पाकिस्तान ने बताया कि US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के मैप में PoK और अक्साई चिन को भारत का दिखाने पर उन्होंने अमेरिका से शिकायत की, मैप को ‘अवैध’ बताया और हटाने पर संतुष्टि जताई।
PoK पर भारत के पक्ष में US मैप? पाकिस्तान ने क्यों दबाव डाला और मैप क्यों गायब हुआ
पाकिस्तान ने US मैप विवाद पर किया बड़ा खुलासा: हमने ही अमेरिका को फोन किया
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के आधिकारिक X अकाउंट पर भारत का मैप पोस्ट होने के तुरंत बाद उन्होंने वाशिंगटन से संपर्क किया था। यह मैप भारत-US ट्रेड डील की घोषणा के साथ शेयर हुआ था, जिसमें पूरा जम्मू-कश्मीर (PoK समेत) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था। पाकिस्तान के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों को बताया कि यह मैप ‘अवैध’ है क्योंकि UN मान्यता प्राप्त मैप में J&K विवादित क्षेत्र है। चार दिन बाद मैप हट गया, जिस पर पाकिस्तान ने ‘संतुष्टि’ जताई। उन्होंने कहा कि UN वेबसाइट पर असली मैप देखें, जहाँ पाकिस्तान और भारत के इलाके अलग-अलग दिखते हैं।
US मैप में क्या था खास जो पाकिस्तान को चुभ गया?
USTR का मैप पिछले हफ्ते पोस्ट हुआ था, जो भारत-US के अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट फ्रेमवर्क के साथ आया। इसमें जम्मू-कश्मीर का पूरा इलाका भारत का था, जिसमें PoK और अक्साई चिन भी शामिल थे। अमेरिका की पुरानी पॉलिसी में PoK को अलग लाइन या डोटेड बॉर्डर से दिखाया जाता था, ताकि पाकिस्तान के दावे का सम्मान हो। लेकिन इस बार मैप भारत के आधिकारिक स्टैंड से मैच कर रहा था, जो न्यू दिल्ली का लंबे समय से दावा रहा है। पाकिस्तान ने इसे ‘कार्टोग्राफिक एग्रेशन’ जैसा बताया और तुरंत डैमेज कंट्रोल में लग गया।
पाकिस्तान की शिकायत और US का ‘सुधार’
अंद्राबी ने ब्रीफिंग में कहा कि कुछ हैंडल्स पर मैप आया तो हमने US अथॉरिटीज़ से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने महसूस किया कि मैप गलत था और UN जैसे लीगल मैप दिखाने के लिए सुधार किया। पोस्ट बिना किसी स्पष्टीकरण के डिलीट हो गया, लेकिन पाकिस्तान इसे अपनी कूटनीतिक जीत बता रहा है। प्रवक्ता ने जोर दिया कि J&K पर UN रेज़ॉल्यूशन के तहत plebiscite होना चाहिए, इसलिए पूरा इलाका भारत का नहीं दिखाया जा सकता। US ने कोई ऑफिशियल कमेंट नहीं किया।
भारत का स्टैंड: J&K हमेशा हमारा अभिन्न अंग
भारत सरकार ने हमेशा कहा है कि जम्मू-कश्मीर का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। MEA ने विदेशी मैप्स में गलत डिपिक्शन पर बार-बार आपत्ति जताई है, खासकर J&K और अरुणाचल प्रदेश पर। इस मैप को भारत ने स्वागत किया होगा क्योंकि यह उसके टेरिटोरियल इंटीग्रिटी को मान्यता देता था। अक्साई चिन पर भी भारत का दावा हिस्टोरिकल है, भले ही चीन कंट्रोल करता हो। MEA ने ऐसे मामलों में कहा कि हमें बाहरी मान्यता की जरूरत नहीं।
ट्रेड डील के बीच मैप विवाद क्यों उछला?
