बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पदभार ग्रहण कर मोदी जी की सेवा को सलाम किया। गुजरात मुलाकात याद की, राष्ट्रवाद का संकल्प लिया। आगामी चुनाव पर फोकस। युवा नेता की पूरी कहानी।
नितिन नबीन का संकल्प: मोदी जी की तरह राष्ट्र सेवा करेंगे, आगामी चुनाव जीत लाएंगे!
नितिन नबीन बने बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष: मोदी जी की सेवा से प्रेरणा, पहला भाषण सुनाया दिल छू लिया
बीजेपी मुख्यालय में मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे एक ऐतिहासिक पल आया। 45 साल के नितिन नबीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान संभाली। वो पार्टी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं, 12वें नंबर पर। कार्यकर्ताओं के ठहाकों और नारों के बीच उन्होंने पहला भाषण दिया। सबसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा, उनकी देशसेवा को सलाम किया। कार्यक्रम में पीएम मोदी, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, जयशंकर, गडकरी जैसे दिग्गज मौजूद थे।
नितिन नबीन ने कहा, ‘सबसे पहले आप सबको दिल से धन्यवाद। आपने एक साधारण कार्यकर्ता को पार्टी का ये सबसे ऊंचा पद दिया, इसके लिए नमन।’ फिर पीएम की तरफ मुड़कर बोले, ‘प्रधानमंत्री जी, हम कार्यकर्ता दूर से देखते रहे कि आप लगातार देश सेवा कर रहे। गुजरात के आनंद में सद्भावना मिशन के दौरान पहली मुलाकात हुई। आप हर व्यक्ति को ध्यान से सुन रहे थे। ग्रीन रूम में भावुक होकर बताया कि इतने लोग क्यों आए। उस दिन समझा कि व्यक्ति तभी महान बनता है जब जनभावनाओं से जुड़ता है।’
उन्होंने साफ कहा, ‘ये सिर्फ पद नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा, परंपराओं और जिम्मेदारी है। 140 करोड़ भारतीय विकसित भारत के सपने से जुड़कर देश को आगे ले जा रहे। इसके लिए पीएम को धन्यवाद।’ नारे गूंजे- नितिन नबीन जी आगे बढ़ो। कार्यक्रम से पहले झंडेवalan मंदिर और हनुमान मंदिर में दर्शन किए। कई मुख्यमंत्रियों और सीनियर लीडर्स पहुंचे। पीएम ने खुद सम्मानित किया।
चुनावी बिगुल बजा दिया। नितिन ने तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, पुदुच्चेरी चुनावों का जिक्र किया। बोले, ‘जनसांख्यिकीय बदलाव की चुनौतियां हैं। रामसेतु के अस्तित्व को नकारने वालों, कार्तिगई दीपम का विरोध करने वालों को राजनीति में जगह नहीं। मेहनत से जीतेंगे।’ आर्टिकल 370 हटाने का जिक्र किया- कश्मीर बदला, तिरंगा हर कोने में लहरा रहा। नेशन फर्स्ट, पार्टी नेक्स्ट, सेल्फ लास्ट का मंत्र दोहराया।
नितिन नबीन कौन हैं? बिहार के भागलपुर से। पिता विजय नबीन पूर्व सांसद। लेकिन वो खुद को साधारण कार्यकर्ता बताते। मिलेनियल जनरेशन से, बदलते भारत को देखा। राष्ट्रीय महासचिव रहे, वर्किंग प्रेसिडेंट। पार्टी के 36 में 30 राज्य अध्यक्ष चुने गए, 50% थ्रेशोल्ड पार। 16 जनवरी को शेड्यूल, सोमवार नामांकन खत्म। जेपी नड्डा ने विदाई ली। नितिन को सभी सीनियर्स ने समर्थन दिया- शाह, सिंह, गडकरी, प्रधान।
बीजेपी का सफर गौरवशाली। 1980 में अटल-अडवाणी से शुरू। अब नितिन के कंधों पर। चुनौतियां बड़ीं- असम बचाना, बंगाल-तमिल में सेंध। जनसांख्यिकी पर फोकस, राष्ट्रवाद। विपक्ष आलोचना कर रहा- डायनेस्टी कह रहे। लेकिन नितिन ने कहा राजनीति जिम्मेदारी है, विलास नहीं। परिवार-डायनेस्टी से ऊपर उठकर आए।
मोदी जी के योगदान की लिस्ट लंबी। राम मंदिर, 370, ट्रिपल तलाक खत्म, सबका साथ सबका विकास। नितिन ने कहा कार्यकर्ता इसे जमीन पर उतार रहे। नया भारत बनाने का सपना। युवा लीडर के रूप में नितिन उम्मीद जगाते। राजनीति में नई ऊर्जा।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- नितिन नबीन बीजेपी के कितने नंबर अध्यक्ष हैं?
12वें। सबसे युवा 45 साल के। जेपी नड्डा के बाद। - नितिन ने पीएम मोदी की क्या तारीफ की?
देश सेवा निरंतर देखी। गुजरात मुलाकात में जनभावनाओं से जुड़ना सीखा। - पहले भाषण में चुनाव का जिक्र क्यों?
तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल, पुदुच्चेरी फोकस। जनसांख्यिकीय बदलाव पर चिंता। - नितिन नबीन का बैकग्राउंड?
बिहार भागलपुर। पिता पूर्व सांसद। राष्ट्रीय महासचिव से वर्किंग प्रेसिडेंट। - कार्यक्रम में कौन-कौन आए?
पीएम मोदी, नड्डा, राजनाथ, जयशंकर, गडकरी समेत सीनियर्स।
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