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पुलिसवाले अब बर्थडे पर घर जा सकेंगे? कर्नाटक DGP का ये फरमान क्या छुपा रहा है?

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Karnataka police leave policy
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कर्नाटक DGP एमए सलीम ने पुलिसकर्मियों को जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर अनिवार्य छुट्टी का आदेश दिया। मनोबल बढ़ाने वाली ये नीति वर्क-लाइफ बैलेंस लाएगी? पूरी डिटेल्स, फायदे-नुकसान और अन्य राज्यों पर असर।

कर्नाटक में पुलिस को स्पेशल लीव: जन्मदिन मनाओ या ड्यूटी? ये आदेश असल में क्या है?

कर्नाटक पुलिस चीफ का नया आदेश: जन्मदिन और सालगिरह पर छुट्टी अनिवार्य!

आजकल पुलिस की जिंदगी कितनी मुश्किल है, ये तो हम सब जानते हैं। दिन-रात ड्यूटी, अपराधियों से जूझना, परिवार से दूर रहना – ये सब तो चलता रहता है। लेकिन कर्नाटक में अब एक नया फरमान आया है जो पुलिसवालों के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। यहां के डीजीपी डॉ. एमए सलीम ने साफ आदेश दिया है कि हर पुलिसकर्मी को अपने जन्मदिन और शादी की सालगिरह पर छुट्टी मिलेगी – वो भी बिना कोई बहाना बनाए। गुरुवार को जारी इस सर्कुलर ने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। क्या ये सिर्फ एक अच्छा इशारा है या पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव? आइए, इसकी पूरी कहानी समझते हैं।

कर्नाटक DGP एमए सलीम कौन हैं और आदेश कैसे आया?

एमए सलीम कर्नाटक पुलिस के टॉप बॉस हैं – डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस। ये आदेश 29 जनवरी 2026 को जारी हुआ, जब उन्होंने सभी यूनिट कमांडर्स को सर्कुलर भेजा। सर्कुलर में साफ लिखा है – अगर कोई अधिकारी या स्टाफ अपना बर्थडे या मैरिज एनिवर्सरी पर लीव मांगे, तो उसे ‘without fail’ यानी बिना असफल हुए देना है। ये कोई सुझाव नहीं, बल्कि सख्त निर्देश है। सलीम साहब ने कहा कि पुलिस वाले कठिन हालात में काम करते हैं – जनता की सुरक्षा के लिए। ऐसे में उनके पर्सनल मोमेंट्स को इग्नोर नहीं किया जा सकता।

सर्कुलर में लिखा है कि जन्मदिन-एनिवर्सरी जैसे मौके मनाने से पुलिस वाले इमोशनली रिचार्ज होते हैं। परिवार के साथ टाइम स्पेंड करते हैं, वर्क-लाइफ बैलेंस बनता है। इससे स्ट्रेस कम होता है, जॉब सैटिस्फैक्शन बढ़ता है और प्रोडक्टिविटी भी सुधरती है। सलीम का मानना है कि ये ‘ह्यूमैनिटेरियन’ स्टेप पुलिस की लॉयल्टी और डिसिप्लिन को मजबूत करेगा। सोशल मीडिया पर तो ये खबर वायरल हो गई – लोग कह रहे हैं, अच्छा कदम है।

पुलिस की जिंदगी: क्यों जरूरी है ऐसी छुट्टियां?

पुलिस बनना आसान नहीं। भारत में करीब 20 लाख पुलिसकर्मी हैं, लेकिन पॉपुलेशन के हिसाब से कमी बहुत है – WHO के मुताबिक, आदर्श रेशियो 222 पुलिस प्रति लाख लोग होना चाहिए, लेकिन भारत में सिर्फ 144 हैं। कर्नाटक में भी यही हाल – बेंगलुरु जैसे शहर में क्राइम रेट 2025 में 12% बढ़ा। पुलिस वाले 12-16 घंटे शिफ्ट करते हैं, वीकेंड्स पर भी ड्यूटी। बर्थडे पर केक काटने का टाइम नहीं मिलता, सालगिरह पर फैमिली के साथ डिनर का सपना अधूरा रह जाता।

एक सर्वे के मुताबिक (2024 ICMR रिपोर्ट), 65% पुलिसकर्मी डिप्रेशन या स्ट्रेस से जूझते हैं। सुसाइड रेट भी हाई – 2025 में 80 पुलिस सुसाइड्स रिकॉर्ड हुए। ऐसे में छोटी-छोटी खुशियां जरूरी हैं। कर्नाटक का ये स्टेप वेलफेयर पर फोकस करता है। सलीम ने सर्कुलर में लिखा – ये उनके बलिदानों को मान्यता देता है।

अन्य राज्यों में पुलिस लीव पॉलिसी कैसी? तुलना

भारत में लीव रूल्स सेंट्रल और स्टेट लेवल पर हैं। केंद्रीय पुलिस (CRPF, BSF) को 30 दिन अर्न्ड लीव, 20 हाफ-पे लीव सालाना मिलती है। कैजुअल लीव 8-12 दिन। लेकिन पर्सनल मिलेस्टोन्स पर स्पेशल लीव? कहीं नहीं।

  • महाराष्ट्र: 2025 में 10 कैजुअल लीव, लेकिन बर्थडे पर डिस्क्रेशनरी। पुणे जैसे शहरों में पुलिस स्ट्रेस हाई।
  • उत्तर प्रदेश: 15 कैजुअल, लेकिन एनिवर्सरी पर रेयरली मिलती।
  • दिल्ली पुलिस: 8 कैजुअल, फैमिली वेलफेयर स्कीम्स हैं लेकिन मैंडेटरी नहीं।
  • तमिलनाडु: 2024 में वेलफेयर बोर्ड ने फैमिली डे इंट्रोड्यूस किया, लेकिन बर्थडे स्पेसिफिक नहीं।

कर्नाटक पहला राज्य लगता है जहां ये मैंडेटरी है। पुडुचेरी पुलिस मैनुअल में कैजुअल लीव 9 दिन तक, लेकिन स्पेशल नहीं। ये पॉलिसी अन्य राज्यों के लिए मिसाल बन सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

इस नीति से पुलिस का मनोबल कैसे बढ़ेगा?
इमोशनल रिचार्ज, फैमिली टाइम से स्ट्रेस कम, प्रोडक्टिविटी अप। सर्कुलर में साफ लिखा।

कर्नाटक पुलिस को जन्मदिन पर छुट्टी कब से मिलेगी?
ये आदेश 29 जनवरी 2026 से लागू है। सर्कुलर सभी यूनिट्स को भेजा गया, तुरंत फॉलो करें।

क्या ये छुट्टी सिर्फ अफसरों को मिलेगी या सबको?
सभी पुलिसकर्मियों को – अफसर, कांस्टेबल, स्टाफ। अनुरोध पर बिना फेल दें।

अगर ड्यूटी इमरजेंसी में हो तो क्या होगा?
सर्कुलर में इमरजेंसी का जिक्र नहीं, लेकिन मैनेजमेंट लोकल लेवल पर। प्रायोरिटी सेफ्टी।

अन्य राज्यों में ऐसी पॉलिसी है?
नहीं, कर्नाटक पहला। लेकिन महाराष्ट्र, UP सोच सकते हैं।

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