मैप भारत-US ट्रेड फ्रेमवर्क के साथ आया, जिसमें टैरिफ कट्स और इकॉनोमिक कोऑपरेशन की बात थी। भारत के सामान पर US टैरिफ 50% से घटकर 18% हो गया, जो एशिया में सबसे कम है। कुछ विश्लेषकों ने इसे स्ट्रेटेजिक शिफ्ट बताया, लेकिन पाकिस्तान ने इसे ‘गलती’ बता हटवाया। US ने डिलीट करके कंट्रोवर्सी खत्म कर दी। भारत-US टाईज़ मजबूत हो रही हैं, जिसमें ट्रेड के अलावा सिक्योरिटी भी शामिल।
पाकिस्तान के लिए यह क्यों ‘एम्बैरसिंग’ था?
पाकिस्तान के लिए PoK पर भारत के पक्ष में कोई भी इंटरनेशनल मैप ‘लीगल सैंक्शन’ को चुनौती देता है। वो UN रेज़ॉल्यूशन का हवाला देकर plebiscite की बात करते हैं। US जैसा बड़ा देश ऐसा मैप पोस्ट करे तो पाकिस्तान की कश्मीर नरेटिव कमजोर पड़ती है। इसलिए तुरंत संपर्क कर मैप हटवाया। पाक मीडिया में इसे डैमेज कंट्रोल की कहानी बताया गया।
अक्साई चिन का एंगल: चीन को भी चुभा होगा?
मैप में अक्साई चिन को भी भारत का दिखाया गया, जो लद्दाख का हिस्सा है। चीन इसे अपना दावा करता है और भारत के साथ बॉर्डर विवाद में शामिल है। US का ऐसा मैप पोस्ट करना क्वाड और इंडो-पैसिफिक स्ट्रेटजी का हिस्सा लग सकता था। पाकिस्तान ने मुख्य फोकस PoK पर रखा लेकिन यह भी उनके लिए असहज था। US ने डिलीट कर दोनों पक्षों को खुश किया।
अंतरराष्ट्रीय मैप्स में बॉर्डर विवाद कैसे दिखाए जाते हैं?
अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे UN मैप्स में विवादित इलाकों को डोटेड लाइन या डिस्क्लेमर से दिखाते हैं। US पहले PoK को अलग रखता था पाकिस्तान के दावे का सम्मान करते हुए। लेकिन इस बार भारत स्टैंड अपनाया। भारत ने कई बार विदेशी मैप्स पर प्रोटेस्ट किया है। ऐसे विवाद कूटनीति में छोटे लगते हैं लेकिन सिग्नल देते हैं।
इस घटना से क्या सबक मिलता है?
यह मामला दिखाता है कि डिजिटल मीडिया पर मैप शेयर करना कितना संवेदनशील है। ट्रेड डील जैसे पॉजिटिव न्यूज़ में भी टेरिटरी इश्यू उछल सकता है। पाकिस्तान ने तुरंत रिएक्ट कर अपनी पोजीशन बचाई। भारत-US रिश्तों में यह एक छोटी जीत जैसा था। आगे ऐसे मामलों में सावधानी बरतनी होगी।
FAQs (Hindi)
- प्रश्न: US मैप में क्या दिखाया गया था जो पाकिस्तान को पसंद नहीं आया?
उत्तर: मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर (PoK समेत) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया था, जो पाकिस्तान के दावे के खिलाफ था। - प्रश्न: पाकिस्तान ने क्या किया मैप देखकर?
उत्तर: उन्होंने तुरंत US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस से संपर्क किया और मैप को ‘अवैध’ बताकर हटाने की मांग की। - प्रश्न: मैप कब और किस पोस्ट के साथ आया?
उत्तर: पिछले हफ्ते भारत-US ट्रेड डील फ्रेमवर्क की घोषणा के साथ USTR के X अकाउंट पर पोस्ट हुआ। - प्रश्न: पाकिस्तान ने मैप हटने पर क्या कहा?
उत्तर: उन्होंने संतुष्टि जताई कि US ने UN मान्यता प्राप्त मैप दिखाने के लिए सुधार किया। - प्रश्न: भारत का PoK पर स्टैंड क्या है?
उत्तर: भारत कहता है कि जम्मू-कश्मीर का पूरा इलाका हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा।
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