर्यीकरण का काम कर रही। लेकिन 16 जनवरी की रात X हैंडल ‘अशुतोष पोटनिस’ ने AI इमेज पोस्ट कीं। ये तस्वीरें वायरल हो गईं, हजारों रीपोस्ट-कमेंट्स आए। कांग्रेस ने भी इसे शेयर कर ‘भारतीय संस्कृति मिटाने’ का आरोप लगाया। पुलिस का कहना है ये एंटी-गवर्नमेंट माइंडसेट बनाने की कोशिश थी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी सर्किट हाउस से कहा, ‘काशी में 55,000 करोड़ के प्रोजेक्ट्स हो रहे। कांग्रेस और उसके साथी फर्जी प्रचार से जनता को भ्रमित कर रहे। काशीवासी विकास के साथ हैं।’ उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। योगी ने 2019-21 काशी विश्वनाथ धाम प्रोजेक्ट का जिक्र किया जब भी मूर्तिकारों के वर्कशॉप वेस्ट को तोड़ने की फर्जी खबरें फैलाई गई थीं।
8 FIRs में नामजद
- AAP सांसद संजय सिंह
- कांग्रेस नेता पप्पू यादव
- 6 अन्य X यूजर्स
रीपोस्ट-कमेंट करने वालों पर भी एक्शन। जांच जारी, साइबर सेल अलर्ट।
मणिकर्णिका घाट का महत्व
ये काशी का महाश्मशान है। शिव पुराण में उल्लेख। मांटेकिनी देवी का स्थान। रोज 200 शवदाह। पुनर्विकास में सीढ़ियां मजबूत, लाइटिंग, सीवरेज। कोई मूर्ति हटाई नहीं।
पिछले विवादों की समयरेखा
| तारीख | घटना | एक्शन |
|---|---|---|
| नवंबर 2025 | पुनर्विकास शुरू | ठेकेदार नियुक्त |
| 16 जनवरी 2026 | AI तस्वीरें वायरल | शिकायत दर्ज |
| 17 जनवरी | 8 FIRs चौक थाने | DCP बयान |
| 18 जनवरी | योगी चेतावनी | जांच तेज |
कांग्रेस का स्टैंड
आधिकारिक X हैंडल ने पोस्ट किया- ‘मणिकर्णिका घाट तोड़ना सिर्फ घाट नहीं, भारत की पहचान मिटाना।’ जलियांवाला बाग से तुलना। लेकिन पुलिस ने साफ किया ये भ्रामक।
सोशल मीडिया पर असर
- लाखों व्यूज, हजारों शेयर्स।
- हिंदू संगठनों में रोष।
- विरोध प्रदर्शन की कोशिश विफल।
पुलिस गार्ड बढ़ाया।
कानूनी धाराएं
- BNS 196: धर्म के प्रति वैमनस्य।
- BNS 353: सार्वजनिक शांति भंग।
- IT एक्ट: फर्जी इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड।
सजा 3-7 साल तक।
पुलिस की अपील
DCP बंसल बोले, ‘फर्जी खबरें न फैलाएं। सत्यापित जानकारी शेयर करें।’ साइबर हेल्पलाइन 1930।
काशी विकास के आंकड़े
- विश्वनाथ धाम: 3 लाख पर्यटक रोज।
- घाट क्रूज: 40 लाख यात्री सालाना।
- 55,000 करोड़ निवेश।
ये प्रोजेक्ट्स रोजगार दे रहे।
AI फेक न्यूज का खतरा
2025 में 5000+ केस। धार्मिक स्थलों पर 30%। अयोध्या, मथुरा में भी कोशिशें। जागरूकता जरूरी। फैक्ट चेक करें।
योगी का संदेश
‘विकास से डरने वाले साजिश रचते हैं। काशी आगे बढ़ रही।’
परिणाम
- सोशल सौहार्द बचा।
- पुनर्विकास जारी।
- फर्जी खबरें रुकीं।
लेकिन सतर्कता बरतें।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- मणिकर्णिका घाट पर क्या काम हो रहा?
शवदाह सुविधाएं मजबूत, सौंदर्यीकरण। कोई मूर्ति नहीं हटाई। - 8 FIR क्यों दर्ज हुईं?
AI फर्जी तस्वीरें वायरल, भावनाएं भड़काने की कोशिश। - कौन नामजद हैं?
संजय सिंह, पप्पू यादव समेत 8। - योगी ने क्या कहा?
फर्जी प्रचार साजिश, सख्त कार्रवाई। - आगे क्या होगा?
जांच जारी, दोषियों पर सजा।
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