सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X 13 जनवरी 2026 को दुनिया भर में डाउन हो गया। अमेरिका में 28,000+, भारत में 2,000+ शिकायतें। टाइमलाइन लोड नहीं, पोस्टिंग फेल। एलन मस्क की ओपन सोर्स एल्गो अनाउंसमेंट के बाद आउटेज। पूरी जानकारी।
X आउटेज का ब्लैकआउट: भारत से अमेरिका तक हजारों फंसे, Downdetector पर हंगामा!
X प्लेटफॉर्म दुनिया भर में डाउन: हजारों यूजर्स फंसे, एलन मस्क की क्या सफाई?
13 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X यानी पहले का ट्विटर अचानक ठप हो गया। सुबह से शाम तक लाखों यूजर्स परेशान रहे। अमेरिका में 28,300 से ज्यादा शिकायतें रिकॉर्ड हुईं, ब्रिटेन में 7,000 और कनाडा में 2,700। भारत में भी 2,000 से ऊपर लोग Downdetector पर गुस्सा जाहिर कर रहे थे। मोबाइल ऐप खुल ही नहीं रहा था, टाइमलाइन खाली, पोस्टिंग रुक गई, डायरेक्ट मैसेज फेल। ये आउटेज कुछ घंटों चली, फिर धीरे-धीरे ठीक हुई।
Downdetector डेटा से साफ था कि समस्या गंभीर है। अमेरिका में 9:19 AM ET तक 22,900+ रिपोर्ट्स। यूके में उसी वक्त 7,000+। भारत में शाम 8:30 बजे IST तक 2,000 शिकायतें। ज्यादातर यूजर्स (59%) ऐप की दिक्कत बता रहे थे, 33% वेबसाइट और 8% सर्वर कनेक्शन। ये यूजर सबमिटेड डेटा है, तो असल प्रभाव ज्यादा हो सकता है। X ने तुरंत कोई स्टेटमेंट नहीं दिया। रॉयटर्स को कमेंट का जवाब नहीं मिला। लेकिन कुछ घंटों बाद सर्विस रिकवर हुई।
ये आउटेज एलन मस्क के 10 जनवरी वाले ऐलान से ठीक दो दिन बाद आई। मस्क ने कहा था कि X का न्यूज फीड और एडवरटाइजिंग एल्गोरिदम ओपन सोर्स कर देंगे। हर 4 हफ्ते अपडेट के साथ डेवलपर नोट्स। ‘हम नया X एल्गोरिदम कोड ओपन करेंगे ताकि यूजर्स समझ सकें पोस्ट कैसे रेकमेंड होते हैं।’ ये ट्रांसपेरेंसी कदम था। लेकिन क्या एल्गो चेंजेस ने ही गड़बड़ कर दी? या क्लाउडफ्लेयर जैसी सर्विसेज का इश्यू? इंडस्ट्री रिपोर्ट्स में क्लाउड प्रोवाइडर्स की अस्थिरता का जिक्र है।
X के लिए ये कोई पहली बार नहीं। 2025 में भी कई बार डाउन हुई। क्लाउडफ्लेयर आउटेज ने X सहित इंटरनेट का हिस्सा ठप किया था। ईरान जैसे देशों में प्रोटेस्ट के दौरान स्टारलिंक टारगेट हुआ। X जैसी प्लेटफॉर्म्स सूचना फैलाने में अहम हैं। बिजनेस, न्यूज, पर्सनल चैट सब रुक गए। यूजर्स मीम्स बनाकर दूसरी साइट्स पर हंसे- ‘फाइनली X से ब्रेक मिला।’ लेकिन ट्रेडर्स, जर्नलिस्ट्स पर असर पड़ा।
