GERD यानी एसिड रिफ्लक्स में सीने की जलन, खट्टी डकार और गले की जलन सामान्य हैं। जानें किन कारणों से GERD बढ़ता है और कौन-से कदम इसे रोकने में मदद करते हैं।
गैस्ट्रो-ओसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) क्या है?
GERD एक सामान्य लेकिन गंभीर पाचन समस्या है, जिसमें पेट का अम्ल बार-बार अन्न-नली (फूड पाइप) की ओर वापस आ जाता है। सामान्य स्थिति में पेट और अन्न-नली के बीच एक वाल्व होता है जो अम्ल को ऊपर आने से रोकता है, लेकिन जब यह कमजोर पड़ जाता है, तो एसिड रिफ्लक्स होने लगता है।
यह केवल खट्टी डकार या जलन नहीं — बल्कि जीवन-शैली, खान-पान और पाचन तंत्र से जुड़ी एक दीर्घकालिक समस्या है।
GERD के प्रमुख लक्षण
अगर निम्नलिखित लक्षण बार-बार महसूस हों, तो GERD होने की संभावना अधिक है—
- सीने में जलन, जो खाने के बाद या रात में बढ़ सकती है
- खट्टी या कड़वी डकारें
- गले में जलन, खराश या कसाव
- भोजन निगलने में कठिनाई
- पेट फूलना, भारीपन या जलन
- रात में खांसी, आवाज बैठना या गले में कफ
- खट्टापन मुंह तक आना
- नींद में बाधा
सोते समय या खाना खाने के तुरंत बाद ये लक्षण अधिक दिखाई देते हैं।
GERD को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण
कई कारक GERD को शुरू करते हैं और धीरे-धीरे इसे और भी खराब कर देते हैं:
1. गलत खान-पान की आदतें
- बहुत तला-भुना, मसालेदार, ऑयली और भारी खाना
- चॉकलेट, कॉफी, सोडा, कोल्ड-ड्रिंक, फास्ट-फूड
- खट्टे या अम्लीय खाद्य पदार्थ
- ओवरईटिंग यानी एक बार में बहुत ज्यादा खाना
2. खाना खाने के तुरंत बाद लेट जाना
खाने के बाद शरीर को भोजन को पचाने के लिए समय चाहिए, लेटने से अम्ल ऊपर आ सकता है।
3. मोटापा या पेट पर दबाव
अतिरिक्त वजन पेट के अंदर दबाव बढ़ाता है जिससे अम्ल आसानी से ऊपर लौटता है।
4. धूम्रपान और शराब
ये दोनों पाचन तंत्र को कमजोर करते हैं और निचले इसोफेगल वाल्व को ढीला कर देते हैं।
5. तनाव और अनियमित जीवनशैली
तनाव से शरीर में हार्मोनल परिवर्तन होते हैं जो पाचन को प्रभावित करते हैं।
6. देर रात भारी भोजन
सोने से ठीक पहले भारी खाना रिफ्लक्स का बड़ा कारण है।
7. गर्भावस्था
गर्भावस्था में बढ़ा हुआ दबाव और हार्मोनल बदलाव GERD बढ़ा सकते हैं।
8. कुछ चिकित्सकीय स्थितियाँ
जैसे हायटल हर्निया, पाचन संबंधी रोग या कमजोर पाचन तंत्र।
GERD को रोकने और राहत पाने के असरदार उपाय
1. छोटे, हल्के और संतुलित भोजन लें
दिन में 3 बड़े भोजन के बजाय 4–5 छोटे भोजन लें। इससे पेट पर दबाव कम रहता है।
2. भोजन के बाद कम से कम 2–3 घंटे तक न लेटें
खाना पचने के लिए समय दें। इससे एसिड ऊपर नहीं आएगा।
3. सोते समय तकिए की ऊँचाई बढ़ाएँ
सिर, कंधे और ऊपरी शरीर को थोड़ा ऊपर रखें ताकि अम्ल नीचे ही रहे।
4. तैलीय, मसालेदार और खट्टे खाद्य पदार्थ कम करें
भारी और तैलीय खाना सीधे रिफ्लक्स को बढ़ाता है।
5. धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएँ
ये दोनों पेट के अम्ल को बढ़ाते हैं और वाल्व को कमजोर करते हैं।
6. वजन नियंत्रित रखें
थोड़ा वजन कम करने से भी GERD के लक्षण बहुत कम हो सकते हैं।
7. दिनभर पर्याप्त पानी पिएँ
गुनगुना पानी पाचन को बेहतर करता है और अम्लता घटाता है।
8. तनाव कम करें
योग, ध्यान, हल्का व्यायाम, और पर्याप्त नींद से पाचन मजबूत होता है।
9. रात का खाना हल्का रखें
बहुत देर रात तक खाना या भारी भोजन रिफ्लक्स को बढ़ाता है।
GERD को अनदेखा करने के नुकसान
अगर लंबे समय तक यह समस्या बनी रहे, तो—
- अन्न-नली में सूजन
- वहाँ की परत को नुकसान
- निगलने में समस्या
- लंबे समय तक खांसी या गले की तकलीफ
- आवाज बैठना
- एसिड से गले का संक्रमण
जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं। इसलिए समय रहते उपचार ज़रूरी है।
डॉक्टर से कब सलाह लें?
- सीने की जलन बहुत तीव्र हो
- खट्टी डकार बार-बार आ रही हो
- निगलने में कठिनाई हो
- वजन तेजी से घट रहा हो
- गले में लगातार दर्द या खांसी बनी हो
- दवाइयों से राहत न मिल रही हो
FAQs
1. क्या GERD हमेशा खट्टी डकार के साथ ही होता है?
ज़रूरी नहीं। कभी-कभी यह गले की जलन, आवाज बैठने या खांसी के रूप में भी दिख सकता है।
2. क्या दूध पीने से GERD में राहत मिलती है?
कुछ लोगों को राहत मिलती है, लेकिन कुछ में अम्लता बढ़ भी सकती है। इसका प्रभाव व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग होता है।
3. क्या GERD सिर्फ खराब खान-पान से होता है?
नहीं। तनाव, वजन, सोने की आदतें और शारीरिक बदलाव भी GERD को बढ़ाते हैं।
4. क्या हर रोज़ एंटासिड लेना सुरक्षित है?
लंबे समय तक स्वयं एंटासिड लेना उचित नहीं। डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
5. क्या व्यायाम GERD को कम कर सकता है?
हल्का व्यायाम मदद करता है, लेकिन भोजन के तुरंत बाद कड़ा व्यायाम नहीं करना चाहिए।
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