पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बीसीसीएल की ओपन-कास्ट कोयला खदान धंस गई। अवैध खनन के दौरान हादसा, कई मजदूर मलबे में फंसे। जेसीबी से रेस्क्यू जारी, कोई हताहत की पुष्टि नहीं। लेटेस्ट खबर।
अवैध माइनिंग का कहर: WB के आसनसोल में कोल माइन ढही, फंसे हुए लोगों की तलाश!
आसनसोल कोयला खदान हादसा: अवैध खनन ने मचाई तबाही, मजदूरों की जान पर बन आई
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में मंगलवार 13 जनवरी 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की ओपन-कास्ट खदान बोर्डिया इलाके में अचानक धंस गई। शुरुआती खबरों के मुताबिक, अवैध कोयला खनन के दौरान ये हादसा हुआ। मलबा गिरने से कई मजदूरों के फंसने का डर है। कुल्टी पुलिस स्टेशन के दायरे में आने वाली इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया। रेस्क्यू टीमें जेसीबी मशीनों से मलबा हटा रही हैं।
घटना दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही। खदान में कुछ लोग कोयला निकाल रहे थे। अचानक मिट्टी धंसने लगी और भारी मलबा गिर पड़ा। आसपास के लोग भागे, लेकिन कुछ के फंसने की आशंका है। बीसीसीएल अधिकारियों का कहना है कि ये उनकी आधिकारिक खदान नहीं, बल्कि अवैध खनन का मामला लगता है। पुलिस और कंपनी स्टाफ मौके पर पहुंचे। अभी तक कोई मौत की पुष्टि नहीं, लेकिन घायलों का अंदेशा। बचाव कार्य तेजी से चल रहा।
आसनसोल कोल बेल्ट भारत का बड़ा कोयला क्षेत्र है। यहां बीसीसीएल की कई खदानें हैं। लेकिन अवैध खनन की समस्या पुरानी है। गरीब मजदूर जोखिम उठाकर कोयला चुराते हैं, बेचते हैं। पिछले साल झारखंड में भी ऐसा हादसा हुआ था, एक मौत। केंद्र सरकार ने सख्ती की कोशिश की, लेकिन रुकावटें हैं। ये हादसा बीसीसीएल के आईपीओ बंद होने से ठीक पहले आया, जिससे सवाल उठे।
बचाव कार्य में जेसीबी, क्रेन लगीं। एनडीआरएफ की टीम बुलाई जा सकती। डॉक्टर और एम्बुलेंस तैयार। मजदूर ज्यादातर बिहार, झारखंड से। परिवार वाले इंतजार में। स्थानीय विधायक बोले, दोषियों पर एक्शन लेंगे। अवैध खनन पर रोक लगे।
पश्चिम बंगाल में कोयला खनन का इतिहास
आसनसोल रानीगंज कोलफील्ड का हिस्सा। 1774 से कोयला मिलना शुरू। बीसीसीएल 1975 में बनी। 100+ खदानें। लेकिन सेफ्टी इश्यूज। 2010 में दो मजदूर मरे। सरकार ने सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए।
अवैध खनन क्यों बढ़ा?
- गरीबी: मजदूरों को 200-500 रुपए रोज।
- ब्लैक मार्केट: कोयला 5000 रुपए क्विंटल।
- सिक्योरिटी ढीली: सीआईएसएफ कम।
परिणाम: हादसे।
हाल के कोयला हादसे
| साल | जगह | हताहत | कारण |
|---|---|---|---|
| 2026 | आसनसोल, WB | कई फंसे | अवैध खनन |
| 2025 | रामगढ़, झारखंड | 1 मृत | अवैध |
| 2023 | आसनसोल | कोई हानि नहीं | बंद खदान |
| 2010 | WB | 2 मृत | सेफ्टी ब्रेक |
खदान सेफ्टी के आंकड़े
भारत में 5 सालों में 500+ हादसे। 300 मौतें। कोल इंडिया पर 70%। स्रोत: मिनिस्ट्री ऑफ कोल।
बचाव के चरण
- मलबा हटाना: जेसीबी से।
- सर्च: डॉग स्क्वॉड अगर जरूरी।
- मेडिकल: घायलों को हॉस्पिटल।
- जांच: पुलिस एफआईआर।
सरकारी प्रतिक्रिया
मजदूरों की जिंदगी
ये लोग गांव से आते। फैमिली सपोर्ट। हेलमेट, मास्क नहीं। बीमा? शायद नहीं। हादसे में परिवार बर्बाद।
रोकथाम के उपाय
- फेंसिंग मजबूत।
- सीसीटीवी।
- जॉब कार्ड: वैध खनन।
- जागरूकता कैंप।
सरकार ने 2025 में कोल गैंग्स एक्ट सख्त किया।
पर्यावरण प्रभाव
अवैध खनन से जमीन बंजर। पानी प्रदूषित। जंगल नष्ट। आसनसोल में प्रदर्शन हुए।
आर्थिक नुकसान
बीसीसीएल का नुकसान करोड़ों। आईपीओ प्रभावित। कोयला उत्पादन रुका।
स्थानीय प्रभाव
बोर्डिया गांव डरा। स्कूल बंद। ट्रैफिक जाम। लोग प्रार्थना कर रहे।
कानूनी एक्शन
माइनिंग एक्ट 1957 के तहत केस। 5 साल जेल। जुर्माना। गैंग लीडर फरार?
हमारे लिए सीख
- सेफ्टी फर्स्ट।
- अवैध काम ना करें।
- हेल्पलाइन: 1800-xxx।
समाज को मजदूरों की चिंता।
ये हादसा कोयला उद्योग को झकझोर गया। अपडेट्स आते रहेंगे। मजदूर सुरक्षित निकलें, यही दुआ। सरकार सतर्क हो।
5 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- आसनसोल खदान हादसा कब हुआ?
13 जनवरी 2026 को दोपहर बोर्डिया में। अवैध खनन से धंसाव। - कितने मजदूर फंसे हैं?
कई के फंसने का डर। आधिकारिक संख्या नहीं। रेस्क्यू जारी। - बीसीसीएल की क्या भूमिका?
कहते हैं उनकी खदान नहीं। अवैध मामला। फिर भी रेस्क्यू कर रहे। - बचाव कार्य कैसा चल रहा?
जेसीबी से मलबा हटाना। पुलिस, कंपनी मौजूद। - ऐसे हादसे रोकने के उपाय?
फेंसिंग, सीसीटीवी, वैध जॉब। सख्त कानून।
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