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करंट लगने से एक 20 साल के युवक की मौत

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अलीगढ़ (यूपी) । विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण करंट लगने से एक 20 साल के युवक की मौत हो गई। मृतक युवक का नाम उमर बताया जा रहा हैं।उनके पिता नूर हसन हैं।युवक अपने रिश्तेदार की दुकान पर फास्ट फ्रूट का काम करता था।मिली जानकारी के अनुसार युवक दुकान का बैनर लगाने के लिए छत पर चढ़ा था। जहां पर करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।इस घटना से विद्युत विभाग की घोर लापरवाही सामने आई। शिकायत के बाद भी निस्तारण नहीं हुआ।
चूंकि,विद्युत विभाग का लट्ठा झुका होने के कारण तार छत पर आ रह था और तार मौत का कारण बना।
घटना के तुरंत बाद मौके पर ही काफी भीड़ एकत्रित हो गई। कांग्रेस नेता युनुस आगा भी मौके पर पहुंचे।उन्होंने बताया कि यह विद्युत विभाग की घोर लापरवाही नतीजा हैं।जिसके कारण आज एक युवक की जान चली गई।
घटना होने के बाद स्थानीय पुलिस और बिजली विभाग को सूचना दी गई।लेकिन,विद्युत विभाग का कोई भी अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।घटना चिलकौरा रोड निशात बाग थाना क्वार्सी क्षेत्र चिलकोरा मेंन रोड की हैं। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हैं। मौके पर काफी भीड़ इकट्ठी हो गई एवं लोगों में विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश हैं।

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Written by
Yudhishthir Mahato

युधिष्ठिर महतो | पत्रकार एवं लेखक युधिष्ठिर महतो वर्ष 2017 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय पत्रकार, लेखक, गीतकार और जनसंपर्क पेशेवर हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत रिपोर्टर के रूप में की और समाचार पत्रों, न्यूज़ पोर्टलों तथा टीवी चैनलों में काम करते हुए मीडिया के विभिन्न प्रारूपों में अनुभव हासिल किया। वे झारखंड क्रांति खबर में उप-संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे पत्रकारिता के साथ जनसंपर्क एवं संचार कार्य से जुड़े हैं और धनबाद तथा झारखंड से संबंधित सामाजिक, राजनीतिक, प्रशासनिक एवं जनसरोकार के मुद्दों पर लगातार लिखते हैं। Aaryaa News पर उनके नाम से प्रकाशित खबरों में स्थानीय घटनाक्रम से लेकर राज्य की महत्वपूर्ण राजनीतिक एवं सामाजिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एम.ए. किया है। पत्रकारिता के साथ उन्हें साहित्य और रचनात्मक लेखन में भी विशेष रुचि है। वे हिंदी और खोरठा में गीत एवं कविताएं लिखते हैं और उनके लिखे कई गीत विभिन्न ऑडियो प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। पत्रकारिता, जनसंपर्क और रचनात्मक लेखन—इन तीनों क्षेत्रों में सक्रियता युधिष्ठिर महतो की पेशेवर पहचान को अलग आयाम देती है।

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