भारत में X का यूज तेजी से बढ़ा है। न्यूज, पॉलिटिक्स, क्रिकेट सब पर डिबेट। आउटेज से #XDown ट्रेंड हुआ। हैदराबाद, मुंबई, दिल्ली यूजर्स सबसे ज्यादा शिकायत करने वाले। डेक्कन क्रॉनिकल ने बताया इवनिंग IST में 500-सीरीज एरर, ब्लैंक फीड्स। सर्विस इंटरमिटेंट रही। X इंजीनियर्स ने ‘अनऑसुअल ट्रैफिक स्पाइक्स’ माने।
X आउटेज के प्रमुख प्रभाव
- टाइमलाइन लोडिंग फेल: होम पेज खाली।
- पोस्टिंग इश्यू: ट्वीट नहीं जा रहे।
- DM क्रैश: मैसेज सेंड नहीं।
- मोबाइल ऐप सबसे प्रभावित (59%)।
- बिजनेस लॉस: एड्स, प्रमोशन रुके।
देशवार Downdetector रिपोर्ट्स (पीक टाइम)
| देश | शिकायतें | समय (लगभग) |
|---|---|---|
| अमेरिका | 28,300+ | 9 AM ET |
| ब्रिटेन | 7,000+ | 9:20 AM ET |
| कनाडा | 2,700+ | 9:20 AM ET |
| भारत | 2,000+ | 8:30 PM IST |
एलन मस्क का X सफर
- 2022: ट्विटर खरीदा, X रीब्रैंड।
- 2025: ग्रोक AI इंटीग्रेशन।
- जनवरी 2026: एल्गो ओपन सोर्स प्लान।
- बार-बार आउटेज: इंफ्रास्ट्रक्चर चैलेंज।
मस्क कहते हैं सब ठीक, लेकिन यूजर्स नाराज।
क्या कारण हो सकते?
- एल्गोरिदम अपडेट बग।
- क्लाउडफ्लेयर ट्रैफिक स्पाइक।
- DDoS अटैक संभावना।
- हाई यूजर वॉल्यूम।
X ने कन्फर्म नहीं किया।
पिछले X आउटेज
- नवंबर 2025: क्लाउडफ्लेयर से इंटरनेट ब्लिप।
- 2024: API चेंजेस से क्रैश।
- 2023: रेट लिमिट्स के बाद हंगामा।
हर बार रिकवरी घंटों लगी।
भारतीय यूजर्स के लिए टिप्स
- VPN ट्राय करें।
- वेब वर्जन यूज करें।
- डाउनटाइम में इंस्टा, ब्लूस्काई शिफ्ट।
- स्टेटस चेक Downdetector पर।
आउटेज से सबक
- सिंगल प्लेटफॉर्म डिपेंडेंसी खतरा।
- बैकअप चैनल रखें।
- ट्रांसपेरेंसी अच्छी, लेकिन स्टेबिलिटी पहले।
X जैसी साइट्स न्यूज इकोसिस्टम का हिस्सा।
X आउटेज ने एक बार फिर सोशल मीडिया की भंगिमा दिखाई। एलन मस्क का एम्पायर मजबूत, लेकिन ग्लिचेस से जूझ रहा। ओपन सोर्स एल्गो सराहनीय, पर पहले सर्विस स्टेबल हो। यूजर्स को तुरंत अपडेट चाहिए। दुनिया डिजिटल हो गई, एक घंटे का डाउन भी करोड़ों का नुकसान।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- X कब डाउन हुई थी?
13 जनवरी 2026 को, सुबह ET से शुरू। भारत में शाम IST। कुछ घंटे चली। - कितने यूजर्स प्रभावित हुए?
Downdetector पर US 28K+, UK 7K+, भारत 2K+। असल ज्यादा। - मुख्य समस्या क्या थी?
ऐप क्रैश (59%), टाइमलाइन खाली, पोस्ट/DM फेल। - X ने क्या कहा आउटेज पर?
कोई ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं। रिकवरी हुई। - भविष्य में कैसे बचें?
Downdetector चेक करें, अल्टरनेटिव ऐप्स रखें।
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